नई दिल्ली: कृषि क्षेत्र में वृद्धि दर घटने से जुड़ी चिंता के संबंध में वित्तमंत्री अरुण जेटली ने कहा कि ‘इंद्र देवता इस सरकार पर उतने मेहरबान नहीं हैं जितने वह पिछली सरकारों पर थे। उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र में नरमी चुनौती पेश कर रही है, लेकिन सरकार अपना प्रदर्शन सुधारने के लिए प्रतिबद्ध है जबकि अर्थव्यवस्था के अन्य क्षेत्रों के बेहतर नतीजों से वृद्धि दर में और तेजी सुनिश्चित हो सकती है।
इंद्र देव नहीं रहे मेहरबान
जेटली ने भारत की वृद्धि की संभावनाओं से जुड़ी प्रतिकूल परिस्थितियों के बारे में कहा, हमारी 55 प्रतिशत आबादी कृषि पर निर्भर है और इंद्र देवता इस सरकार पर पिछले दो साल से उस तरह मेहरबान नहीं रहे हैं, जिस तरह वह पिछली सरकारों पर रहे। इसलिए कृषि वृद्धि में पिछले वित्त वर्ष और इस साल कोई बदलाव नहीं आया।
मॉनसून में अब आया है सुधार
उन्होंने कहा, जून और जुलाई में शुरुआत अच्छी रही, लेकिन अगस्त और सितंबर मॉनसून के लिहाज से निराशाजनक रहा। वित्त मंत्री ने यहां अंतरराष्ट्रीय निवेशकों के सम्मेलन में कहा, मुझे बताया गया है कि पिछले कुछ दिनों में मॉनसून लौटा है और सामान्य तथा सामान्य से कम के बीच का फर्क कम हुआ है। उन्होंने कहा कि देश के कुल सकल घरेलू उत्पाद का 15 प्रतिशत कृषि से आता है और बहुत बड़ी आबादी को विनिर्माण तथा सेवा क्षेत्र में लाने की जरूरत होगी।
इस संबंध में जेटली ने कहा कि नए शहर, स्मार्ट सिटी तथा उपनगरीय टाउनशिप बनाने की योजना है, जिसके लिए बुनियादी ढांचे की जरूरत है।
जेटली ने कहा कि साथ ही सरकार सिंचाई की व्यवस्था, ग्रामीण बुनियादी ढांचा और शहरों की तरह व्यवस्था मुहैया कराकर ग्रामीण क्षेत्रों को मजबूत कर रही है। उन्होंने कहा, जहां तक इस सरकार का सवाल है, यही इसकी प्राथमिकताएं हैं।