यह ख़बर 03 मई, 2011 को प्रकाशित हुई थी

9 पायलटों को अवमानना नोटिस, 185 उड़ानें रद्द

खास बातें

  • पायलटों की हड़ताल के सातवें दिन करीब 185 उड़ानों को रद्द किए जाने के बीच उच्च न्यायालय ने नौ पायलटों को अदालत की अवमानना का नोटिस जारी किया।
नई दिल्ली:

विमानन कम्पनी एयर इंडिया के पायलटों की हड़ताल के सातवें दिन मंगलवार को करीब 185 उड़ानों को रद्द किए जाने के बीच दिल्ली उच्च न्यायालय ने नौ पायलटों को अदालत की अवमानना का नोटिस जारी किया। जिनके नाम नोटिस जारी किया गया है वे पायलट भारतीय वाणिज्यिक पायलट संघ के पदाधिकारी हैं। उच्च न्यायालय के न्यायाधीश न्यायमूर्ति बीडी अहमद और न्यायमूर्ति वीना बीरबल की पीठ ने कहा, "25 मई को जब आपराधिक अवमानना की सुनवाई होगी तो सभी नौ पायलटों को अदालत में मौजूद रहना चाहिए।" संघ के अध्यक्ष और महासचिव सहित नौ पायलटों में एएस भिंडर, ऋषभ कपूर, रमेश गंगाधरन, राजेश कुएस्कर, रितेश मथांकर, नितीन महेंगाडे, अनूप जैन, अमितेश आहूजा और सकील नकवी शामिल हैं। नोटिस मिलने के बाद कैप्टन भिंडर ने कहा, "हम हड़ताल जारी रखेंगे। हम कोई भी परिणाम भुगतने के लिए तैयार हैं। हम जानते हैं कि हम सही हैं और हमें 800 पायलटों का समर्थन प्राप्त है।" उन्होंने कहा, "हम नोटिस के खिलाफ शीघ्र अपील करेंगे।" एयर इंडिया के कुल 1600 में से करीब आधे पायलट पूर्व में इंडियन एयरलाइंस के कर्मचारी थे जिसका वर्ष 2007 में एयर इंडिया में विलय कर दिया गया। वे 26 अप्रैल से एयर इंडिया के अपने साथियों के बराबर वेतन की मांग कर रहे हैं। इधर, सातवें दिन की स्थिति के बारे में एयर इंडिया के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, "मंगलवार को हम करीब 40 घरेलू उड़ानों का संचालन कर रहे हैं और करीब 185 उड़ानें रद्द हैं।" अधिकारी ने कहा कि पिछले मंगलवार की मध्य रात्रि से शुरू पायलटों की हड़ताल के कारण कुल करीब 885 उड़ानें रद्द की जा चुकी हैं, जिस कारण 70 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि एयरलाइन ने एक नई योजना बनाई है जिसके तहत हड़ताल जारी रहने तक वह 100 से 120 उड़ानों का संचालन करेगी जिसमें सस्ती एलायंस एयर की उड़ानें भी शामिल हैं। इससे पहले एयरलाइंस ने किंगफिशर एयरलाइंस से एयरबस विमान को किराये पर लिया था जिससे कि यात्रियों के बोझ को कम किया जा सके। नई योजना के तहत कम्पनी बड़े विमानों के साथ कम उड़ानों का संचालन करेगी। अधिकारी ने कहा, "अभी संचालन में कटौती जारी है। हमने पहले छह मई तक टिकट की बुकिंग स्थगित की थी। इस कारण यात्रियों का दबाव कम होगा और हम इस अवधि में स्थिति से उबर सकेंगे।" उधर, भारतीय वाणिज्यिक पायलट संघ के खिलाफ आपराधिक अवमानना के मामले की सुनवाई के दूसरे दिन उच्च न्यायालय ने मामले में अदालत की सहायता के लिए वरिष्ठ वकील सिद्धार्थ लूथरा को एमिकस क्यूरी नियुक्त करते हुए इंडिया प्रबंधन और हड़ताल करने वाले संघ से कहा, "आपके कारण देश को नुकसान हुआ है। इस नुकसान की भरपाई कौन करेगा?" एमिकस क्यूरी अदालत को मामले के विभिन्न पहलुओं से अवगत कराता है। खंडपीठ ने कहा, "नागरिकों के लिए परेशानी खड़ी कर आप राष्ट्र और नागरिकों को भारी नुकसान पहुंचाने के आरोपी हैं। अब यह नुकसान करदाताओं से वसूला जाएगा। नागरिकों पर दोहरी मार पड़ेगी।" न्यायमूर्ति अहमद और न्यायमूर्ति बीरबल ने कहा, "प्रबंधन नागरिकों से बेईमानी नहीं कर सकता। यदि वह ऐसा करते हैं तो इसकी चिंता करने के लिए हम यहां मौजूद हैं। हम विस्तृत मुद्दे पर विचार कर रहे हैं। हड़ताल खत्म करें।" एयर इंडिया सामान्य तौर पर प्रतिदिन 320 उड़ानें संचालित करती है। इस बीच जन समर्थन हासिल करने के लिए एयर इंडिया प्रबंधन ने हड़ताल के औचित्य पर सवाल उठाने वाले विज्ञापन विभिन्न समाचार पत्रों में प्रकाशित कराए हैं। इन विज्ञापनों में सरकारी क्षेत्र की इस विमानन कम्पनी ने कहा, "अधिकांश पायलटों को मुफ्त यात्रा और अन्य लाभों के अलावा 3.88 लाख रुपये प्रति महीने से लेकर 7 लाख रुपये प्रति महीने तक का वेतन मिलता है।" इसके अलावा कम्पनी ने हड़ताल की अवधि के लिए पायलटों को वेतन का भुगतान नहीं करने का फैसला किया है और पायलटों और उनके परिवार को दी जाने वाली मुफ्त यात्रा की सुविधा भी खत्म कर दी है।


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