पुराने नोटों में से 80% यानी 12.44 लाख करोड़ रुपये बैंकों में वापस आए : RBI

पुराने नोटों में से 80% यानी 12.44 लाख करोड़ रुपये बैंकों में वापस आए : RBI

प्रतीकात्मक चित्र

खास बातें

  • 10 दिसंबर तक बैंक काउंटरों, एटीएम से 4.61 लाख करोड़ रुपये जारी किए गए
  • बैंक शाखाओं और करेंसी चेस्ट को CCTV रिकॉर्डिंग संभालकर रखने का निर्देश
  • लोग नोटों की जमाखोरी न करें, उन्हें खर्च करें : RBI
नई दिल्ली:

नोटबंदी की घोषणा के बाद 10 दिसंबर तक बैंकों में 12.44 लाख करोड़ रुपये के पुराने नोट जमा हुए हैं. पीएम मोदी द्वारा नोटबंदी की घोषणा से पहले 500 और 1000 रुपये के नोटों में करीब 15.44 लाख करोड़ रुपये सर्कुलेशन में थे. रिजर्व बैंक की ताजा घोषणा के आधार पर अब तक 80 फीसदी पुराने नोट बैंकों में जमा हो चुके हैं.

रिजर्व बैंक के डिप्टी गवर्नर आर गांधी ने मंगलवार को संवाददाताओं से कहा कि रिजर्व बैंक और करेंसी चेस्ट को लौटाए गए पुराने नोट 12.44 लाख करोड़ रुपये के हैं. यह आंकड़ा 10 दिसंबर तक का है. उन्होंने बताया कि 10 दिसंबर तक विभिन्न बैंकों ने काउंटरों तथा एटीएम के जरिये 4.61 लाख करोड़ रुपये जारी किए हैं.

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आरबीआई डिप्टी गवर्नर ने कहा कि मात्रा के हिसाब से कुल 21.8 अरब नोट जारी हैं. इनमें से 20.1 अरब नोट 10, 20, 50 और 100 रुपये के हैं. वहीं 500 और 2,000 के कुल 1.7 अरब नए नोट जारी किए गए हैं.

गांधी ने कहा कि पूरी प्रणाली जनता के हाथों में नोट पहुंचाने के लिए काम कर रही है. हम हर दिन अधिक से अधिक नए नोट जारी कर रहे हैं. जनता से अपील की जाती है कि वे नोटों की जमाखोरी न करें और उन्हें खर्च करें.

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वहीं रिजर्व बैंक ने बैंकों से कहा है कि वे बैंक शाखाओं और करंसी चेस्ट के परिचालन की सीसीटीवी रिकॉर्डिंग को संभालकर रखें, ताकि प्रवर्तन एजेंसियों को उन लोगों की पहचान करने में आसानी हो जो नोटबंदी के बाद नए नोटों की जमाखोरी कर रहे हैं.

केंद्रीय बैंक ने इस बारे में मंगलवार को एक अधिसूचना जारी की है. इसमें बैंकों से कहा गया है कि वे 8 नवंबर से लेकर 30 दिसंबर 2016 तक बैंक शाखाओं और करंसी चेस्ट में लगे सीसीटीवी रिकार्डिंग संभालकर रखें. इससे पहले अक्टूबर  रिजर्व बैंक ने बैंकों से कहा था कि वे बैंक हॉल या परिसर तथा काउंटरों को सीसीटीवी के दायरे में लाएं.


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