यह ख़बर 10 मई, 2012 को प्रकाशित हुई थी

मार्च में देश में 8.1 अरब डॉलर का एफडीआई आया

खास बातें

  • वोडाफोन पर 11,000 करोड़ रुपये का कर लगाए जाने को लेकर मची हायतौबा के बावजूद देश में मार्च महीने में सर्वाधिक 8.1 अरब डॉलर का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) आया।
नई दिल्ली:

वोडाफोन पर 11,000 करोड़ रुपये का कर लगाए जाने को लेकर मची हायतौबा के बावजूद देश में मार्च महीने में सर्वाधिक 8.1 अरब डॉलर का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) आया। इस तरह मार्च माह में एफडीआई में लगभग आठ गुना का इजाफा हुआ।

अधिकारियों ने बताया कि वित्तवर्ष 2011-12 में देश में कुल 36.50 अरब डॉलर का एफडीआई आया। मार्च, 2011 में देश में 1.07 अरब डॉलर का एफडीआई आया था। फरवरी, 2011 में रिलायंस-ब्रिटिश पेट्रोलियम के बीच हुए 7.2 अरब डॉलर के सौदे ने एफडीआई का प्रवाह बढ़ाने में विशेष रूप से योगदान दिया।

हालांकि, ब्रिटेन की कंपनी से धन चरणों में आना है। बीपी ने रिलायंस इंडस्ट्रीज के 21 तेल क्षेत्रों में 30 प्रतिशत हिस्सेदारी का अधिग्रहण किया। इससे पहले सबसे ज्यादा 5.65 अरब डॉलर का एफडीआई पिछले साल जून में आया था। हालांकि औद्योगिक नीति एवं संवर्धन विभाग (डीआईपीपी) ने मार्च माह का आंकड़ा तैयार कर लिया है, लेकिन इसे अभी आधिकारिक तौर पर जारी किया जाना है।

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डीआईपीपी के अधिकारी के अनुसार, 2011-12 में जिन क्षेत्रों में सबसे ज्यादा प्रत्यक्ष विदेशी निवेश आया उनमें सेवा, फार्मा, दूरसंचार, निर्माण, बिजली क्षेत्र आदि शामिल हैं। 2010-11 में देश में 19.42 अरब डॉलर का विदेशी निवेश आया था। 2009-10 में देश में एफडीआई प्रवाह 25.83 अरब डॉलर रहा था।