खास बातें
- केंद्र सरकार 12वीं पंचवर्षीय योजना में शिक्षा पर 100 अरब डॉलर तक खर्च करेगी, जबकि मौजूदा योजना अवधि में अनुमानित खर्च 70 अरब डॉलर है।
नई दिल्ली: केंद्र सरकार 12वीं पंचवर्षीय योजना (2012-17) में शिक्षा पर 100 अरब डॉलर तक खर्च करेगी, जबकि मौजूदा योजना अवधि में अनुमानित खर्च 70 अरब डॉलर है। शुक्रवार को यह जानकारी प्रधानमंत्री के शिक्षा एवं नवप्रवर्तन सलाहकार सैम पित्रोदा ने दी। नौवीं प्रवासी भारतीय दिवस समारोह में पित्रोदा ने कहा, "हम 12वीं पंचवर्षीय योजना में शिक्षा पर करीब 100 अरब डॉलर खर्च करने जा रहे हैं। यह सूचना एवं प्रौद्योगिकी पर होने वाले लगभग 20 अरब डॉलर के अतिरिक्त खर्च होगा।" उन्होंने कहा कि सरकार ने शिक्षा के क्षेत्र में अधिक निवेश की खातिर निजी और प्रवासियों के लिए द्वार खुले रखे हैं। राष्ट्रीय नवप्रवर्तन परिषद के प्रमुख पित्रोदा ने कहा, "हमारी मंशा शिक्षा व्यवस्था को उदार बनाने की है। 1991 में हमने अर्थव्यवस्था को सुधारने के लिए जो किया, वह अब शिक्षा के लिए करने की जरूरत है।" उन्होंने कहा कि सरकार ने शिक्षा व्यवस्था में आमूल परिवर्तन के प्रति प्रतिबद्धता प्रकट की है, लेकिन विकास की गति संतोषप्रद नहीं है। राष्ट्रीय ज्ञान आयोग की संस्तुतियों का हवाला देते हुए पित्रोदा ने कहा, "हमने सिफारिशें की हैं, मंत्री को इन्हें अमल में लाना है। उन्होंने अभी तक ऐसा कदम नहीं उठाया है, जिससे मुझे संतोष मिले।" उन्होंने प्रवासी भारतीयों से भारत के शिक्षा क्षेत्र में निवेश करने को कहा। पित्रोदा ने कहा, "इस क्षेत्र में निजी निवेश केव्यापक सुअवसर हैं। मौका स्थानीय निवेशकों और प्रवासियों, दानों के लिए हैं।" उल्लेखनीय है कि नौवें प्रवासी दिवस समारोह में 15,00 से अधिक प्रवासी भारतीय भाग ले रहे हैं। भाग लेने वाले प्रवासी भारतीयों की संख्या पिछले वर्ष से 20 प्रतिशत अधिक है।