यह ख़बर 15 फ़रवरी, 2012 को प्रकाशित हुई थी

2जी घोटाला : एस्सार व लूप को नहीं मिली अंतरिम राहत

खास बातें

  • उच्चतम न्यायालय ने एस्सार ग्रुप तथा लूप टेलीकाम और इनके अधिकारियों के खिलाफ जारी सम्मन पर अंतरिम रोक लगाने से बुधवार को इनकार कर दिया।
नई दिल्ली:

उच्चतम न्यायालय ने एस्सार ग्रुप तथा लूप टेलीकाम और इनके अधिकारियों के खिलाफ जारी सम्मन पर अंतरिम रोक लगाने से बुधवार को इनकार कर दिया पर उनकी याचिका पर सुनवाई करना मंजूर कर लिया है। सीबीआई की विशेष अदालत ने 2जी स्पेक्ट्रम घोटाला मामले में कथित संलिप्तता के लिए इन दोनों समूहों की कतिपय कंपनियों तथा अधिकारियों को अभियुक्त बनाया है और उन्हें 22 फरवरी को अदालत में हाजिर होने के सम्मन जारी किए हैं। उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश जीएस सिंघवी तथा एसजे मुखोपाध्याय की खंडपीठ ने हालांकि विशेष अदालत के अधिकार क्षेत्र को चुनौती देने वाली उनकी याचिका को सुनवाई के लिए स्वीकार कर लिया है।

इस याचिका में कहा गया है कि करोड़ों रुपये के 2जी घोटाले में घपले में अन्य आरोपियों के खिलाभ भ्रष्टाचार निवारक कानून की घाराओं के तहत अभियोग लगाए गए हैं। इसके विपरीत उनके खिलाफ भ्रष्टाचार संबंधी अभियोग नहीं हैं। खंडपीठ ने कहा, 'अगर हम इस निष्कर्ष पर पहुंचे कि अदालत को इस मामले की सुनवाई का अधिकार नहीं है तो हम प्रक्रिया को खत्म कर देंगे। न्यायालय ने सीबीआई तथा अन्य पक्षों को भी नोटिस जारी किया है। इसमें उनसे इन कंपनियों की याचिका पर दो सप्ताह में जवाब देने को कहा गया है।

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