खास बातें
- सीबीआई ने 2जी मामले में औपचारिक रूप से आरोप पत्र दाखिल करने के लिए मंगलवार को सर्वोच्च न्यायालय से दो दिनों का अतिरिक्त समय मांगा।
New Delhi: सुप्रीम कोर्ट ने 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन घोटाला मामले में पूर्व दूरसंचार मंत्री ए राजा तथा अन्य के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल करने के लिए केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को दो दिन का और समय दे दिया। जांच एजेंसी अब 2 अप्रैल तक आरोपपत्र दाखिल करेगी। सीबीआई ने कहा कि फिलहाल वह न्यायालय को सौंपने के लिए 80,000 पृष्ठों वाले दस्तावेज को तैयार कर रही है। घोटाले की जांच के बारे में सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने सीलबंद लिफाफे में पूरी स्थिति रिपोर्ट न्यायाधीश जीएस सिंघवी और न्यायाधीश एके गांगुली की पीठ को सौंपी। रिपोर्ट में कहा गया है कि मामला बड़े पैमाने पर विदेशी विनिमय प्रबंधन कानून के उल्लंघन और बेनामी सौदों से जुड़ा है। रिपोर्ट देखने के बाद पीठ ने सीबीआई को आरोपपत्र दाखिल करने के लिए दो दिन का और समय दिया। इससे पहले न्यायालय ने आरोपपत्र दाखिल करने के लिए 31 मार्च तक का समय दिया था। अपनी रिपोर्ट में प्रवर्तन निदेशालय ने कहा कि रिजर्व बैंक के दिशा-निर्देशों का उल्लंघन कर उन दूरसंचार कंपनियों में विदेशी पैसा लगाया गया, जिन्हें राजा के कार्यकाल में लाइसेंस मिला। ईडी ने न्यायालय को सूचित किया कि एक दूरसंचार कंपनी को उसके एक शेयर के लिए 106.95 करोड़ रुपये मिले, जबकि उसका बाजार मूल्य मात्र 270 रुपये था।