Union Budget 2026 Team: बजट 2026 को लेकर देशभर में चर्चा तेज है. महंगाई, टैक्स, नौकरी, बचत और मिडिल क्लास की जेब से जुड़े बड़े फैसले अब आखिरी दौर में हैं. 1 फरवरी को रविवार के दिन वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) बजट पेश करने वाली हैं. यह उनका लगातार नौवां बजट होगा और वह ऐसा करने वाली देश की पहली वित्त मंत्री बन जाएंगी.लेकिन इस बजट के पीछे सिर्फ एक चेहरा नहीं, बल्कि एक पूरी मजबूत टीम है, जो दिन-रात मेहनत कर आम लोगों, मिडिल क्लास और टैक्सपेयर्स के लिए बड़ा प्लान तैयार कर रही है. आइए जानते हैं कि बजट 2026 की इस खास टीम (Budget 2026 Team) में कौन-कौन शामिल हैं.
इस बार बजट 2026 की टीम में कौन-कौन
यूनियन बजट 2026 की तैयारी नॉर्थ ब्लॉक में हो रही है, जहां अनुभवी अफसर और नए चेहरे मिलकर देश की आर्थिक दिशा तय कर रहे हैं. खास बात यह है कि इस बार बजट टीम में कुछ अहम पदों पर नए अधिकारी हैं, जिससे आगामी बजट में नई सोच और नया नजरिया दिख सकता है.
निर्मला सीतारमण और पंकज चौधरी की अहम भूमिका
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के साथ वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी बजट की हर चर्चा में शामिल हैं. मिडिल क्लास को राहत, टैक्स सिस्टम को आसान बनाना और सरकारी खर्च को कंट्रोल में रखना इस बार उनकी सबसे बड़ी प्राथमिकता मानी जा रही है.
अनुराधा ठाकुर (Anuradha Thakur)
अनुराधा ठाकुर साल 1994 बैच की अधिकारी हैं और बजट 2026 की सबसे अहम टीम मेंबर हैं. वह पहली महिला आर्थिक मामलों की सचिव (Economic Affairs Secretary)हैं और बजट की पूरी रूपरेखा उन्हीं की देखरेख में बन रही है.उनका फोकस देश की ग्रोथ को बनाए रखना, कर्ज को कंट्रोल में रखना और बाजार को मजबूत करना है. आने वाले समय में सरकार का ध्यान कर्ज और देश की जीडीपी के बीच बैलेंस पर रहेगा. आम लोगों के लिए इसका मतलब है कि सरकार खर्च और टैक्स दोनों में संतुलन बनाए रखने की कोशिश करेगी.
अनंत नागेश्वरन (V Anantha Nageswaran)
पिछले चार बजटों से जुड़े चीफ इकनॉमिक एडवाइजर(Chief Economic Adviser)अनंत नागेश्वरन बजट की आर्थिक सोच तैयार करने में बड़ी भूमिका निभा रहे हैं.बजट से पहले जो आर्थिक रिपोर्ट (Economic Survey) आती है वह भी उन्हीं की देखरेख में तैयार होती है.सरकार आने वाले समय में कर्ज कम करने और अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने की योजना पर काम कर रही है, जिसमें उनकी सलाह अहम मानी जाती है.
अरविंद श्रीवास्तव (Arvind Shrivastava)
अरविंद श्रीवास्तव भी साल 1994 बैच के अधिकारी हैं और राजस्व सचिव (Revenue Secretary) के रूप में काम कर रहे हैं.अगर आप इनकम टैक्स, जीएसटी या कस्टम ड्यूटी से जुड़े बदलाव का इंतजार कर रहे हैं, तो अरविंद श्रीवास्तव का नाम जानना जरूरी है. बजट 2026 में टैक्स कलेक्शन पर दबाव है, इसलिए वह टैक्स सिस्टम को आसान बनाने, टैक्स बेस बढ़ाने और नियमों को साफ रखने पर काम कर रहे हैं.उनकी कोशिश है कि टैक्स से जुड़े नियम आसान हों, ज्यादा लोग टैक्स के दायरे में आएं और सिस्टम साफ और समझने लायक बने मिडिल क्लास और बिजनेस दोनों के लिए यह राहत भरी खबर हो सकती है.
वी वुअलनाम (V Vualnam)
वी वुअलनाम साल 1992 बैच के अधिकारी हैं .सरकार पैसा कहां खर्च करें और कहां बचाएं, यह जिम्मेदारी वी वुअलनाम के पास है. वह एक्पेंडीचर सेक्रेटरी (Expenditure Secretary) हैं.बजट 2026 में राज्यों को मिलने वाले इंफ्रास्ट्रक्चर फंड, सब्सिडी और सरकारी योजनाओं की सही निगरानी में उनका बड़ा रोल होगा. उनका फोकस यह है कि सरकार का पैसा बेकार न जाए और सही जगह पहुंचे.
अरुणिश चावला (Arunish Chawla)
अरुणिश चावला साल 1992 बैच के अधिकारी हैं और सरकारी कंपनियों से जुड़े विभाग को देख रहे हैं.DIPAM सेक्रेटरी अरुणिश चावला सरकार की कमाई बढ़ाने के लिए सरकारी कंपनियों की बिक्री और लिस्टिंग पर काम कर रहे हैं.टैक्स से कम पैसा आए तो सरकार गैर-टैक्स कमाई पर ध्यान देती है, और यही बजट 2026 में अहम रहने वाला है.
एम नागराजू (M Nagaraju)
एम नागराजू साल 1993 बैच के अधिकारी हैं और बैंकिंग सिस्टम, लोन और एमएसएमई से जुड़े फैसले इन्हीं की देखरेख में हैं. वह फाइनेंशियल सर्विस सेक्रेटरी (Financial Services Secretary) हैं.बजट 2026 में सरकारी बैंकों को मजबूत करने, छोटे कारोबारियों और एक्सपोर्टर्स को आसान लोन देने पर चर्चा है. इससे नौकरी और बिजनेस दोनों को सपोर्ट मिल सकता है.
यह पूरी टीम टैक्स, नौकरी, महंगाई, बैंक, लोन और सरकारी खर्च से जुड़े फैसले लेती है.इस बार का बजट यह तय करेगा कि मिडिल क्लास की सैलरी, बचत और खर्च पर आने वाले साल में क्या असर पड़ेगा.














