
नेशनल फिल्म अवॉर्ड विजेता तिग्मांशु धुलिया आज बॉलीवुड में जाना माना नाम हैं और अपने 30 साल से भी ज्यादा लंबे करियर में पान सिंह तोमर(2012),हासिल(2003) और साहब बीवी और गैंगस्टर (2011) जैसी कल्ट क्लासिक फिल्में बना चुके हैं पर स्ट्रगल के दौर में उन्होंने अपनी शुरुआत हॉलिवुड में डायरेक्टर रहे शेखर कपूर की फिल्म बैन्डिट क्वीन (1994) में बतौर असिस्टन्ट डायरेक्टर की थी. अपने नए इंटरव्यू के दौरान उन्होंने शेखर कपूर के साथ रहे अनुभव, लद्दाख में शूट की गई पहली फिल्म और शाहरुख खान को पिलाई माइक्रोवेव की घटिया चाय के बारे में क्या कुछ कहा आइए जानते हैं.
शाहरुख खान के लिए बनाई थी घटिया चाय!
फिल्म ऐंड टेलिविजन इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया(FTII) के चेयरमैन रह चुके शेखर कपूर यूं तो आज बॉलीवुड में मिस्टर इंडिया(1987, मासूम(1983) और हॉलिवुड में एलिजाबेथ(1998) और दी फोर फेदर्स (2002) जैसी फिल्में बनाने के लिए मशहूर हैं पर एक वक्त में वे हिन्दी फिल्मों को हल्के में लेने के लिए पहचाने जाने लगे थे.
ANI के साथ इंटरव्यू के दौरान तिग्मांशु ने बताया कि बैन्डिट क्वीन के रिलीज के बाद 1-2 साल तक शेखर कपूर ने कुछ प्रोजेक्ट शुरू और बंद किए थे. इनमें से एक फिल्म का नाम था “मौत से जो डरते नहीं” जिसमें वह शाहरुख खान,सुनील शेट्टी और नसीरुद्दीन शाह को लेना चाहते थे. इससे पहले वे जोशीले (1989) को 80 फीसदी पूरा कर चुके थे लेकिन उस फिल्म का काम भी रोक दिया गया था.
शाहरुख के साथ के अपने किस्से को याद करते हुए उन्होंने बताया शेखर कपूर के घर पर एक बार शाहरुख खान आए थे. इस सिचुएशन में शेखर कपूर ने उन्हें यानी कि तिग्मांशु को चाय बनाने के लिए कह दिया. उन्होंने कहा, शेखर जी ने कहा, चाय बना दे यार. मैंने पहली बार देखा माइक्रोवेव होता क्या है. मैं आपको सन 1994 की बात बता रहा हूं. फिर भी मैं बहुत ही घटिया से चाय बनाकर शाहरुख खान को पिलाई थी. बता दें कि तिग्मांशु ने साल 2018 में आई जीरो में शाहरुख खान के पिता का रोल किया था.
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