डबल रोल वाली बॉलीवुड फिल्में अकसर दर्शकों को पसंद आई हैं. एक ही कलाकार जब दो किरदार निभाता है तो उसमें दो अलग शेड होते हैं और अपने चहेते सितारे को दो अलग-अलग अंदाज में देखना सिने प्रेमियों को लुभाता आया है. ऐसा ही कुछ 1970 में रिलीज हुई फिल्म सच्चा झूठा में भी था. फिल्म में राजेश खन्ना, विनोद खन्ना और मुमताज मुख्य किरदारों में थे. राजेश खन्ना की यह पहली फिल्म थी जिसमें वह डबल रोल निभा रहे थे. फिल्म में राजेश खन्ना के प्रेमी, भाई और गैंगस्टर के किरदार को दर्शकों का खूब प्यार मिला. यह फिल्म उस साल की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्मों की फेहरिस्त में भी शामिल हुई. फिल्म को मनमोहन देसाई ने डायरेक्ट किया था.
'सच्चा झूठा' की कहानी जितने रंग अपने में समेटे थी, वह कमाल थे और उन्हीं रंगों के साथ पिरोए गए इसके गीतों ने भी दर्शकों पर जादुई असर किया. फिल्म का म्यूजिक हिट रहा और राजेश खन्ना का अपनी बहन के लिए गाया गया गाना 'मेरी प्यारी बहनिया बनेगी दुलहनिया' तो हिंदी संगीत के इतिहास में अमर हो गया. ऐसा ही कोई विरला भाई होगा जिसने अपनी बहन की शादी पर इस गीत को न गाया हो. 'सच्चा झूठा' के गाने 'मेरी प्यारी बहनिया बनेगी दुलहनिया' को किशोर कुमार ने गाया जबकि इसका संगीत कल्याणजी आनंदजी ने दिया. इसके बोल इंदिवर ने लिखे.
'मेरी प्यारी बहनिया बनेगी दुलहनिया' के बोल अपने आप में कमाल थे. इंदिवर ने इस गीत को एक भाई के अपने बहन की शादी के नजरिये से लिखा था. 'मेरी प्यारी बहनिया बनेगी दुलहनिया' इंदिवर के सबसे लोकप्रिय गीतों में से हैं. इस गीत को लेकर आलम यह रहा है कि जब तक किसी शादी के बैंड में यह न बजे वह शादी अधूरी रहती थी. आज भी इसे अकसर बैंड में सुना जा सकता है. यही नहीं, इंदिवर ने राजेश खन्ना के लिए कई पॉपुलर गीत लिखे. दिलचस्प तो यह कि बिनाका गीतमाला की 1970 की सालाना टॉप 10 की लिस्ट में यह गाना दूसरे नंबर पर रहा था.
फिल्म का पहले नाम 'दिल सच्चा चेहरा झूठा' रखा गया था जिसे बाद में बदलकर सच्चा झूठा कर दिया गया. फिल्म की कहानी मनमोहन देसाई की पत्नी जीवनप्रभा ने लिखी थी. यह फिल्म राजेश खन्ना के लिए इसलिए भी अहम रही कि सच्चा झूठा के लिए उन्हें बेस्ट एक्टर के फिल्मफेयर पुरस्कार से नवाजा गया था. सच्चा झूठा के तमिल और कन्नड़ में भी रीमेक बने.
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