फिल्म इंडस्ट्री में किस्मत बनाने के लिए केवल टैलेंट ही जरूरी नहीं होता है. टैलेंट के साथ जरूरी हैं सितारे जो कि अगर सही बैठ जाएं तो किस्मत चमका देते हैं और वहीं अगर ये आपके फेवर में ना हों तो आपकी एड़ी चोटी का जोर भी आपको किसी मुकाम तक नहीं पहुंचा सकता. हर किसी किस्मत की एक अलग ही किताब होती है. यहां तक कि एक मां की कोख से पैदा हुए दो बच्चे भी अपनी अपनी तकदीर लिखवा कर आते हैं. आज ये बातें इसलिए क्योंकि आज हम आपको दो बहनों के बारे में बताने जा रहे हैं. वो बहनें जिन्होंने एक से सपने देखे, फिल्मों में काम भी शुरू किया लेकिन एक को मिला स्टारडम वहीं दूसरी कि किस्मत में लिखी थीं ठोकरें.
ये नामी स्टार सिस्टर्स कौन हैं? ये दोनों बहनें हैं डिंपल कपाड़िया और उनकी छोटी बहन सिंपल कपाड़िया. दोनों ने बॉलीवुड में अपने करियर की शुरुआत उस दौर के सुपरस्टार राजेश खन्ना के साथ की थी. डिंपल कपाड़िया ने 1973 में फिल्म ‘बॉबी' से डेब्यू किया, जो सुपरहिट साबित हुई और उन्हें रातोंरात स्टार बना दिया. इसके कुछ समय बाद उन्होंने राजेश खन्ना से शादी कर ली और कुछ साल के लिए एक्टिंग से दूर हो गईं. बाद में वापसी करने पर उन्होंने कई यादगार फिल्मों में काम किया, जैसे ‘सागर', ‘रुदाली' (जिसके लिए उन्हें राष्ट्रीय पुरस्कार मिला), और हाल की फिल्मों में भी वे एक्टिव रहीं. शादीशुदा रिश्ते की बात करें तो 1982 में वो राजेश खन्ना से अलग रहने लगीं.
दूसरी तरफ सिंपल कपाड़िया ने 1977 में फिल्म ‘अनुरोध' से एक्टिंग करियर की शुरुआत की, जिसमें उनके जीजा राजेश खन्ना ही लीड रोल में थे. सिंपल को एक्टिंग में वो शौहरत नहीं मिली जो उनक बहन डिंपल को मिली. कुछ फिल्मों के बाद उन्होंने एक्टिंग छोड़ दी और फैशन और कॉस्ट्यूम डिजाइनिंग की तरफ रुख किया. इस क्षेत्र में उन्होंने अच्छी पहचान बनाई और फिल्म ‘रुदाली' के लिए बेस्ट कॉस्ट्यूम डिजाइन का राष्ट्रीय पुरस्कार भी जीता.
दुखद ये रहा कि सिंपल कपाड़िया को 2006 में कैंसर हो गया. वे लंबे समय तक इस बीमारी से जूझती रहीं और 10 नवंबर 2009 को मुंबई के एक अस्पताल में उनका निधन हो गया. उस समय उनकी उम्र मात्र 51 साल थी.
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