एमी-नॉमिनेटेड फिल्ममेकर मंजरी मकिजानी जो Spin और Skater Girl जैसी फिल्में बना चुकी हैं. अब अपने पिता भारतीय कैरेक्टर एक्टर मैक मोहन पर बनने जा रही एक फीचर डॉक्यूमेंट्री “Discovering Sambha” को डायरेक्ट करेंगी, जिसे उनकी बहन विनती मकिजानी प्रोड्यूस करेंगी. यह प्रोजेक्ट भारत-ऑस्ट्रेलिया के ऑफिशियल को-प्रोडक्शन के तौर पर तैयार किया गया है. इसका प्रोडक्शन इस साल के आखिर में शुरू होगा और 2027 में इसे रिलीज करने की प्लानिंग की जा रही है. बता दें कि इस प्रोजेक्ट को कान्स फिल्म फेस्टिवल में पेश किया गया था.
50 साल से ज्यादा लंबा है फिल्मी करियर
मैक मोहन का करियर 50 साल से ज्यादा लंबा रहा और उन्होंने 280 से ज्यादा फिल्मों में काम किया. इनमें डॉन, शान, कर्ज, जंजीर, सत्ते पे सत्ता, त्रिशूल जैसी फिल्में शामिल हैं. उन्हें रमेश सिप्पी की 1975 की ब्लॉकबस्टर फिल्म शोले में सांभा के किरदार से हमेशा के लिए पहचान मिली. सांभा एक कम बोलने वाला गैंग मेंबर था और इस किरदार की वजह से मैक मोहन का नाम आज भी पीढ़ियों से लोगों की जुबान पर है.

“Discovering Sambha” में पुराने आर्काइव, परिवार की यादों और उनके साथ काम करने वाले साथियों के एक्सपीरियंस इस्तेमाल किया जाएंगे. यह फिल्म पहचान, विरासत और सिनेमा तथा निजी यादों के बीच के रिश्ते जैसे विषयों को गहराई से दिखाएगी. फिल्म हेरिटेज फाउंडेशन के फाउंडर और डायरेक्टर शिवेंद्र सिंह डूंगरपुर, जिन्होंने हाल ही में शोले को रीस्टोर किया था, इस प्रोजेक्ट में सलाहकार के तौर पर शामिल हुए हैं.
रोल छोटा हो या बड़ा हमेशा छाप छोड़ गए मैक
डूंगरपुर ने कहा, “मैक मोहन के भी उतने ही फैन थे जितने उस जमाने के बड़े हीरो के हुआ करते थे. उनका रोल चाहे छोटा हो या बड़ा, उन्होंने लोगों के दिलों और दिमाग पर एक गहरी छाप छोड़ी है. आज भी लोग उनकी फिल्में देखते हैं और उन्हें और उनके निभाए किरदारों को बड़े प्यार से याद करते हैं.”

मंजरी मकिजानी, प्रोड्यूसर इमैनुएल पापा (“Maya”) के साथ मिलकर ‘एशिया पैसिफिक पिक्चर्स' को संभालती हैं. यह एक ऐसा बैनर है जो ऑस्ट्रेलिया, भारत और पूरे एशिया-पैसिफिक क्षेत्र में फिल्म, डॉक्यूमेंट्री और टीवी प्रोजेक्ट्स पर फोकस करता है. विनती मकिजानी (“The Theory of Spice”) ‘मैक प्रोडक्शंस' को चलाती हैं. यह कंपनी असल में मैक मोहन ने ही शुरू की थी.
दुनिया के ज्यादातर लोगों के लिए सांभा थे मेरे पापा
डायरेक्टर मंजरी मकिजानी कहती हैं, “दुनिया के ज्यादातर लोगों के लिए मेरे पिता 'सांभा' थे. उनके बारे में इतनी सारी बातें हैं जो मैं आज भी उन लोगों के जरिए जान रही हूं जो मुझे जानने से पहले उन्हें जानते थे. फिल्म बनाने का यह सफर मेरे लिए शायद सबसे ज्यादा सुकून देने वाला रहा है. एक बेटी के तौर पर मैं अपनी बहन के साथ मिलकर उन यादों, उनकी गैर-मौजूदगी और उन जज्बातों को जोड़ रही हूं जिन्होंने हमारी जिंदगी को संवारा और मेरे अपने फिल्म बनाने के सफर पर भी गहरा असर डाला. यह फिल्म उस इंसान को फिर से जानने की एक बेहद निजी कहानी है जिसकी कमी मुझे सबसे ज्यादा खलती है – मेरे पिता.”

“हमारे पिता हमारे अपने होने से कहीं पहले ही दर्शकों के अपने बन चुके थे. इस डॉक्यूमेंट्री के जरिए हम कुछ ऐसा बनाना चाहते हैं जो जज्बाती तौर पर सच्चा हो और जिससे हर कोई खुद को जोड़ सके न सिर्फ उन लोगों के लिए जो 'शोले' देखते हुए बड़े हुए हैं, बल्कि हर उस इंसान के लिए जिसने कभी अपने माता-पिता को समझने की कोशिश की हो, उनकी विरासत को सहेजने की चाह रखी हो, या फिर यादों और कहानियों के जरिए अपने परिवार के इतिहास से फिर से जुड़ने की कोशिश की हो” प्रोड्यूसर विनती मकिजानी ने आगे कहा.
रवीना टंडन के मामा थे मैक मोहन
बॉलीवुड एक्ट्रेस रवीना टंडन, जो मैक मोहन की भांजी हैं, ने कहा: “मोहन मामा में गजब की नजाकत और सादगी थी. उनकी मौजूदगी से हर कमरा ठहाकों और कहानियों से भर जाता था. भले ही उन्होंने परदे पर एक पक्के विलेन का किरदार निभाया हो लेकिन असल जिंदगी में वे सोने जैसे दिल वाले एक बेहद प्यारे इंसान थे. ऐसे इंसान जिनसे मिलकर आपको अपनापन महसूस होता. मुझे इस बात पर गर्व है कि मंजरी और विनती जो कर रही हैं, वह कितना बेहतरीन काम है. वे सिर्फ एक एक्टर की विरासत को ही नहीं सहेज रही हैं बल्कि उस इंसान की रूह को भी जिंदा रख रही हैं जिसे हम सब परदे के पीछे जानते थे.”
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