देशभक्ति फिल्मों के लिए ‘भारत कुमार' के नाम से मशहूर सुपरस्टार मनोज कुमार का 4 अप्रैल शुक्रवार को मुंबई में निधन हो गया था, वह कुछ समय से बीमार थे और उम्र संबंधी समस्याओं के कारण कोकिलाबेन अंबानी अस्पताल में तड़के करीब साढ़े तीन बजे 87 वर्ष की उम्र में उन्होंने दुनिया को अलविदा कह दिया. इसी बीच शत्रुघ्न सिन्हा, जो मनोज कुमार के साथ क्रांति और संतोष फिल्म में काम कर चुके हैं. उन्होंने दिवंगत सुपरस्टार के साथ अपनी दोस्ती का जिक्र किया और बताया कि वह उनसे कुछ महीने पहले मिले थे.
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा, “मनोज कुमार सही मायनों में भारत रत्न थे. उन्हें धरतीपुत्र कहना सही था और वे देश के गौरव थे. वे केवल मेरे को एक्टर और निर्देशक नहीं थे, बल्कि एक बहुत अच्छे मित्र भी थे. हम पिछले तीन दशकों से नियमित रूप से संपर्क में थे. वे मुझे प्यार से रामायणवासी कहते थे क्योंकि मेरे घर का नाम रामायण है और जब मेरे बच्चे लव और कुश पैदा हुए, तो वे अस्पताल में हमसे मिलने आए थे. उन्होंने मेरे बच्चों का नाम रखा था और वे कहते थे, 'मैं उनका मामा हूं.'
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आगे उन्होंने कहा, उन्हें पूनम का खाना बहुत पसंद था और हम नियमित रूप से उनके घर उनकी पसंदीदा डिश भेजते थे. लगभग चार महीने पहले, हम उनसे उनके घर पर मिले, और मैंने उनसे उनके हेल्थ और होम्योपैथी दवाओं के बारे में पूछा क्योंकि वे इसके बारे में बहुत कुछ जानते थे. उन्होंने कहा, 'अरे शॉटगन छोड़ो वो बातें, मैं बहुत अच्छा और मजबूत हूं.'
सेट पर समय बिताने का जिक्र करते हुए शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा, "मैं हमेशा सेट पर देर से पहुंचता था, लेकिन उन्होंने मुझे कभी डांटा नहीं. वह कहते थे, 'तुम्हारे देर से आने की कोई वाजिब वजह होगी. चलो अब अपना काम समय पर खत्म करते हैं'. मैं उन्हें एक संपूर्ण कलाकार के रूप में याद करता हूं - एक प्रतिभाशाली एक्टर, उससे भी बेहतर निर्देशक और एडिटर, और उन्हें भारतीय सिनेमा के लिए जुनून था. वह कभी-कभी सेट पर सीन लिखते थे और एक बार में ही गाना शूट कर लेते थे. एक पॉजीटिव सोच, बेहतरीन सेंस ऑफ ह्यूमर और मौज-मस्ती करने वाले मनोज सर में देशभक्ति कूट-कूट कर भरी थी और मैं उन्हें हमेशा याद रखूंगा."
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