भोजपुरी सिनेमा को अक्सर सिर्फ तेज-तर्रार गानों और लोकल ऑडियंस तक सीमित समझा जाता है, लेकिन एक समय ऐसा भी आया जब इसी इंडस्ट्री की एक फिल्म ने पूरे देश का ध्यान अपनी ओर खींच लिया था. पैन-इंडिया टैग भले ही भोजपुरी (Bhojpuri) फिल्मों को न मिला हो, मगर कम बजट में बनी इन फिल्मों ने बॉक्स ऑफिस पर कई बार बड़े-बड़े हिंदी प्रोजेक्ट्स को पीछे छोड़ दिया है. इसी कड़ी में 22 साल पहले आई एक भोजपुरी फिल्म ने वो कर दिखाया, जिसकी किसी को उम्मीद नहीं थी. इस फिल्म ने ना सिर्फ रिकॉर्ड तोड़ कमाई की, बल्कि भोजपुरी सिनेमा को नई पहचान और दिशा भी दी. यह फिल्म आज भी दर्शकों के बीच उतनी ही पसंद की जाती है, जितनी रिलीज के वक्त थी.
कौन सी थी वो रिकॉर्ड तोड़ फिल्म?
हम बात कर रहे हैं साल 2003 में रिलीज हुई ‘ससुरा बड़ा पईसावाला (Sasura Bada Paisawala)' की. मनोज तिवारी और रानी चटर्जी की इस फिल्म को बेहद सीमित बजट में तैयार किया गया था, लेकिन कमाई के मामले में इसने इतिहास रच दिया. महज 30 लाख रुपये के बजट में बनी इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर करीब 36 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया था. यानी फिल्म ने अपने बजट से 120 गुना से भी ज्यादा की कमाई कर सबको चौंका दिया था. इस जबरदस्त सफलता ने यह साबित कर दिया कि कंटेंट दमदार हो, तो भाषा और बजट मायने नहीं रखते.
भोजपुरी सिनेमा को मिली नई पहचान
‘ससुरा बड़ा पईसावाला' की ऐतिहासिक सफलता के बाद भोजपुरी सिनेमा को नई उड़ान मिली. लोगों का नजरिया बदला और इस इंडस्ट्री को गंभीरता से देखा जाने लगा. जिस भोजपुरी सिनेमा को कभी मनोज तिवारी और रवि किशन के नाम से जाना जाता था, वही आगे चलकर दिनेश लाल यादव ‘निरहुआ', खेसारी लाल यादव और पवन सिंह जैसे सितारों की पहचान बना.
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अजय सिन्हा के निर्देशन में बनी यह रोमांटिक ड्रामा फिल्म एक प्रेम कहानी पर आधारित थी, जिसमें प्यार, संघर्ष और सामाजिक विरोध को दिखाया गया था. मनोज तिवारी और रानी चटर्जी की जोड़ी को दर्शकों ने हाथों-हाथ लिया और यही वजह रही कि यह फिल्म भोजपुरी सिनेमा की गेम-चेंजर बन गई.
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