चाहे अपनी कॉमिक टाइमिंग से हंसाना हो, दमदार किरदारों से प्रेरित करना हो, विलेन बनकर खौफ पैदा करना हो या सिनेमाघरों में दर्शकों से सीटियां बजवानी हों, रणवीर सिंह ने हिंदी सिनेमा को कई ऐसे यादगार डायलॉग दिए हैं जो आज भी लोगों की जुबान पर हैं. उनकी दमदार स्क्रीन प्रेजेंस, शानदार डायलॉग डिलीवरी और हर किरदार में पूरी तरह ढल जाने की कला ने उनके कई संवादों को फैंस का पसंदीदा बना दिया है. रणवीर सिंह के जन्मदिन के खास मौके पर आइए एक बार फिर उनके उन आइकॉनिक डायलॉग्स को याद करते हैं, जो आज भी दर्शकों के दिलों और यादों में पूरी शिद्दत के साथ बसे हुए हैं.
1. बैंड बाजा बारात (2010) – जब पहली ही फिल्म से बन गए स्टार
बिट्टू शर्मा के किरदार में रणवीर सिंह ने अपनी पहली ही फिल्म से दर्शकों का दिल जीत लिया. उनकी एनर्जी, कॉमिक टाइमिंग और दिल्ली वाले बिंदास अंदाज ने उनके कई डायलॉग्स को यादगार बना दिया.
"ले, ब्रेड पकोड़े की कसम!"
2. गोलियों की रासलीला राम-लीला (2013) – रोमांस, रौब और बेखौफ अंदाज
'राम' के किरदार में रणवीर ने प्यार और बेखौफ स्वैग का ऐसा मेल दिखाया कि उनके कई डायलॉग्स आज भी फैंस के पसंदीदा हैं.
"हीरो बनने के लिए जिगर की जरूरत पड़ती है… और जब जिगर हो तो भारी बंदूक का क्या काम?"
3. लूटेरा (2013) – कम शब्द, गहरी भावनाएं
'लूटेरा' में रणवीर सिंह ने अपने सबसे भावुक किरदारों में से एक निभाया. इस फिल्म में उन्होंने बेहद सादगी के साथ गहरे जज्बात पर्दे पर उतारे.
"मेरी जिंदगी में सबने मेरा इस्तेमाल किया… प्यार सिर्फ तुमने किया."
4. बाजीराव मस्तानी (2015) – एक योद्धा की शान
पेशवा बाजीराव के किरदार में रणवीर ने हर डायलॉग पूरी ताकत, आत्मविश्वास और शाही अंदाज के साथ बोला, जिसने इस किरदार को और भी यादगार बना दिया.
"बाजीराव की रफ्तार ही बाजीराव की पहचान है."
5. पद्मावत (2018) – एक ऐसा विलेन जिसे भुला पाना मुश्किल है
अलाउद्दीन खिलजी के किरदार में रणवीर सिंह ने ऐसा खौफ और जुनून दिखाया कि उनका हर डायलॉग आज भी याद किया जाता है.
"खिलजियों ने आज तक कभी हार कबूल नहीं की… सूरज डूबने से पहले भेज दो सिपाही… नाप लेते हैं इन राजपूतों की औकात."
6. सिम्बा (2018) – पूरा पैसा वसूल एंटरटेनर
संग्राम 'सिम्बा' भालेराव के किरदार में रणवीर ने ऐसे दमदार डायलॉग्स बोले, जिन पर सिनेमाघरों में खूब सीटियां और तालियां बजीं.
"जो देतो त्रास, त्यांचा मी घेतो क्लास."
7. 83 (2021) – जब हर भारतीय का सीना गर्व से चौड़ा हो गया
कपिल देव के किरदार में रणवीर सिंह ने देशभक्ति और जज़्बे को पूरी ईमानदारी के साथ पर्दे पर उतारा. उनके कई संवाद दर्शकों के दिलों को छू गए.
"जब हम ये यूनिफॉर्म पहनकर ग्राउंड में उतरते हैं, तो हमारा एक ही मकसद होता है - जान लगाकर देश के लिए खेलना."
8. रॉकी और रानी की प्रेम कहानी (2023) – स्टाइल, स्वैग और भरपूर कॉमेडी
रॉकी रंधावा का बेफिक्र और रंगीन अंदाज दर्शकों को खूब पसंद आया. उनके डायलॉग्स ने इस किरदार को और भी यादगार बना दिया.
"ताड़ लो जितना ताड़ना है… देखने की चीज हूं, बड़ी मेहनत से बनाई है… ऑल नेचुरल, नो स्टेरॉयड्स."
9. धुरंधर – हमजा का दमदार आगाज
'धुरंधर' में रणवीर सिंह ने अपने जबरदस्त ट्रांसफॉर्मेशन और दमदार डायलॉग डिलीवरी से हमजा के किरदार को नई पहचान दी. यह किरदार देखते ही देखते दर्शकों का पसंदीदा बन गया और इसके डायलॉग्स सिनेमाघरों में खूब गूंजे.
"घायल हूं, इसलिए घातक हूं."
"ये नया हिंदुस्तान है, ये घर में घुसेगा भी और मारेगा भी."
10. धुरंधर: द रिवेंज - पहले से भी ज्यादा दमदार वापसी
'धुरंधर: द रिवेंज' में रणवीर सिंह ने हमजा के किरदार को और बड़े स्तर पर पेश किया. उनकी दमदार स्क्रीन प्रेजेंस और जोशीले डायलॉग्स ने दर्शकों पर गहरी छाप छोड़ी.
"अब पाकिस्तान का मुस्तकबिल हिंदुस्तान तय करेगा"
"अगर तुम लोगों के पटाखे खत्म हो गए हो, तो मैं धमाका शुरू करूं."
बिट्टू शर्मा की मासूमियत से लेकर राम के बेखौफ अंदाज, बाजीराव की शान, खिलजी की खौफनाक मौजूदगी, रॉकी रंधावा के स्वैग और हमजा के दमदार तेवर तक, रणवीर सिंह ने ऐसे किरदार निभाए हैं जिनके डायलॉग्स भी उतने ही आइकॉनिक बन चुके हैं जितने खुद उनके किरदार. भारतीय सिनेमा के 'बब्बर शेर' रणवीर सिंह के जन्मदिन पर उनके ये यादगार संवाद एक बार फिर याद दिलाते हैं कि वह हर किरदार के साथ दर्शकों पर अपनी अलग और गहरी छाप छोड़ते हैं.
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