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नेटफ्लिक्स है कि मानता नहीं, सेक्रेड गेम्स से घूसखोर पंडत तक, कभी बदलना पड़ा नाम तो कभी हटानी पड़ी फिल्म

नेटफ्लिक्स की फिल्मों और टाइटल को लेकर अकसर विवाद होता रहता है. अब उनकी फिल्म घूसखोर पंडत को लेकर दिल्ली हाई कोर्ट का फैसला आ गया है. आइए जानते हैं कुछ बड़े विवादों के बारे में.

नेटफ्लिक्स है कि मानता नहीं, सेक्रेड गेम्स से घूसखोर पंडत तक, कभी बदलना पड़ा नाम तो कभी हटानी पड़ी फिल्म
Netflix Controversies: नेटफ्लिक्स का विवादों से है पुराना रिश्ता

नेटफ्लिक्स की फिल्मों और वेब सीरीज को लेकर भारत में कई बार बड़े विवाद हुए हैं. ये विवाद ज्यादातर धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने, जातिगत अपमान, ऐतिहासिक घटनाओं के गलत चित्रण, या संवेदनशील विषयों (जैसे हिंदू-मुस्लिम संबंध, मांसाहार, आदि) से जुड़े रहे हैं. कई मामलों में FIR दर्ज हुईं, लीगल नोटिस भेजे गए, बॉयकॉट की मांग हुई, और कुछ कंटेंट को हटाना पड़ा या बदलाव करने पड़े. कुल मिलाकर, भारत में नेटफ्लिक्स को धार्मिक/जातिगत संवेदनशीलता के कारण बार-बार चुनौतियों का सामना करना पड़ता है, और कई बार कंटेंट हटाना या प्रमोशन रोकना पड़ता है.

समय-समय पर ये सवाल उठते रहे हैं कि ये ओटीटी प्लेटफॉर्म ऐसा क्या लोकप्रियता हासिल करने के लिए करता है क्योंकि टाइटल 'घूसखोर पंडत' पर भी खूब विवाद हो रहा है. अब कोर्ट के फैसले के बाद इस टाइटल को चेंज भी करना पड़ रहा है. ऐसे में इस तरह के विवादों को लेकर सवाल उठना लाजिमी है क्योंकि कहा जाता है कि बदनाम हुए तो क्या नाम न होगा. अकसर विवाद की वजह से कॉन्टेंट सुर्खियों में आता है और उससे जुड़ा प्लेटफॉर्म भी.

आइए एक नजर डालते हैं किस तरह से भारत में अपनी पहली सीरीज से लेकर हालिया फिल्म तक नेटफ्लिक्स हमेशा विवादों के साथ जुड़़ा रहा है. 

1. घूसखोर पंडत (2026)

नीरज पांडे निर्देशित और मनोज बाजपेयी अभिनीत यह फिल्म रिलीज से पहले ही बड़े विवाद में घिर गई है. टाइटल को ब्राह्मण समुदाय के खिलाफ अपमानजनक बताकर विरोध हुआ. लखनऊ में FIR दर्ज हुई, मेरठ फिल्म सोसाइटी ने लीगल नोटिस भेजा, प्रयागराज में साधु-संतों ने विरोध किया. नेटफ्लिक्स ने टीजर और प्रमोशनल कंटेंट हटा दिया. निर्देशक ने सफाई दी कि फिल्म किसी जाति का प्रतिनिधित्व नहीं करती, लेकिन विवाद बढ़ता गया और बॉयकॉट की धमकी मिली. दिल्ली हाई कोर्ट ने नेटफ्लिक्स की फिल्म ‘घूसखोर पंडत' पर रोक की मांग वाली याचिका का निपटारा किया. नेटफ्लिक्स ने अदालत को बताया कि वे फिल्म का शीर्षक बदलेंगे और सारा प्रमोशनल कंटेंट सोशल मीडिया से हटा दिया गया है. 

2. आईसी 814: द कंधार हाइजैक (2024)

1999 के इंडियन एयरलाइंस हाईजैक पर बनी यह वेब सीरीज विवादास्पद रही. हाईजैकर्स को हिंदू नाम (जैसे भोला, शंकर) दिखाने पर कम्युनल आउट्रेज हुआ. इसे हिंदू भावनाओं को ठेस पहुंचाने और आतंकवाद को सफेद करने का आरोप लगा. सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने नेटफ्लिक्स इंडिया की कंटेंट हेड को तलब किया, और विवाद काफी बढ़ा.

3. अन्नापूर्णी: द गॉडेस ऑफ फूड (2024)

ब्राह्मण परिवार की एक महिला शेफ की कहानी, जिसमें मांस खाने और हिंदू देवताओं के संदर्भ आए थे. हिंदू ग्रुप्स ने विरोध किया, FIR दर्ज हुईं. Netflix ने फिल्म को भारत सहित ग्लोबली प्लेटफॉर्म से हटा दिया.

4. सेक्रेड गेम्स (2018-2019)

नेटफ्लिक्स की पहली बड़ी इंडियन ओरिजिनल सीरीज. सेमी-न्यूड सीन, हिंसा, राजनीति और कुछ डायलॉग्स पर सिख और हिंदू भावनाओं को ठेस पहुंचाने के आरोप लगे. कई कोर्ट केस हुए, लेकिन नेटफ्लिक्स ने कुछ बदलाव कर केस सुलझाए.

5. महाराज (2024)

पुष्टिमार्ग संप्रदाय से जुड़े धार्मिक आरोपों पर गुजरात हाई कोर्ट ने रिलीज पर स्टे लगाया था (बाद में हटा). लेकिन बाद में इसमें कुछ भी आपत्तिजनक ना पाने की वजह से इसे जस की तस रिलीज कर दिया गया था.

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