कृतिका चौधरी के मुंबई वाले अपार्टमेंट में टीवी चल रहा था. एयर कंडीशनर भी चालू था. सामने का दरवाजा बाहर से बंद था. कृतिका कई दिनों से दिखाई नहीं दी थीं. जब पड़ोसियों तक बदबू पहुंची तब कहीं जाकर पता चला कि 27 साल की यह एक्ट्रेस मर चुकी है. 12 जून 2017 को दोपहर करीब 3:45 बजे अंधेरी वेस्ट की श्री भैरवनाथ SRA सोसाइटी के लोगों ने पुलिस को खबर दी. पांचवीं मंजिल पर एक बुरी गंध फैल रही थी, जो साफ तौर पर फ़्लैट नंबर 503 से आ रही थी.
कृतिका उस फ्लैट में अकेली रहती थीं. पड़ोसी उनके बारे में ज्यादा नहीं जानते थे. बस कभी-कभी उन्हें बिल्डिंग में आते-जाते देखते थे. अब उन्हें उनके बंद घर के अंदर टीवी चलने की आवाज सुनाई दे रही थी. सब-इंस्पेक्टर श्रीकांत जाधव और उनकी टीम अपार्टमेंट में दाखिल हुई और उन्हें बिस्तर पर कृतिका की सड़ती हुई लाश मिली. कृतिका ने नाइटगाउन पहना हुआ था और उनके सिर पर गंभीर चोट लगी थी.
लाश के पास खून से सना हुआ एक 'ब्रास नकल' पड़ा था. फ्लैट के अंदर एक सफेद पाउडर भी मिला, जिसके ड्रग्स होने का शक था. कृतिका का मोबाइल फोन बिस्तर के पास पड़ा था, जिस पर परिवार वालों की लगातार कॉल आ रही थी. कृतिका का परिवार उनसे संपर्क करने की कोशिश कर रहा था. उनके भाई, दीपक चौधरी ने आखिरी बार उनसे 8 जून को बात की थी. उसके बाद उन्होंने फोन उठाना बंद कर दिया.

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कृतिका ने अपनी मौत से कुछ समय पहले ही अपना 27वां जन्मदिन मनाया था. उनकी लाश मिलने से चार दिन पहले, एक पुराने दोस्त ने उन्हें जन्मदिन का मैसेज भेजा था. कोई जवाब नहीं मिला. पोस्टमॉर्टम से पता चला कि कृतिका की मौत सिर पर गंभीर चोट लगने से हुई थी. पुलिस जांच के मुताबिक, उन पर तीन बार वार किया गया था. लेकिन जिसने भी उनकी हत्या की थी, ऐसा लगता है कि उसने इस चीज का ध्यान रखा कि ये खबर जल्दी बाहर ना आए. हत्यारों ने अपार्टमेंट से बाहर निकलने और बाहर से ताला लगाने से पहले टीवी और एयर कंडीशनर चालू छोड़ दिए थे. पुलिस का मानना था कि ऐसा शक को टालने और शव के सड़ने की प्रोसेस को धीमा करने के लिए किया गया था.
अपार्टमेंट के अंदर एक और अहम सुराग मिला. एक आदमी की शर्ट जिस पर कृतिका का खून लगा था. इस शर्ट से उन्हें उन दो लोगों तक पहुंचने में मदद मिली जिन्हें हत्या के समय बिल्डिंग से निकलते हुए देखा गया था.
जांच के दायरे में आ गई पर्सनल लाइफ
कृतिका एक अपना सपना पूरा करने के लिए मुंबई आई थीं. मूल रूप से उत्तराखंड के हरिद्वार की रहने वाली कृतिका पहले दिल्ली गईं और एक सेलफोन नेटवर्क कंपनी में काम किया. बाद में उन्होंने शादी की और 2011 में मुंबई आ गईं.
ज्यादा दिन नहीं चली शादी
रिपोर्ट्स के मुताबिक कृतिका की मुलाकात दिल्ली में काम करने के दौरान विजय द्विवेदी से हुई थी और बाद में उसे पता चला कि वह पहले से शादीशुदा था. कहा जाता है कि उसने अपनी पहली पत्नी को तलाक देकर कृतिका से शादी की थी, लेकिन बाद में दोनों अलग हो गए क्योंकि कृतिका को पता चला कि वह उसे धोखा दे रहा था.

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बाद में द्विवेदी को जबरन वसूली के एक अलग मामले में गिरफ्तार किया गया. रिपोर्ट्स में उसे श्वेता तिवारी और गोविंदा जैसी मशहूर हस्तियों से जुड़े कथित धोखाधड़ी के मामलों से भी जोड़ा गया. कृतिका की मौत से छह महीने पहले, उसने कथित तौर पर उससे संपर्क किया था और रिश्ता फिर से शुरू करने के लिए कहा था. लेकिन कृतिका ने मना कर दिया.
पुलिस ने 23 जून को उससे पूछताछ की, लेकिन जांच का रुख जल्द ही दूसरी तरफ मुड़ गया. तलाक के बाद, कृतिका ने एक्टिंग और मॉडलिंग को ज्यादा सीरियसली लिया. वह 'परिचय' और 'सावधान इंडिया' जैसे टीवी शो में नजर आईं, बालाजी प्रोडक्शंस के कई प्रोजेक्ट्स में काम किया और 2013 की फिल्म 'रज्जो' में कंगना रनौत की बहन का किरदार निभाया. हालांकि, उसकी निजी जिंदगी में परेशानियां बढ़ती जा रही थीं.
'कृतिका ने कई बार आत्महत्या की कोशिश की'
एक पुराने दोस्त ने 'द क्विंट' को बताया कि कृतिका ड्रग्स की लत से जूझ रही थी और उन्होंने कई बार आत्महत्या की कोशिश की थी. दोस्त ने बताया कि कृतिका की कलाइयों पर कटने के निशान थे और एक बार नशे की हालत में उसने अपनी बिल्डिंग की छत से कूदने की धमकी भी दी थी.
उस समय वह दोस्त मुंबई से बाहर था और उसने मदद के लिए अपने भाई को भेजा. जब तक वह पहुंचा, नीचे भीड़ जमा हो चुकी थी और पुलिस को बुलाया जा चुका था. वह कृतिका को वहां से दूर ले आने और उसके फ्लैट तक वापस ले जाने में कामयाब रहा. खबरों के अनुसार, इस घटना से हाउसिंग सोसाइटी के सदस्य परेशान हो गए थे. बाद में कृतिका दूसरे अपार्टमेंट में चली गई.
CCTV फुटेज ने बदला गेम
जब जांच करने वालों ने कृतिका के आखिरी दिनों की घटनाक्रम को समझने की कोशिश की, तो उसकी बिल्डिंग के CCTV फुटेज से पहला बड़ा सुराग मिला. दो अनजान आदमी उनके अपार्टमेंट से निकलते हुए रिकॉर्ड हुए थे. माना जाता है कि उसी समय उनकी हत्या हुई थी. उनके भाई ने पुलिस को यह भी बताया कि उसके कुछ गहने और कीमती सामान गायब लग रहे थे.
जांच करने वालों ने फ्लैट में मिली खून से सनी शर्ट का पता लगाने के लिए लोगों और दुकानदारों से पूछताछ शुरू की. उससे मिले DNA का इस्तेमाल भी जांच के दौरान किया गया. मुखबिरों की मदद से, पुलिस ने आखिरकार दोनों संदिग्धों को पनवेल में ढूंढ निकाला. उनकी पहचान नालासोपारा के रहने वाले शकील नसीम और गोवंडी के वासुदेव के तौर पर हुई.
कहा जाता है कि पुलिस के उन्हें ढूंढने की बात पता चलने के बाद वे अपनी जगह बदलते रहे. पहले वे मालवणी में छिपे और बाद में पनवेल चले गए. उनकी गिरफ्तारी से एक ऐसी वजह सामने आई जिसने कृतिका के परिवार को चौंका दिया.
6000 रुपये का कर्ज
पुलिस का दावा है कि उसकी हत्या 6000 रुपये के लिए की गई थी. जांच करने वालों के मुताबिक नसीम एक ड्रग डीलर था जिसने करीब एक साल पहले कृतिका को ड्रग्स सप्लाई किए थे. उस पर नसीम के 6000 रुपये बकाया थे और वह बार-बार पैसे लौटाने में देरी कर रही थी.
नसीम को ड्रग तस्करी और कार चोरी के एक और मामले में भी गिरफ्तार किया जा चुका था. पुलिस ने बताया कि जेल से छूटने के बाद उसे पैसों की जरूरत थी और उसने कर्ज वसूलने की कोशिश शुरू कर दी.

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कृतिका से सीधे संपर्क न हो पाने पर, उसने कथित तौर पर जान-पहचान वालों के जरिए उसका पता हासिल किया. जब वह पहली बार उससे मिलने गया, तो उसने उसे कुछ दिनों बाद आने को कहा. जब वह दोबारा गया, तो उसने कथित तौर पर पेमेंट फिर टाल दिया.
डिनर के दौरान बहस
पुलिस ने बताया कि 8 जून को नसीम, वासुदेव के साथ कृतिका के अपार्टमेंट में वापस गया. मुलाकात तुरंत हिंसक नहीं हुई. जांच के मुताबिक, तीनों ने बातचीत की और साथ में डिनर भी किया. पुलिस का आरोप है कि नसीम ने अपार्टमेंट में लाए गए 'ब्रास नकल्स' से कृतिका पर हमला किया और उसके सिर पर तीन बार वार किया. इन चोटों के कारण उसकी मौत हो गई.
जांच करने वालों ने बताया कि नसीम अपने साथ बदलने के लिए कपड़े भी लाया था. जब कृतिका का खून उसकी शर्ट पर लगा, तो उसने कथित तौर पर उसे उतार दिया और वहीं छोड़ दिया. इसके बाद उन लोगों ने टेलीविजन और एयर कंडीशनर चालू किया, दरवाजा बाहर से बंद किया और भाग गए.
कृतिका के परिवार ने मकसद पर सवाल उठाए
फिर भी 6000 रुपये वाली बात ने कृतिका के परिवार को कभी पूरी तरह से यकीन नहीं दिलाया. पुलिस को उनके अपार्टमेंट से 22,000 रुपये नकद मिले थे जो उन्होंने परिवार को सौंप दिए. दीपक ने सवाल किया कि उसकी बहन ऐसे कर्ज के लिए अपनी जान क्यों जोखिम में डालेगी जिसे वह तुरंत चुका सकती थी. कृतिका की मां और भाई उसका शव लेने मुंबई गए. शव की हालत को देखते हुए परिवार ने अंधेरी श्मशान घाट पर उसका अंतिम संस्कार किया.
एक होनहार करियर का दुखद अंत
मौत से पहले, खबर है कि कृतिका को एक टेलीविजन सीरियल में असिस्टेंट डायरेक्टर का काम मिल गया था. उसके भाई ने बताया कि उसने डायरेक्टर के तौर पर अपनी शुरुआत करने के बारे में भी बात की थी. उसने एक ऐसे इंडस्ट्री में छोटे-मोटे रोल पाने के लिए सालों तक संघर्ष किया था जहां मौके मिलना बहुत मुश्किल होता है.
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आखिरकार, जिस सुराग से पता चला कि उसके साथ क्या हुआ था, वह किसी ऑडिशन रूम या फिल्म सेट पर नहीं छिपा था. वह उसके बंद अपार्टमेंट के अंदर पड़ा था: खून से सनी एक शर्ट, जिसे उन लोगों ने वहीं छोड़ दिया था, जिन्होंने पुलिस के मुताबिक 6,000 रुपये के लिए उसकी हत्या कर दी थी.
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