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वो फिल्म, जिसमें खलनायिका बनी थी 'आशिकी' गर्ल, सुपरहिट फिल्म की फ्लॉप कॉपी, जितेंद्र-जया प्रदा थे लीड, IMDb रेटिंग 3.8

साल 1993 में जया प्रदा और जितेंद्र की एक फिल्म आई थी, जो बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप नहीं डिजास्टर साबित हुई. इसमें आशिकी फेम अनु अग्रवाल विलेन के रोल में थीं.

वो फिल्म, जिसमें खलनायिका बनी थी 'आशिकी' गर्ल, सुपरहिट फिल्म की फ्लॉप कॉपी, जितेंद्र-जया प्रदा थे लीड, IMDb रेटिंग 3.8
खलनायिका में अनु अग्रवाल बनी थीं विलेन

'आशिकी' फेम अभिनेत्री अनु अग्रवाल अक्सर सोशल मीडिया पर जिंदगी से जुड़े अपने किस्से-कहानियों को प्रशंसकों के साथ साझा करती रहती हैं. इसी कड़ी में उन्होंने साल 1993 में रिलीज फिल्म 'खलनायिका' से जुड़े 'ब्रेस्टफीडिंग' वाले सीन पर बात की. अभिनेत्री का मानना है कि वो सीन बोल्ड नहीं बल्कि स्वाभाविक था. ‘खलनायिका' फिल्म का जिक्र करते हुए अभिनेत्री अनु अग्रवाल ने कहा कि फिल्म के उस चर्चित सीन को उन्होंने कभी बोल्ड नहीं माना. उन्होंने इसे जीवन की सबसे स्वाभाविक चीज बताया. उन्होंने साफ कहा कि अभिनय के दौरान उन्हें किरदार की मांग के अनुसार काम करना पड़ता है, भले ही बाहर से वह कितना भी विवादास्पद क्यों न लगे.

साल 1993 में रिलीज हुई फिल्म

साल 1993 में रिलीज हुई फिल्म में अनु अग्रवाल ने एक चालाक नैनी (आया) का किरदार निभाया था. फिल्म के एक महत्वपूर्ण सीन में वह उस परिवार के बच्चे को दूध पिलाती नजर आती हैं, ताकि बच्चे को उसकी असली मां से अलग किया जा सके. कई लोगों ने इस सीन को बोल्ड बताया था, लेकिन अनु अग्रवाल के लिए यह सिर्फ किरदार की मांग थी. अनु ने इंस्टाग्राम पर इस सीन की तीन तस्वीरों को पोस्ट करते हुए लिखा, “खलनायिका. फिल्म में एक ऐसा पल था, जिसे कई लोगों ने बोल्ड कहा. मेरे लिए यह बोल्ड नहीं था. यह सबसे स्वाभाविक चीज थी.”

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उन्होंने आगे कहा, “एक एक्टर के तौर पर मुझे सही और गलत के अपने नजरिए से हटकर सोचना पड़ा. किरदार को पूरी सच्चाई से निभाने के लिए मुझे उसके हर काम को सही ठहराते हुए देखना पड़ा. यह मेरे लिए बस एक और सीन था, जिसे मुझे निभाना था. असल में फिल्म में और भी कई सीन इससे कहीं ज्यादा मुश्किल थे." 'खल-नायिका' अमेरिकी फिल्म ‘द हैंड दैट रॉक्स द क्रेडल' का हिंदी रीमेक थी. फिल्म का निर्देशन सावन कुमार ने किया था. इसमें जितेंद्र, जया प्रदा और अनु अग्रवाल मुख्य भूमिकाओं में थे.

फिल्म की कहानी 

कहानी एक गर्भवती महिला के इर्द-गिर्द घूमती है, जिसके पति पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगता है. इसके बाद वह अपने पति और अजन्मे बच्चे की मौत का बदला लेने के लिए साजिश रचती है. अनु अग्रवाल ने 1990 में फिल्मी करियर की शुरुआत की. उन्होंने ‘गजब तमाशा', ‘किंग अंकल', ‘खल-नायिका', ‘जनम कुंडली' और ‘राम शास्त्र' जैसी फिल्मों में काम किया. उनकी आखिरी फिल्म ‘रिटर्न ऑफ ज्वेल थीफ' 1996 में रिलीज हुई थी. 1999 में अनु अग्रवाल एक गंभीर कार दुर्घटना का शिकार हो गई थीं.

फिल्म के टाइटल को लेकर हुआ विवाद

फिल्ममेकर सुभाष घई सावन कुमार के बीच फिल्म खलनायक और खलनायिका के टाइटल को लेकर दिलचस्प विवाद हुआ. एक पार्टी में, जो शत्रुघ्न सिन्हा के घर हुई थी, सुभाष घई ने इस नाम पर कोई आपत्ति नहीं जताई थी और इसे 'फीमेल वर्जन' बताया था. लेकिन बाद में उन्होंने इसी टाइटल के खिलाफ कानूनी शिकायत दर्ज कर दी, जो खारिज हो गई. जब दोनों आमने-सामने मिले, तो घई ने नाम बदलने को कहा, जबकि सावन कुमार ने याद दिलाया कि उन्हें पहले कोई आपत्ति नहीं थी. गौरतलब है कि सुभाष घई की खलयानक नाम से इसी साल आई फिल्म सुपरहिट रही थी.

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