समय रैना .. 28 साल के हैं...और बेहद मशहूर स्टैंड अप कॉमेडियन हैं. इनका नाम तो सुनती रही थी, इनके विवादों का भी पता था, लेकिन इनके वीडियो मैंने कभी नहीं देखे थे. फरवरी 2025 के बाद जब उनका नाम और शो ‘इंडियाज़ गॉट लेटेंट' कई गलत वजहों से सुर्खियों में था तो मैंने वह वायरल वीडियो देखा जिसको लेकर विवाद हुआ था. मुझे भी बाकियों की तरह उसका विषय बहुत ही खराब लगा.. मैं रणवीर अलाहबादिया को जानती थी उनके पॉडकास्ट सुनती थी तो बुरा लगना लाज़िमी भी था.. लेकिन समय रैना से तब भी कोई लेना देना नहीं था..अब इस बुधवार अचानक मेरी नज़र इस हेडलाइन पर पड़ी- समय रैना इज़ बैक.. देखा इस बार भी वे विवादों में घिरे हुए हैं.
इस बार मैंने यूट्यूब पर जाकर पहली बार उनका एक घंटे 21 मिनट का शो देखा. कुछ ही घंटों के अंदर शो 1 करोड़ से ज्यादा व्यूज़ मिल चुके थे. मैं हैरान थी कि इस वीडियो में ऐसा क्या है. लेकिन बस 26 मिनट ही सुन पाई.. मुझसे ज्यादा सुना नहीं गया क्योंकि उसमें इतनी गाली-गलौज भी कि कान और मन सब लाल हो गए. इसके अलावा अभद्र भाषा का खुल कर इस्तेमाल था.. हालांकि इस अभद्रता से पहले समय ने एक भावुक लम्हा भी पैदा किया. शुरू में ही समय के साथ मेरी आंखें भी नम हुईं जब वे अपनी मां के बारे में बात कर रहे थे... लेकिन बावजूद इसके आगे सुनने का मेरा मन नहीं किया... बाद में मैं सोशल मीडिया पर पहुंची... इंस्टाग्राम पर स्क्रॉल किया तो पाया कि मेरे परिचितों में कई लोगों ने समय रैना की रील अपनी स्टोरी पर लगा रखी है. इनमें मुझे डांस सिखाने वाले मेरे सर भी थे. उन्होंने वह हिस्सा शेयर किया था जिसमें समय अपने दोस्त और दोस्ती के बारे में बात कर रहे थे.
ये भी पढ़े: सलमान खान से मिलवाने का वादा रह गया अधूरा, वक्त ने छीन लिया मौका, धुरंधर सिंगर की कहानी सुन रो पड़ेंगे आप
मैंने तुरंत उन्हें मैसेज किया कि सर मैंने पहली बार समय का शो देखा... बिना बात के गाली और अभद्र भाषा के चलते मैं देख नहीं पाई, ये तो बस छोटा और साफ सा हिस्सा है. पूरा देखेंगे तो आप भी सुन नहीं पाएंगे... उन्होंने लिखा अच्छा.. और हमारी बात यहां खत्म हो गई... वह रील तो मुझे भी अच्छी लगी थी... लेकिन फिर मैंने ऑफिस में अपने वरिष्ठ सहयोगी से बात की- उनसे पूछा कि गाली देना, गंदी बातें बोलना इतना ट्रेंडिंग क्यों हैं.. वीडियो लाखों लाख बार देखा जा चुका है.. रील्स वायरल हो रहीं हैं. कहीं ऐसा तो नहीं कि मुझ पर उम्र का असर हो रहा है, आखिर 40 साल की होने जा रही हूं. लेकिन बचपन से अब तक हमने कभी ऐसी गालियां न दीं और न सुनने में कभी अच्छी लगीं.. उन्होंने तर्क दिया कि जेन ज़ी को आक्रामक और ऐसे बातें पसंद हैं.. मुझे उनकी ये बात समझ में नहीं आई... लेकिन यह शुरुआत थी. अगले दिन मैंने पाया कि मेरे भाई से लेकर कज़न्स तक... और मेरे कई दोस्तों ने अपनी स्टोरी में समय रैना के इसी शो के वीडियोज़ लगा रखे हैं.. जिनमें उनकी मां का संघर्ष... पिता को लाड़ देने की बात... दोस्त हो तो बलराज जैसा.. ये सभी वीडियोज़ मेरे सामने आ रहे थे.. ऐसा नहीं है कि मुझे ये अच्छा नहीं लग रहा था.. मुझे भी ये वीडियोज़ बेहद पसंद आए.
हैरानी की बात ये थी कि ज्यादातर वही वीडियोज़ वायरल थे जिनमें इमोशंस थे गाली गलौज नहीं... इमोशंस अपने मां-पिता और दोस्त के लिए... मैंने तो फॉरवर्ड भी किए.. इतना ही नहीं कई ऐसे वीडियोज़ भी आए जिसमें समय रैना का इफेक्ट भी दिख रहा था... 18-19 साल के लड़के अपने पिता को I LOVE YOU कह रहे थे और गले लगाने की बात कर रहे थे, पिता भी पहले शर्माए लेकिन फिर गले लगा रहे थे.. ये सब कितना अच्छा लग रहा था.. मैं अपने परिवार के बेहद करीब हूं और मुझे लगता है हर कोई होता है... शायद इसलिए भी मैं इमोशनल हो रही थी... लेकिन इन सब वीडियोज़ के बाद मैं ये सोच रही थी कि अगर उस शो में बिना बात के अभद्र भाषा को हटा दिया जाए जो इन सभी वायरल वीडियोज में हो रहा था... तो.. ये तो तब भी हिट है... क्यों... क्यों बेवजह ऐसी भाषा को बोला जाता है जो सुनने में या बोलने में अच्छी नहीं लगती... उसके बिना भी तो- दरअसल उसके बिना ही तो समय के वीडियोज वायरल हैं.. सब कह रहे हैं SAMAY IS STILL ALIVE AND BACK लेकिन क्या समय बदल सकता है... क्योंकि समय, मैं आपके पूरे वीडियोज़ सुनना चाहती हूं, अपने बच्चों को भी सुनाना चाहती हूं, इमोशनल होना चाहती हूं, मां-बाप, भाई बहनों या दोस्तों को सिर्फ रील्स फॉरवर्ड नहीं बल्कि उनके साथ बैठकर फ्री में 1 घंटे का शो देखना चाहती हूं... देखना चाहती हूं कि जब मां और पिता की बात हो तो बच्चे कैसे रिएक्ट करते है... पापा को उस वक्त गले लगाकर जादू की झप्पी देने में कैसा महसूस होता है... मां वीडियो देखकर भी उनती ही इमोशनल होती है जितना रियल लाइफ में है.. ये सब करना चाहती हूं लेकिन ये सब बिना किसी बीप के... क्योंकि आप बिना गालियों के SUPERHIT हैं... समय क्या वाकई समय को बदला जा सकता है... उम्मीद तो कर ही सकती हूं...
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं