कॉकरोच जनता पार्टी यानी सीजेपी का 20 जुलाई को जंतर-मंतर से संसद तक विरोध मार्च निकाला गया. जिसके बीच पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हुई. आज मंगलवार को भी विरोध प्रदर्शन जारी है. इस बीच, दिलजीत दोसांझ ने दिल्ली में CJP के 'संसद चलो' मार्च के दौरान हुई इस घटना पर रिएक्शन दिया है. इंस्टाग्राम स्टोरी पर शेयर किए पोस्ट में पंजाबी सुपरस्टार दिलजीत ने लिखा, 'अज जो होया बहुत माड़ा होया...स्टूडेंट्स नाल इडन ट्रीट नहीं होना चाहिए. (आज जो हुआ बहुत ही बुरा हुआ, छात्रों के साथ इस तरह का व्यवहार नहीं होना चाहिए).' दिलजीत ने मांग की कि अथॉरिटीज को छात्रों की डिमांड्स सुननी चाहिए. उन्होंने कहा, 'मैं अथॉरिटीज नू रिक्वेस्ट करता हां के स्टूडेंट्स दियां डिमांड्स नू सुन लिया जावे...लोकां दी आवाज रब दी आवाज हुंदी आ. (मैं अथॉरिटीज से रिक्वेस्ट करता हूं कि छात्रों की मांगों को सुन लिया जाना चाहिए. लोगों का आवाज भगवान की आवाज होती है.' साथ ही प्रेयर इमोजी जोड़कर संदेश दिया.
पोस्ट में दिलजीत ने अपने ऊपर लग रहे 'एंटी-नेशनलिस्ट' टैग का भी जिक्र किया. उन्होंने लिखा, 'मेरे ते पहले ही एंटी नेशनलिस्ट दा टैग बहुत वार लग चुका...हुन वी मैनू एंटी-नेशनलिस्ट कहा जाएगा. (मेरे पर पहले भी कई बार राष्ट्र विरोधी होने का टैग लग चुका है. अब भी मुझे एंटी नेशनलिस्ट कहा जाएगा.)' किसान आंदोलन के बाद मिले बैकलैश और लीगल प्रॉब्लम्स का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि ये सब वो डिस्कस नहीं कर सकते, लेकिन 'बाकी रब सब देख रहा, बाबा भली करूं. (बाकी भगवान सब देख रहा हूं, बाबा सबकी भली करेंगे.)'

यह बयान 20 जुलाई को दिल्ली के जंतर-मंतर और संसद मार्च के दौरान हुई घटनाओं के बाद आया है, जिसमें कई छात्रों के घायल होने और लाठीचार्ज की खबरें आई थीं. दिलजीत का यह स्टैंड युवा और छात्र समुदाय में चर्चा का विषय बन गया है. कई लोग इसे उनका साहसिक कदम बता रहे हैं, तो कुछ यूजर्स बैकलैश दे रहे हैं. दिलजीत दोसांझ की सतलुज फिल्म भी कुछ समय से विवादों में है. वैसे भी दिलजीत पहले भी सामाजिक मुद्दों पर अपनी राय रख चुके हैं.
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