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Dharmendra Video: धर्मेंद्र का वो वीडियो जिसमें बताया था उन्होंने जिंदगी का सबसे बड़ा दर्द, धरम पाजी की कविता सुन आंखें हो जाएंगी नम

Dharmendra Video: धर्मेंद्र सिनेमा के परदे पर जितने गरम मिजाज थे, असल जिंदगी में वह उतने ही नरम दिल थे. इस वीडियो में धरम पाजी की जिंदगी का दर्द जानकर आप भी इमोशनल हो जाएंगे. उनकी कविता सुनकर तो आंखें नम ही हो जाएंगी.

Dharmendra Video: धर्मेंद्र का वो वीडियो जिसमें बताया था उन्होंने जिंदगी का सबसे बड़ा दर्द, धरम पाजी की कविता सुन आंखें हो जाएंगी नम
Dharmendra Video: धर्मेंद्र का ये वीडियो आंखें कर देगा नम
नई दिल्ली:

Dharmendra Video: धर्मेंद्र स्क्रीन पर जितने गर्ममिजाज और पत्थर दिल नजर आते थे, असल जिंदगी में वह उतने ही नरम दिल थे. बेशक फिल्मों में वह खूब एक्शन किया करते थे, लेकिन असल जिंदगाी  में वह पूरी तरह से दूसरों को प्यार करने वाले और सबका भला सोचने वाले इंसान थे. 24 नवंबर को उनका जान, ना सिर्फ उनके फैन्स बल्कि सिनेप्रेमियों के लिए एक बड़ा आघात था. लेकिन आज भी धरम पाजी हमारे बीच अपनी फिल्मों, बातों और पुराने वीडियो के जरिये मौजूद हैं. उनका एक पुरानी वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है जिसमें धरम पाजी का एक प्यार करने वाले बेटे और पिता का दर्द छलकता नजर आ रहा है. क्या आपने देखा है ये वीडियो जिसमें धर्मेंद्र (Dharmendra Video) ने आंखें नम कर देने वाली शायारी भी सुनाई है. 

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पिता को याद कर भावुक हुए धर्मेंद्र

विनय पाठक के साथ इस इंटरव्यू के दौरान धर्मेंद्र अपने पिता को याद करते हुए भावुक हो गए. उन्होंने बताया कि उनके पिता सख्त स्वभाव के थे. बचपन में वो उनसे डरते थे. उन्हें लगता था कि पिता बहुत डांटते हैं. लेकिन जैसे-जैसे समय बीता, उन्हें समझ आया कि हर सख्ती के पीछे प्यार छिपा होता है. पिता बच्चों की भलाई के लिए ही सख्त बनते हैं. धर्मेंद्र ने कहा कि बुजुर्ग मां-बाप ज्यादा कुछ नहीं चाहते. उनकी सबसे बड़ी ख्वाहिश बहुत छोटी होती है. वो बस चाहते हैं कि बच्चे थोड़ा वक्त निकालकर उनके पास बैठें. उनसे बातें करें. उनका हाल पूछें. उनके पिता भी यही चाहते थे कि वो उनके साथ समय बिताएं. उस समय शायद वो बात समझ नहीं आई.

आज वही एहसास खुद हो रहा है

धर्मेंद्र ने अपनी जिंदगी की तरफ देखते हुए कहा कि आज वो खुद उसी उम्र में हैं. अब उन्हें भी वही एहसास होता है. अब वो चाहते हैं कि उनके बेटे उनके साथ बैठें. बातें करें. साथ समय बिताएं. परिवार के साथ गुजरा वक्त ही सबसे कीमती होता है. वह बताते हैं कि उनके माता-पिता ने कई बार उन्हें इस बात का एहसास भी कराया था. लेकिन वे जब इन हालात से गुजरे तब उन्हें उनके दर्द का एहसास हुआ. 

धर्मेंद्र की दिल छू लेने वाली कविता

अपने दिल की बात को कहने के लिए इंटरव्यू के दौरान धर्मेंद्र ने आंखें नम कर देने वाली कविता भी सुनाई. ये पंक्तियां बहुत सीधी हैं लेकिन सीधे दिल में उतरती हैं...

उंगली पकड़ चलना सिखाया था जिनको.

कदम उनसे मिलाके चला मुहाल हो गया.

शिकायत यही रही होगी मां-बाप की मेरे भी मुझसे.

काश ये अहसास उस वक्त ही जाग गया होता.

आज जिस दर्द से मैं गुजर रहा हूं.

मां-बाप का वो दर्द मिटाया होता.

हमारे धरम पाजी ऐसे ही थे. हर किसी से प्यार करने वाले. परदे पर बेशक वह जिन गुंडों की पिटाई करते थे, असल जिंदगी में वही उनके जिगरी दोस्तों में शुमार भी थे. 

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