सिनेमा की दुनिया में कई फिल्मों की कहानी जितनी दिलचस्प पर्दे पर होती है. उससे कहीं ज्यादा मजेदार उनका बनने का किस्सा होता है. आज हम आपको ऐसी ही एक फिल्म के बारे में बता रहे हैं. जिसकी कहानी किसी लेखक ने नहीं गढ़ी थी, बल्कि एक अखबार में छपी खबर से निकली थी. फिल्म बनने से पहले इसके एक बड़े एक्टर ने काम करने से साफ इनकार कर दिया था. लेकिन बाद में हालात बदले और यही फिल्म बॉक्स ऑफिस पर ऐसी छाई कि सालों बाद भी इसे हिंदी सिनेमा की बेहतरीन सस्पेंस फिल्मों में गिना जाता है.
अखबार की खबर पढ़ते ही आया आइडिया
हम बात कर रहे हैं साल 1967 में रिलीज हुई 'ज्वेल थीफ' की. विजय आनंद के डायरेक्शन में बनी इस फिल्म में देव आनंद, वैजयंतीमाला, अशोक कुमार, तनूजा, हेलेन और फरयाल जैसे सितारे नजर आए थे. कहा जाता है कि एक दिन के. नारायण नाम के शख्स ने विजय आनंद को अखबार में छपी एक दिलचस्प खबर पढ़ने के लिए दी. खबर एक ऐसे व्यक्ति की थी. जिस पर क्रिमिनल होने का शक था. बस यही आइडिया विजय आनंद के दिमाग में बैठ गया और उन्होंने इसे एक दमदार सस्पेंस थ्रिलर का रूप दे दिया. फिल्म में देव आनंद ने विनय नाम के युवक का किरदार निभाया. जिसकी शक्ल एक ज्वेल थीफ से मिलती है. इसके बाद उसकी जिंदगी ऐसे रहस्यों में उलझती है कि दर्शक भी आखिर तक अंदाजा नहीं लगा पाते कि असली ज्वेल थीफ कौन है.

हार्ट सर्जरी के कारण कर दिया था इनकार
फिल्म में अशोक कुमार ने अहम भूमिका निभाई थी. लेकिन शुरुआत में उन्होंने ये रोल करने से मना कर दिया था. दरअसल उनकी हार्ट सर्जरी हुई थी और डॉक्टरों ने उन्हें ज्यादा काम न करने की सलाह दी थी. लंबे शूटिंग शेड्यूल की वजह से वो फिल्म साइन करने के लिए तैयार नहीं थे. इसके बाद देव आनंद खुद उनसे मिलने पहुंचे और भरोसा दिलाया कि शूटिंग पूरी तरह उनकी सुविधा के हिसाब से होगी. तय समय से ज्यादा काम नहीं कराया जाएगा और किसी तरह के मुश्किल एक्शन सीन भी नहीं होंगे. देव आनंद की बात मानकर अशोक कुमार फिल्म से जुड़े और उनका फैसला सही साबित हुआ. करीब 1.75 करोड़ रुपये के बजट में बनी 'ज्वेल थीफ' ने बॉक्स ऑफिस पर लगभग 3.5 करोड़ रुपये की कमाई की. जो उस दौर में बड़ी कामयाबी मानी जाती थी.
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