शाहिद कपूर, कृति सैनन और रश्मिका मंदाना की बहुप्रतीक्षित फिल्म 'कॉकटेल 2' सिनेमाघरों में रिलीज़ हो चुकी है. करीब 150 करोड़ रुपये के भारी-भरकम बजट में बनी इस फिल्म के निर्देशक होमी अदजानिया हैं और इसके निर्माता मैडॉक फिल्म्स के दिनेश विजान हैं. आपको याद दिला दें कि यह साल 2012 में आई सुपरहिट फिल्म 'कॉकटेल' का ही ऑफिशियल सीक्वल है, और दिलचस्प बात यह है कि इस पार्ट को भी उसी ओरिजिनल टीम (निर्देशक होमी अदजानिया और निर्माता दिनेश विजान) ने तैयार किया है जिसने पहली फिल्म बनाई थी.
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इस नई फिल्म को रिपोर्ट्स के मुताबिक करीब 8.83 करोड़ रुपये की एडवांस बुकिंग मिली है. लेकिन अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या यह फिल्म सिनेमाघरों से अपनी लागत निकाल पाएगी? हालांकि, कुछ रिपोर्ट्स का दावा है कि फिल्म रिलीज से पहले ही अपने राइट्स के जरिए आधा पैसा कमा चुकी है, पर क्या यह बॉक्स ऑफिस पर वाकई कामयाबी हासिल कर पाएगी? इस विषय पर गहराई से बात करते हुए फिल्म कारोबार विशेषज्ञ गिरीश वानखेड़े ने अपने विचार साझा किए हैं.
ओपनिंग वीकेंड और कमाई का गणित
फिल्म के शुरुआती रुझानों और बॉक्स ऑफिस कलेक्शन पर बात करते हुए गिरीश वानखेड़े कहते हैं, "कॉकटेल जैसी एडवांस बुकिंग और लगभग 150 करोड़ रुपये के बजट को देखते हुए, फिल्म की ओपनिंग वीकेंड अच्छी रहने की उम्मीद है, क्योंकि यह काफी फ्रेश और यंग है. इसके प्रमोशन और मार्केटिंग भी काफी दमदार और इनोवेटिव रहे हैं, और इसका म्यूज़िक भी सुपरहिट था. इन सब चीज़ों को देखते हुए पहले दिन 10 से 12 करोड़ रुपये की कमाई होने की संभावना है.
वीकेंड तक यह फिल्म बढ़कर 30 से 35 करोड़ रुपये तक का कलेक्शन कर सकती है और इसके बाद भी ठीक-ठाक परफॉरमेंस दे सकती है. हालांकि, जैसा सोचा जा रहा था कि यह बहुत सुपरहिट होगी, वैसा मामला शायद न हो, क्योंकि यह बहुत नीश (niche) और अर्बन फिल्म है, मास-अपील वाली नहीं. इस तरह के अर्बन कपल्स और स्टाइल का जुड़ाव मुंबई और दिल्ली जैसे गिने-चुने चार शहरों तक ही सीमित रहता है; नागपुर, जलगांव या मालेगांव जैसी जगहों का युवा इससे कनेक्ट नहीं कर पाता."
राइट्स की प्री-सेल से सुरक्षित है फिल्म?
जहां तक फिल्म की लागत और राइट्स के जरिए हुई प्री-रिलीज़ कमाई का सवाल है, तो बाजार में चल रही इन चर्चाओं पर गिरीश वानखेड़े का मानना है,"जहां तक फिल्म की लागत (150 करोड़ रुपये) का सवाल है, तो यह कहना कि पहले ही फिल्म राइट्स बेच कर 50 % लागत निकल चुकी हैं और यह फायदे का सौदा है, पूरी तरह सही नहीं है. फिल्म का सारा दारोमदार बॉक्स ऑफिस के नंबर्स पर होता है. राइट्स की बिक्री के अलग-अलग स्लैब होते हैं (जैसे 100 करोड़ या 200 करोड़ की कमाई पर मिलने वाला हिस्सा).
अगर बॉक्स ऑफिस पर प्रदर्शन अच्छा नहीं रहता, तो डिजिटल और सैटेलाइट राइट्स से होने वाली कमाई पर भी सवाल खड़े हो जाते हैं. इसलिए सारा ध्यान बॉक्स ऑफिस पर ही होना चाहिए, क्योंकि वही सफल होने पर डिजिटल, ओटीटी, सैटेलाइट और ओवरसीज़ जैसे बाकी सारे राइट्स भी सफल होते हैं."
ब्रेक -इवन और स्टार वैल्यू की चुनौती
फिल्म के ब्रेक-इवन (लागत निकालने के बिंदु) पर अपनी बात आगे बढ़ाते हुए गिरीश कहते हैं, "150 करोड़ के बजट के हिसाब से फिल्म को ब्रेक-इवन करने के लिए कम से कम 300 करोड़ रुपये कमाने होंगे, जो कि काफी मुश्किल लग रहा है. उम्मीद कम है कि यह फिल्म अपनी लैंडिंग कॉस्ट (लागत) भी निकाल पाएगी, क्योंकि पहली फिल्म कॉकटेल के समय सैफ और दीपिका जैसे बड़े सितारे थे और उस समय वैसा सिनेमा चल रहा था, इसलिए वह एक सफल एक्सपेरिमेंट और नयापन (novelty) था. लेकिन अब उसी तरह के कांसेप्ट को दोबारा दोहराने पर वह नयापन नहीं रह जाता, जिससे बात बनना मुश्किल हो जाता है."
बॉक्स ऑफिस को एक हिट का इंतजार
फिल्म का आज पहला दिन है और पूरी फिल्म इंडस्ट्री को बेसब्री से एक और हिट का इंतज़ार है. खुद शाहिद कपूर के लिए भी यह फिल्म बेहद अहम है और उन्हें एक बड़ी सफलता की तलाश होगी, क्योंकि उनकी पिछली कुछ फिल्में बॉक्स ऑफिस पर उम्मीद के मुताबिक कारोबार नहीं कर पाई हैं. हालांकि, इस समय निर्माता कंपनी 'मैडॉक फिल्म्स' का वक्त बेहद शानदार चल रहा है और उनकी हालिया फिल्मों ने बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचाया है. ऐसे में उम्मीद की जा सकती है कि मैडॉक फिल्म्स के वक्त का यही पहिया शायद शाहिद कपूर के लिए भी कारगर साबित हो जाए और यह सीक्वल उम्मीदों से बेहतर प्रदर्शन कर दिखाए.
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