बॉलीवुड में क्लैश की परंपरा नई नहीं है. जब दो बड़ी फिल्में एक साथ रिलीज होती हैं, तो दर्शक बंट जाते हैं, लेकिन कभी-कभी दोनों ही इतिहास रच देती हैं. 15 जून 2001 को आमिर खान की 'लगान' और सनी देओल की 'गदर: एक प्रेम कथा' ने एक ही दिन रिलीज होकर बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचा दिया था. दोनों ब्लॉकबस्टर साबित हुईं और आज भी सिनेमा प्रेमियों की जुबान पर हैं. लेकिन इससे ठीक 11 साल पहले, 22 जून 1990 को भी ऐसा ही एक यादगार मुकाबला हुआ था. आमिर खान की रोमांटिक फिल्म 'दिल' और सनी देओल की एक्शन ड्रामा 'घायल' की टक्कर हुई. दोनों फिल्में ब्लॉकबस्टर रहीं, एक दिल जीतने वाली रोमांस थी, तो दूसरी इंसाफ की लड़ाई की आग थी.
उस समय बॉलीवुड 90 के दशक की शुरुआत में था. आमिर खान 'कयामत से कयामत तक' के बाद युवा दिलों के चहेते बन चुके थे, जबकि सनी देओल एक्शन हीरो के रूप में अपनी जगह बना रहे थे. 'दिल' और 'घायल' का क्लैश बॉलीवुड के इतिहास में एक मील का पत्थर साबित हुआ.
दिल: रोमांस का जादू
इंद्र कुमार के डायरेक्टोरियल डेब्यू दिल ने आमिर खान और माधुरी दीक्षित की जोड़ी को सुपरहिट बना दिया. फिल्म में आमिर राजा प्रसाद बने एक कंजूस पिता हजारी प्रसाद (अनुपम खेर) के बेटे, जो अमीर लड़की से शादी का सपना देखते हैं. माधुरी दीक्षित मधु की भूमिका में थीं, एक घमंडी अमीर लड़की. कहानी गलतफहमियों, प्रेम, परिवार की अड़चनों और आखिरकार खुशी से भरी है.
फिल्म का प्लॉट क्लासिक बॉलीवुड फॉर्मूला था, गरीब लड़का, अमीर लड़की, पिता का विरोध, लेकिन दिल की जीत. राजा और मधु की दुश्मनी से दोस्ती, फिर प्यार तक की यात्रा दर्शकों को बांधे रखती है. फिल्म में 'मुझे नींद न आए', 'हम प्यार करने वाले', 'दम दमा दम', 'खंबे जैसी खड़ी है' जैसे गाने आज भी पार्टी प्लेलिस्ट का हिस्सा हैं. आनंद-मिलिंद का म्यूजिक और समीर के बोल फिल्म की जान बने.
दिल ने 1990 की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म का रिकॉर्ड बनाया. लगभग 2 करोड़ के बजट में बनी फिल्म ने 20 करोड़ रुपये का कारोबार किया. माधुरी दीक्षित को फिल्मफेयर बेस्ट एक्ट्रेस अवॉर्ड मिला.
घायल: बदले की आग
दूसरी तरफ राजकुमार संतोषी की डेब्यू फिल्म 'घायल' पूरी तरह अलग जॉनर की थी. धर्मेंद्र ने फिल्म को प्रोड्यूस किया था. सनी ने अजय मेहरा नाम के बॉक्सर का किरदार निभाया था, जिसकी जिंदगी उस समय तबाह हो जाती है जब उसका भाई (राज बब्बर) एक शक्तिशाली उद्योगपति बलवंत राय (अमरीश पुरी) के हाथों मारा जाता है. अजय को फंसाया जाता है, कोर्ट-कचहरी सब कुछ उसके खिलाफ हो जाता है. फिर वह जेल से भागकर बदला लेता है.
28 Years of #Ghayal. (22/06/1990) Ghayal is a 1990 action drama film starring Sunny Deol and Meenakshi Seshadri. The film was produced by Dharmendra and directed by Rajkumar Santoshi in his directorial debut. The film won seven Filmfare Awards, including the Best Movie award. pic.twitter.com/SUoQgPGxwd
— Bollywoodirect (@Bollywoodirect) June 22, 2018
फिल्म का क्लाइमैक्स आज भी याद किया जाता है, अम्यूजमेंट पार्क में बलवंत राय को गोली मारने का सीन. 'सोचना क्या' गाना खूब पसंद किया गया और इसके एक्शन सीक्वेंस ने युवाओं को दीवाना बना दिया. मीनाक्षी शेषाद्रि, ओम पुरी, कुलभूषण खरबंदा जैसे कलाकारों ने किरदारों में जान फूंकी. बप्पी लहरी का म्यूजिक और राजुकमार संतोषी की स्क्रिप्ट ने इसे क्लासिक बना दिया.
घायल ने भी 20 करोड़ का कारोबार किया और साल की दूसरी सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म बनी. इसका बजट लगभग 2.50 करोड़ रुपये था. सनी देओल को फिल्मफेयर बेस्ट एक्टर और नेशनल अवॉर्ड (स्पेशल मेंशन) मिला. फिल्म ने 7 फिल्मफेयर अवॉर्ड जीते, जिसमें बेस्ट फिल्म और बेस्ट डायरेक्टर शामिल थे.
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दो फिल्में, दो जॉनर, एक शुक्रवार
22 जून 1990 को थिएटर्स में माहौल गर्म था. कुछ दर्शक दिल के रोमांस के लिए गए, तो कुछ घायल के एक्शन के लिए. लेकिन दोनों ने अपना दम दिखाया. दिल ने युवा और फैमिली ऑडियंस को आकर्षित किया, जबकि घायल ने मेल ऑडियंस और एक्शन प्रेमियों को. इस क्लैश ने साबित किया कि बॉलीवुड में जगह सबके लिए है, शर्त यह है कि कंटेंट में दम होना चाहिए. इस क्लैश की दिलचस्प बात यह भी है कि आमिर और सनी बाद में भी दो बार टकराए, 1996 में राजा हिंदुस्तानी वर्सेज घातक और 2001 में लगान वर्सेज गदर. हर बार दोनों को ही कामयाबी मिली.
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