Bashir Badr Death News: रेख्ता के मंच पर फिल्मकार और संगीतकार विशाल भारद्वाज ने उर्दू शायरी के महान नाम डॉ. बशीर बद्र के साथ अपने अनुभव साझा करते हुए एक भावुक किस्सा सुनाया था. जो सुनने वालों की आंखें नम कर गया. यह घटना उन दिनों की है जब 1980 के दशक में मेरठ के सांप्रदायिक दंगों में बशीर बद्र साहब का घर जलकर राख हो गया था. गजलों की नई फसल भी आग की भेंट चढ़ गई. गहरी उदासी और डिप्रेशन में डूबे शायर को विशाल ने अपनी याद्दाश्त से उबार लिया. बता दें कि मशहूर शायर बशीर बद्र का 91 वर्ष की आयु में निधन हो गया है.
विशाल भारद्वाज ने बताया कि उन्होंने बशीर बद्र की तमाम गजलें अपने जहन में महफूज कर ली थीं. जब शायर साहब इस त्रासदी से टूटकर गुमसुम हो गए, तब विशाल और उनके एक बुजुर्ग मित्र ने बशीर बद्र को उनकी अपनी रचनाएं सुनानी शुरू कीं. एक-एक शेर, एक-एक गजल, सब याद थे. बशीर बद्र साहब स्तब्ध रह गए. उन्होंने महसूस किया कि उनकी आवाज अभी जिंदा है, उनकी शायरी अभी बाकी है. यह सुनकर वे भावुक हो उठे और धीरे-धीरे डिप्रेशन से उबरने लगे. विशाल ने रेख्ता पर कहा, 'बशीर साहब को गम घर जलने का नहीं, बल्कि नई गजलों के खो जाने का था. संयोग से मैंने उन्हें याद रखा था.'
-
नोबेल विजेताओं जैसी दिमागी ताकत और पलक झपकते ही मौत! CIA के पूर्व प्रमुख ने AI युद्ध पर दी सबसे खौफनाक चेतावनी -
'एक दिमाग में लाखों आइंस्टाइन से बेहतर है एक हृदय में लाखों बुद्ध',AI के सवाल पर BAPS के ब्रह्मविहारी स्वामीजी -
PM मोदी ने याद दिलाई 12 लाख तक की आय पर टैक्स छूट, बोले- 'जो मिला वो हजम...ऐसे नहीं चलता!' -
NDTV World Summit में PM मोदी का राहुल गांधी पर वार, बोले- "कांग्रेस अपने फेल प्रोडक्ट की..." -
NDTV World Summit 2026: Zerodha बंद हो जाए तो क्या करेंगे? निखिल कामत ने बताया ₹10 लाख वाला बिजनेस प्लान -
परजीवी, बोझ, फेल प्रोडक्ट... NDTV World Summit में PM मोदी ने कांग्रेस को घेरा -
NDTV World Summit में पीएम मोदी ने गिनाईं एशियाड की उपलब्धियां, 'सेपकटकरॉ' का भी किया जिक्र -
PM Modi in NDTV World Summit : बदलते वर्ल्ड ऑर्डर में भारत की क्या भूमिका? PM मोदी ने बताया -
PM Modi Speech: Rahul Gandhi पर PM मोदी क्या-क्या बोले? | NDTV World Summit 2026 -
NDTV World Summit के मंच से कौन से नए खेल का जिक्र कर गए मोदी...!
विशाल भारद्वाज ने सुनाया था बशीर बद्र से जुड़ा किस्सा
विशाल भारद्वाज ने बशीर बद्र को अपना गुरु माना और उनके प्रभाव को अपने संगीत व फिल्मों में भी जगह दी. विशाल भारद्वाज ने उनकी रचनाओं को फिल्मों और एल्बम में लिया. "पलकें खोलो' गीत उनके शब्दों पर आधारित है. फिल्म 'डेढ़ इश्किया' में उनके कई शेर इस्तेमाल हुए.
डॉ. बशीर बद्र का जन्म 15 फरवरी 1935 को अयोध्या में हुआ था. उन्होंने अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में उर्दू पढ़ाई. उनकी शायरी आम आदमी की पीड़ा, उम्मीद, टूटन और इश्क को बेहद सादगी और गहराई से बयान करती है. शेर जैसे, 'लोग टूट जाते हैं एक घर बनाने में, तुम तरस नहीं खाते बस्तियाँ जलाने में', समाज की विडंबनाओं को बताते हैं. उनकी गजलें दिलों को छूती हैं क्योंकि वे किताबी नहीं, जिंदगी से निकली हुई हैं.
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं