विज्ञापन

अशोक कुमार का भांजा, जिसने सुनील दत्त का छोटा भाई बनने से किया मना! फिल्मों में लगाया पैसा तो डूबे

Ashok Kumar nephew: अशोक कुमार के भांजे ने पहली फिल्म के ऑफर को 'शागिर्द' ने 'ना' कह दिया था. दोबारा 'हां' कहने के लिए इतनी मिली थी फीस.

अशोक कुमार का भांजा, जिसने सुनील दत्त का छोटा भाई बनने से किया मना! फिल्मों में लगाया पैसा तो डूबे
Ashok Kumar nephew अशोक कुमार के भांजे हैं जॉय मुखर्जी
नई दिल्ली:

सिनेमा जगत में ऐसे कई सितारे हुए जो आज भले ही इस दुनिया में नहीं हैं, मगर उनका अंदाज, अभिनय और खास व्यक्तित्व उन्हें बेहतरीन फिल्मों के जरिए दर्शकों के बीच जिंदा रखा हुआ है. ऐसे ही अभिनेता थे 'शागिर्द' फेम जॉय मुखर्जी...रोमांटिक अंदाज, सुंदर चेहरे और हिट फिल्मों के लिए वह कइयों के चहेते बने. 24 फरवरी को 1960 के दशक के दिलकश नायक जॉय मुखर्जी की जयंती है. वे अपने रोमांटिक अंदाज, सुंदर चेहरे और हिट फिल्मों के लिए 'दिल की धड़कन' कहलाते थे. जॉय मुखर्जी का जन्म 24 फरवरी 1939 को झांसी में हुआ था. वे फिल्म निर्माता शशधर मुखर्जी के बेटे और अशोक कुमार के भांजे थे. 

60 के दशक में दीं सुपरहिट फिल्में 

Latest and Breaking News on NDTV

बॉलीवुड के प्रसिद्ध मुखर्जी परिवार से ताल्लुक रखने वाले जॉय ने 1960 के दशक में कई सुपरहिट फिल्में दीं, जिनमें से ज्यादातर में ओ.पी. नैय्यर का संगीत था. उनके पिता शशधर मुखर्जी झांसी से मुंबई आए थे और साउंड रिकॉर्डिस्ट बनने की बजाय बॉम्बे टॉकीज के मालिक हिमांशु रॉय के साझेदार बने. उन्होंने किस्मत, बंधन, झूला, अनारकली और नागिन जैसी क्लासिक फिल्में बनाईं. जॉय के मामा अशोक कुमार थे.

ये भी पढ़ें- दूरदर्शन की रामायण का 40 एकड़ में बना था सेट, अयोध्या के दरबार से रावण की लंका तक दिखाने के लिए इस शख्स ने बहाया था पसीना

सुनील दत्त के छोटे भाई का रोल निभाने से किया मना

जॉय मुखर्जी की फिल्मों में आने की कहानी दिलचस्प है. उन दिनों जॉय के रिश्तेदार और अभिनेत्री रानी मुखर्जी के पिता राम मुखर्जी फिल्म 'हम हिंदुस्तानी' बना रहे थे, जो साल 1960 में रिलीज हुई थी. उस फिल्म में उन्हें सुनील दत्त के छोटे भाई का रोल ऑफर किया गया, लेकिन कॉलेज में कुश्ती, टेनिस और फुटबॉल में व्यस्त जॉय ने साफ मना कर दिया.

15 से 200 रुपए हुई पहली फिल्म की फीस

Latest and Breaking News on NDTV

 इसके बाद मेकर्स ने रकम कई गुना बढ़ाकर उन्हें फिर से फिल्म में आने की पेशकश की. जब ऑफर की रकम 15 रुपए से बढ़कर 200 रुपए हो गई, तो जॉय को लगा कि इससे कॉलेज का जेब खर्च निकल आएगा. इस वजह से उन्होंने हामी भर दी. यह उनकी पहली फिल्म बनी, जिसमें मुख्य भूमिका में सुनील दत्त और आशा पारेख थे. जॉय को छोटा रोल मिला और उनकी हीरोइन हेलन थीं, क्योंकि कोई बड़ी अभिनेत्री तैयार नहीं हुई. 

ये भी पढ़ें- इस वीकेंड पर एक सेकंड भी नहीं रहेगा खाली, ओटीटी पर सस्पेंस और थ्रिलर से भरी ये वेब सीरीज और फिल्में होंगी रिलीज

जॉय की ने दी हिट फिल्में

जॉय के करियर की असली शुरुआत लव इन शिमला से हुई, जिसे आर.के. नैय्यर ने निर्देशित किया था. इसमें जॉय ने साधना के साथ डेब्यू किया और यह फिल्म सुपरहिट रही. इस फिल्म से दोनों स्टार बन गए. इसके बाद जॉय ने कई हिट फिल्में कीं, जिनमें फिर वही दिल लाया हूं, लव इन टोक्यो, जिद्दी, एक मुसाफिर एक हसीना, शागिर्द, इशारा, आओ प्यार करें शामिल हैं. 

जॉय ने आर्थिक मुश्किलों का किया सामना

इनमें से ज्यादातर फिल्मों में ओ.पी. नैय्यर का संगीत था. जॉय ने निर्देशन और निर्माण में भी हाथ आजमाना शुरू किया. उन्होंने साल 1968 में शर्मिला टैगोर और माला सिन्हा के साथ हमसाया, साल 1977 में राजेश खन्ना और जीनत अमान के साथ मिस बॉम्बे और छैला बाबू बनाईं. छैला बाबू उन्होंने खुद निर्देशित भी की, लेकिन ये फिल्में ज्यादा नहीं चलीं और आर्थिक मुश्किलों में घिर गए. लिहाजा बाद में उन्हें कुछ कमजोर फिल्मों जैसे एहसान, मुजरिम, आग और दाग, कहीं आर कहीं पार, और कहानी फूलन की में काम करना पड़ा. 9 मार्च 2012 को मुंबई में 73 वर्ष की उम्र में उनका निधन हो गया था.

ये भी पढे़ं- श्रीदेवी की 7 रेयर फोटो, बॉलीवुड में डेब्यू से पहले दिखती थीं बिल्कुल अलग, पहली सुपरस्टार बनने के बाद बदला लुक 

(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com