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Asha Bhosle बाल कलाकार के रूप में मराठी फिल्मों में किया था काम, 79 की उम्र में ‘माई’ बन दर्शकों को खूब रुलाया

माई जिदंगी के ताने-बाने और बुजुर्गों के प्रति बच्चों के बदलते रवैये को पर्दे पर बखूबी दिखाती है. यह फिल्म आशा ताई के लिए बहुत खास थी, क्योंकि उनकी यह डेब्यू फिल्म थी.

Asha Bhosle बाल कलाकार के रूप में मराठी फिल्मों में किया था काम, 79 की उम्र में ‘माई’ बन दर्शकों को खूब रुलाया
Asha Bhosle ने 79 की उम्र में किया था एक्टिंग में डेब्यू
नई दिल्ली:

आशा भोसले ने एक बाल कलाकार के तौर पर मराठी फिल्मों में एक्टिंग की और गाने गाए. उन्होंने छोटे-मोटे रोल किए. कम ही लोग जानते हैं कि 1943 की फिल्म 'माझा बाल' में उन्होंने काम किया था.  मराठी फिल्मों में उन्होंने गुजारा करने और परिवार का खर्च उठाने के लिए काम किया था. इनसे उन्हें कुछ खास पहचान नहीं मिली. बाद में उन्होंने बतौर सिंगर करियर बनाया. 

 आशा भोसले  ने 12000 से ज्यादा गाने अलग-अलग भाषाओं में गाए हैं, और उनकी तूती विदेशों में भी बोलती है, बाद में आशा ताई ने 79 साल की उम्र में  एक्टिंग की दुनिया में भी हाथ आजमाया था. उन्होंने पर्दे पर इतना भावुक रोल प्ले किया था कि दर्शक रोने के लिए मजबूर हो गए थे.

गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स द्वारा संगीत इतिहास में सबसे अधिक बार रिकॉर्डिंग करने वाली कलाकार के रूप में मान्यता पाने वाली आशा भोसले ने मराठी फिल्म माई में एक मां का किरदार निभाया था. इस फिल्म में सिंगर ऐसी मां बनी थी जो अल्जाइमर की बीमारी से पीड़ित है और चीजों को याद नहीं रख पाती. फिल्म में उनका बेटा (राम कपूर) उन्हें वृद्धाश्रम में छोड़ने का फैसला लेते हैं, जबकि बेटी (पद्मिनी कोल्हापुरे) उनका ध्यान रखती है.

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फिल्म जिदंगी के ताने-बाने और बुजुर्गों के प्रति बच्चों के बदलते रवैये को पर्दे पर बखूबी दिखाती है. यह फिल्म आशा ताई के लिए बहुत खास थी, क्योंकि उनकी यह डेब्यू फिल्म थी और उन्हें फिल्म की कहानी इतनी मार्मिक लगी कि उन्होंने सिंगिंग के साथ-साथ एक्टिंग करने का भी फैसला कर लिया.

उन्होंने साल 2013 में दिए इंटरव्यू में बताया था कि माई के किरदार ने उन्हें भावुक कर दिया था और यह किरदार उनके जीवन की वास्तविकता के भी काफी करीब है. खास बात यह थी आशा जी ने फिल्म के किसी भी इमोशनल सीन के लिए रोने के लिए ग्लिसरीन का इस्तेमाल नहीं किया था.उनकी आंखों में खुद-ब-खुद आंसू आ जाते थे.

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उन्होंने कहा था, मैं किरदार में खुद को इतना झोंक देती थी कि भावनाएं खुद-ब-खुद आ जाती थीं. फिल्म माई से पहले सिंगर की बेटी ने साल 2012 में आत्महत्या की थी, इस दर्द से वह निकल भी नहीं पाई थीं कि 2015 में उनके बेटे का कैंसर की बीमारी से निधन हो गया था.
 

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