अमिताभ बच्चन को सदी का महानायक यूं नहीं कहा जाता. उनके साथ काम कर चुके लोग आज भी उनके डेडिकेशन और डिसिप्लिन की तारीफ करते हैं. अमिताभ के नैतिकता, अनुशासन और विनम्रता के बारे में बात की है. हाल ही में एक इंटरव्यू में, दिग्गज अभिनेता रंजीत ने अमिताभ के शुरूआती दिनों को याद किया और बताया कि उस वक्त भी वह कितने डिसिप्लिन्ड थे. रंजीत ने बताया कि अपनी दूसरी फिल्म रेशमा और शेरा की शूटिंग के दौरान, एक्टर चिट्ठियों के ज़रिए अपने परिवार से जुड़े रहते थे और रोज़ाना भगवद गीता पढ़ते थे. अल्फा नियॉन स्टूडियोज़ के साथ बातचीत के दौरान, रंजीत ने बताया, “हमने रेशमा और शेरा में पहली बार साथ काम किया था. वह उनकी दूसरी फिल्म थी. इससे पहले उन्होंने सात हिंदुस्तानी में काम किया था. मैं उनके साथ उसी टेंट में था, दो और लोगों के साथ. वह हर रात कुछ लिखते थे और सुबह प्रार्थना करते थे.”
उस दौर के एक्टर्स की नैतिकता के बारे में बताते हुए, एक्टर ने बिग बी का उदाहरण दिया और आगे कहा, “एक दिन, मैंने उनसे पूछा कि वह रात में क्या लिखते हैं, तो उन्होंने बताया कि मैं रोज़ अपने माता-पिता को चिट्ठियां लिखता हूं और सुबह गीता पढ़ता हूं. यह उनकी रोज की आदत थी.”
‘बेहद डेडिकेटेड रहे अमिताभ'
होस्ट ने फिर रंजीत से नमक हलाल के उस मज़ेदार सीन के पीछे की कहानी पूछी, जब अमिताभ बच्चन नौकरी के लिए उनके पास आते हैं और इंग्लिश बोलने की कोशिश करते हैं. रणजीत ने बताया, "उस समय हर एक्टर सीन में पूरी तरह डूब जाता था, वे जुनूनी होते थे.
उन्होंने आगे कहा, "हमने शूटिंग शुरू की और थोड़ी देर बाद वह अपने मेकअप रूम में चले गए. फिर, हमें खबर मिली कि आज के लिए शूटिंग पैकअप हो गई है. उन्होंने सच में कहा कि वह इसे अच्छे से याद करेंगे और कल करेंगे. वह अगले दिन आए और पहला शॉट ओके था, कोई कट नहीं था. इस तरह का काम उस समय होता था."रणजीत और अमिताभ बच्चन ने मुकद्दर का सिकंदर, नमक हलाल, लावारिस, सुहाग और याराना जैसी कई हिट बॉलीवुड फिल्मों में स्क्रीन शेयर किया है.
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