विज्ञापन

Exclusive: 'वेलकम टू द जंगल' में फरीदा जलाल के रोल के लिए अक्षय कुमार की थी खास तैयारी, डायरेक्टर ने किया खुलासा

फिल्म की सफलता को देखते हुए वेलकम बैक टू द जंगल के डायरेक्टर ने एनडीटीवी डॉट कॉम से खास बातचीत की. नीचे पढ़ें बातचीत के अंश:-

Exclusive: 'वेलकम टू द जंगल' में फरीदा जलाल के रोल के लिए अक्षय कुमार की थी खास तैयारी, डायरेक्टर ने किया खुलासा
Exclusive: 'वेलकम टू द जंगल' में फरीदा जलाल के रोल के लिए अक्षय कुमार की थी खास तैयारी
NDTV

फिल्म वेलकम टू द जंगल बॉक्स ऑफिस पर हर दिन शानदार कमाई कर रही है. अक्षय कुमार की यह फिल्म बीते शुक्रवार को सिनेमाघरों में रिलीज हुई है. इस फिल्म में उनके साथ सुनील शेट्टी, दिशा पाटनी, जैकलीन फर्नांडिस, अरशद वारसी, जैकी श्रॉफ, परेश रावल, रवीना टंडन, लारा दत्ता, फरीदा जलाल, जॉनी लीवर, श्रेयस तलपड़े, तुषार कपूर, राजपाल यादव, कृष्णा अभिषेक, कीकू शारदा, दलेर मेहंदी, आफताब शिवदासानी, मुकेश तिवारी, यशपाल शर्मा, किरण कुमार, जाकिर हुसैन, विंदू दारा सिंह, उर्वशी रौतेला, हेमंत पांडे, बृजेंद्र काला, फिरोज खान (अर्जुन), स्वर्गीय पंकज धीर जी, पुनीत इस्सर, सुदेश बेरी, जीतू वर्मा, वृहि कोडवारा, आदित्य सिंह और भाग्य भानुशाली अहम भूमिकाओं में नजर आए हैं. वहीं फिल्म की सफलता को देखते हुए वेलकम बैक टू द जंगल के डायरेक्टर ने एनडीटीवी डॉट कॉम से खास बातचीत की. नीचे पढ़ें बातचीत के अंश:-

ये भी पढ़ें: Exclusive: एक कॉल, पांच मिनट की मीटिंग और मिल गई इम्तियाज अली की 'मैं वापस आऊंगा'


सवाल: फिल्म बॉक्स ऑफिस पर तीन दिनों में 63 करोड़ से ज्यादा कमा चुकी है. दर्शक फिल्म देखकर बहुत हंस रहे हैं. आपको बॉक्स ऑफिस के आंकड़े देखकर बहुत खुशी हो रही होगी?

जवाब: जब कोई काम सराहा जाता है तो इंसान को अच्छा लगता है. हमारा काम ही लोगों को मनोरंजन देना है. अगर आपने भावुक फिल्म बनाई और लोग रोए तो आप सफल हुए. सोचिए, आप किसी को रुलाकर खुश हो रहे हैं. ठीक वैसे ही एक्शन फिल्म में अगर लोग कहें कि “वाह, क्या एक्शन था!” तो आप सफल हैं. हमारी फिल्म लाइन ऐसी ही है. अगर आपने कॉमेडी की और लोग खूब हंस रहे हैं तो आप सफल हैं. मुझे यही चाहिए था कि लोग फिल्म देखकर अपने दुख-दर्द और परेशानियां थोड़ी देर के लिए भूल जाएं. इसलिए मैंने जानबूझकर फिल्म को थोड़ा ज्यादा मजेदार बनाया. अब लोग हंस रहे हैं तो मुझे बहुत खुशी हो रही है.

सवाल: कॉमेडी को कई तरह में बांटा जाता है. कई बार स्क्रिप्चरल कॉमेडी होती है. आप अपनी फिल्म को किस कैटेगरी में रखते हैं?

जवाब: हमने जानबूझकर फिल्म को ऐसी बनाया है कि इसमें हर तरह की कॉमेडी है. कॉमेडी एक छतरी के नीचे आती है. इसमें स्लैपस्टिक है, फिजिकल कॉमेडी है. चार्ली चैपलिन फिजिकल कॉमेडी करते थे,गिरते-पड़ते थे. इसमें डार्क ह्यूमर भी है, ब्रिटिश ह्यूमर भी है. हमने सबका मिश्रण किया है. आप कह नहीं सकते कि यह सिर्फ एक तरह की कॉमेडी है.

देखिए, सब लोग बंदूक लेकर खड़े हैं, आर्मी के कपड़े पहने हैं, गंभीर चेहरे हैं, लेकिन जो बातें कर रहे हैं वे बिल्कुल उल्टी हैं. यह डार्क ह्यूमर है. कहीं स्लैपस्टिक भी है. इसलिए यह पूरी तरह मिक्स्ड कॉमेडी है. इतने सारे कलाकार हैं. जॉनी भाई के एक्सप्रेशन बहुत जोरदार हैं, वहीं परेश भाई बहुत शांत भूमिका निभा रहे हैं. सबको मिलाकर सही मिश्रण करना सबसे जरूरी था और हम इसे अच्छे से कर पाए.

सवाल: दिल पर हाथ रखकर बताइए जब आपने फिल्म सोची और कास्ट के बारे में सोचना शुरू किया, तो इतने बड़े-बड़े नामों को लाने और मैनेज करने में डर लगा था? आपको डर लगा था? और फिर फिरोज भाई को भी डर लगा था?

जवाब: मैं सच बताता हूं. मैं फिरोज भाई से हमेशा कहता था, “फिरोज भाई, क्यों?” और वे एक ही बात कहते थे “अहमद, क्यों नहीं?” उनका मन हो तो पांच और कलाकार और ले लेते. वे नाडियाडवाला परिवार के पुराने सदस्य हैं. सब उन्हें जानते हैं और उनका सम्मान करते हैं.  

जब हम फोन पर बात करते कि फिल्म करनी है, तो धीरे-धीरे सब जमा होते गए. मैं जब लोगों से कहता तो वे हैरान होते, “अरे, यह भी है!” अक्षय का बहुत बड़ा हाथ था कास्टिंग में. वे कहते, “अहमद, इसको भी ले लेते हैं, उसको भी ले लेते हैं.” जब सब जमा हो गए तो हर कोई खुशी-खुशी आना चाहता था. मुझे लगा कि यात्रा अच्छी शुरू हुई है तो पूरी अच्छी रहेगी. सब कुछ अपने आप आसानी से हो गया.

सवाल: सेट पर कोई ऐसी चीज जो आपके हिसाब से नहीं हो पाई? या इस फिल्म से आपने जो सीखी और जो जिंदगी भर याद रहेगी?

जवाब: हां, एक बहुत बड़ी सीख मिली. हर कोई मुझे यही कहता था. 36 साल हो गए, लेकिन मैंने सीखा कि सेट पर चिल्लाकर, गुस्सा करके, डराकर या गाली देकर कुछ हासिल नहीं होता. उस वक्त काम तो हो जाएगा, लेकिन 15 मिनट बाद आपको उसी आदमी के साथ फिर काम करना है.
  
इसलिए मैंने सीखा कि अपना लेवल नीचे रखो. गुस्सा आए तब भी शांत रहो. सेट आपका माहौल है, वहां खुश रहो. मैंने यही किया. मैंने पूरी यात्रा बहुत सुंदर और मज़ेदार बनाई. हम दो साल साथ रहे और बहुत मज़ा किया. अब पब्लिक का रिएक्शन और कलेक्शन देखकर खुशी दोगुनी हो गई है. यही सबसे बड़ी सीख है, अगर प्रोसेस अच्छा हो और सफलता मिले तो मजा दोगुना हो जाता है.

सवाल: मल्टी-स्टारर फिल्में बनाना बहुत मुश्किल हो गया है. पहले भी आपने बनाई थी. अब क्यों कम बन रही हैं? प्रोड्यूसर की वजह से, डेट की समस्या या क्लेश की वजह से?

जवाब: कोई ज्यादा परेशानी में नहीं पड़ना चाहता. अच्छे कलाकारों से ही अच्छे रोल करवाओ जिनकी डेट उपलब्ध हो. लेकिन इससे नए कलाकारों को काम मिलता है. नए टैलेंट को मौका मिलता है. चार फिल्मों बाद वे भी बड़े स्टार बन जाते हैं.

सवाल: तो आप कह रहे हैं कि नए लोग भी चार-पांच फिल्मों बाद वही स्टार वाले तेवर दिखाने लगते हैं?

जवाब: हां, हो जाते हैं. पहले लगता था नए लोगों को लेंगे तो अच्छा रहेगा. अब वे पुराने हो चुके हैं. लेकिन दिक्कत उतनी ही होती है. इसलिए हम सोचते हैं कि अगर दिक्कत पुराने और नए दोनों के साथ ही है, तो पुराने वाले को ही क्यों न लें. अक्षय मेरा सबसे पुराना दोस्त है. 1993 में सुहाग फिल्म में उनका पहला गाना था. आज पहली बार हम साथ फिल्म कर रहे हैं.

सवाल: आपने टाइगर के साथ कई फिल्में की हैं. क्या टाइगर को भी इस फिल्म में लेने के बारे में सोचा?

जवाब: नहीं. मैंने टाइगर के साथ दो-तीन फिल्में की हैं, लेकिन यह फिल्म अलग तरह की है. इसका अपना ह्यूमर और स्टाइल है. इसमें मुझे अक्षय और सुनील जरूर चाहिए थे क्योंकि उनकी जोड़ी अच्छी है. पारेश भाई, जॉनी भाई, राजपाल, आरशद, तुषार, श्रेयस और आफताब भी जरूरी थे. हर फिल्म की अपनी जरूरत होती है.

सवाल: अब फिल्म बन गई है तो क्या आदत पड़ जाएगी कि अब आपको इतने सारे स्टार लेकर ही फिल्म बनानी होगी? और प्रोड्यूसर को भी यही लगेगा?

जवाब: सही कहा. यह मेरे बारे में नहीं, प्रोड्यूसर के बारे में होगा. प्रोड्यूसर सोचेगा कि अहमद है तो सब हो जाएगा. लेकिन असल में कलाकारों को डायरेक्टर के साथ कम्फर्ट महसूस होना चाहिए. मेरे साथ काम करने वाले सभी कलाकार और प्रोड्यूसर बहुत खुश हैं. अगर मैं कल फिर फोन करके कहूं कि नई फिल्म है और पांच कलाकार और चाहिए, तो सब खुशी से हां कर देंगे.

सवाल: बजट की बात कर रहे थे. आपने बजट अच्छे से कंट्रोल किया है. लगभग कितना बजट था और ब्रेक-ईवन जल्दी हो जाएगा?

जवाब: इतने सालों में जो कुछ सीखा, उसी को इस फिल्म में लगाया. मैंने टैलेंट मैनेजमेंट, टेक्निकल चीजें और बजटिंग सीखी. फिल्म पैसे उड़ाकर नहीं बनती. खर्च सिर्फ उतना ही करना चाहिए जितना जरूरी है.  
हमारा बजट करीब 115 से 120 करोड़ रुपये है. फिल्म बड़ी दिखती है लेकिन 200 करोड़ खर्च करना मेरी सीख के खिलाफ होता. डिजिटल, सैटेलाइट और म्यूजिक राइट्स से काफी कवर हो गया है. बॉक्स ऑफिस पर फिल्म अच्छा कर रही है, हम बहुत खुश हैं.

सवाल: आखिरी सवाल, इस फिल्म में कई ऐसी बातें हैं जो सिर्फ बॉलीवुड की अंदरूनी बातें जानने वाले ही समझ पाते हैं. आपको डर नहीं था कि बाकी लोग इन्हें नहीं समझ पाएंगे?

जवाब: आजकल की दर्शक हर चीज जानती है. उन्हें पता है कौन क्या करता है, उसकी पर्सनल लाइफ क्या है. इसलिए हमें पूरा भरोसा था कि नॉस्टैल्जिया और जोक्स लोगों तक पहुंचेंगे. थिएटर में भी लोग दोबारा फिल्म देखना चाहते हैं क्योंकि पहली बार हंसी के मारे डायलॉग मिस हो गए. हमें शूटिंग के दौरान ही यकीन था कि ये जोक्स काम करेंगे.

सवाल: सही कहा, फरीदा जलाल और किरण कुमार ने जिस तरह हंसाया, वो सरप्राइज था. यह आइडिया आपका था या किसी और का?

जवाब: यह आइडिया अक्षय कुमार का था. उन्होंने कहा कि फरीदा जी के साथ कुछ अलग और सीरियस टोन में क्यों न करें. वहीं से यह सोच शुरू हुई और हमने इसे फिल्म में इस्तेमाल किया.

बहुत-बहुत शुक्रिया बात करने के लिए. ऑल द बेस्ट. जैसा आपने कहा, बजट कंट्रोल में है और फिल्म अच्छा चल रही है, तो बॉक्स ऑफिस पर यह बहुत अच्छा कारोबार करेगी.

पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Welcome To The Jungle, Welcome To The Jungle  box Office, Welcome To The Jungle  budget, Welcome To The Jungle  trailer, Bollywood
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com