1990 में रिलीज हुई ‘आशिकी' सिर्फ एक फिल्म नहीं, बल्कि हिंदी सिनेमा के म्यूजिक लवर्स के लिए ऐसा दौर लेकर आई, जिसने 90 के दशक के रोमांटिक गानों की दिशा ही बदल दी. महेश भट्ट के निर्देशन में बनी इस फिल्म में राहुल रॉय और अनु अग्रवाल की जोड़ी नजर आई थी. फिल्म की कहानी से ज्यादा इसके गानों ने दर्शकों के दिलों पर राज किया. एल्बम में कुल 12 ट्रैक थे और इनमें से 9 ट्रैक में कुमार सानू की आवाज सुनाई दी. ‘धीरे-धीरे से', ‘नजर के सामने', ‘तू मेरी जिंदगी है' और ‘अब तेरे बिन' जैसे गाने आज भी लोगों की यादों में बसे हैं.
12 गानों का एल्बम, 9 में कुमार सानू की आवाज
‘आशिकी' का म्यूजिक नदीम-श्रवण ने तैयार किया था, जबकि गीतकारों में समीर, रानी मलिक और मदन पाल शामिल थे. फिल्म का साउंडट्रैक 26 दिसंबर 1989 को रिलीज हुआ था, यानी फिल्म के सिनेमाघरों में आने से कई महीने पहले ही इसके गाने लोगों तक पहुंच चुके थे. एल्बम में ‘धीरे-धीरे से मेरी जिंदगी में आना', ‘नजर के सामने जिगर के पास', ‘तू मेरी जिंदगी है', ‘मैं दुनिया भुला दूंगा', ‘दिल का आलम' और ‘अब तेरे बिन जी लेंगे हम' जैसे गाने शामिल थे. खास बात यह थी कि 12 ट्रैक वाले एल्बम में कुमार सानू की आवाज 9 ट्रैक में सुनाई दी. बाकी प्रमुख आवाजों में अनुराधा पौडवाल और उदित नारायण शामिल थे.
गानों ने बनाया कुमार सानू को स्टार
‘आशिकी' ने कुमार सानू के करियर को ऐसी पहचान दी, जिसने उन्हें 90 के दशक के सबसे लोकप्रिय प्लेबैक सिंगर्स में पहुंचा दिया. फिल्म के ‘अब तेरे बिन' के लिए उन्हें 1991 में फिल्मफेयर का बेस्ट मेल प्लेबैक सिंगर अवॉर्ड मिला. वहीं ‘नजर के सामने' के लिए अनुराधा पौडवाल को बेस्ट फीमेल प्लेबैक सिंगर और समीर को बेस्ट लिरिसिस्ट का पुरस्कार मिला. नदीम-श्रवण ने भी बेस्ट म्यूजिक डायरेक्टर का अवॉर्ड जीता. यानी फिल्म ने संगीत की लगभग पूरी फिल्मफेयर कैटेगरी पर कब्जा कर लिया था.
दिलचस्प बात यह है कि ‘आशिकी' के म्यूजिक एल्बम की लोकप्रियता इतनी जबरदस्त थी कि इसे अपने समय का सबसे ज्यादा बिकने वाला बॉलीवुड साउंडट्रैक बताया गया. उपलब्ध स्रोतों के मुताबिक इसकी करीब 2 करोड़ यूनिट्स बिकी थीं.
कम बजट की फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर मचाया धमाल
महेश भट्ट की इस रोमांटिक फिल्म को गुलशन कुमार ने प्रोड्यूस किया था. राहुल रॉय और अनु अग्रवाल के साथ रीमा लागू, दीपक तिजोरी, अवतार गिल और टॉम ऑल्टर जैसे कलाकार भी फिल्म का हिस्सा थे.
‘आशिकी' की सबसे बड़ी खासियत यह थी कि नए चेहरों वाली इस फिल्म को संगीत ने घर-घर पहुंचा दिया. बॉक्स ऑफिस के उपलब्ध आंकड़ों में फिल्म की कमाई के आंकड़े अलग-अलग स्रोतों पर अलग मिलते हैं, इसलिए पुराने दौर के कलेक्शन को लेकर एक निश्चित संख्या बताना मुश्किल है. Sacnilk के उपलब्ध आंकड़ों में इसका वर्ल्डवाइड ग्रॉस करीब 5 करोड़ रुपये दर्ज है और इसे ब्लॉकबस्टर बताया गया है.
आज 36 साल बाद भी ‘आशिकी' का नाम आते ही सबसे पहले इसके गाने याद आते हैं. इस फिल्म ने राहुल रॉय और अनु अग्रवाल को पहचान दी, नदीम-श्रवण की जोड़ी को नई ऊंचाई दी और कुमार सानू की आवाज को 90 के दशक की रोमांटिक फिल्मों की पहचान बना दिया. शायद यही वजह है कि ‘आशिकी' का संगीत आज भी पुराना नहीं, बल्कि सदाबहार लगता है.
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