हिंदी सिनेमा (Hindi Cinema) के इतिहास में 1996 का साल बेहद खास रहा. उस साल अमोल पालेकर की फिल्म 'दायरा (Daayraa)' ने जेंडर, पहचान, प्रेम और समाज की रूढ़िवादिता जैसे विषयों पर इतनी बेबाकी के साथ बात की कि इसने अवॉर्ड्स में भी अनोखा इतिहास रच डाला. इस फिल्म के एक्टर को बेस्ट एक्ट्रेस का अवॉर्ड मिला जबकि एक्ट्रेस को फिल्म के लिए बेस्ट एक्टर का अवॉर्ड मिला. क्या आप जानते हैं ये दो चमत्कारी कलाकार कौन थे? नहीं तो लीजिए हम आपको बताए देते हैं. हम बात कर रहे हैं निर्मल पांडे और सोनाली कुलकर्णी की. जिन्होंने एक्टिंग की दुनिया में एक अलग ही तहलका मचा दिया था.
आइए जानते हैं क्या हुआ था 1996 में
साल 1996 में दायरा फिलम रिलीज हुई थी. इस फिल्म में निर्मल पांडे (Nirmal Pandey) ने ट्रांसवेस्टाइट डांसर का किरदार निभाया था. उनको फ्रांस के Valenciennes Film Festival में बेस्ट एक्ट्रेस का अवॉर्ड मिला, जबकि मुख्य अभिनेत्री सोनाली कुलकर्णी को बेस्ट एक्टर का अवॉर्ड दिया गया. एक्टर को एक्ट्रेस और एक्ट्रेस को एक्टर, यह अदला-बदली खुद फिल्म की थीम को दर्शाती थी. फिल्म को 44वें नेशनल फिल्म अवॉर्ड्स में स्पेशल जूरी अवॉर्ड भी मिला.

कैसे हुआ ये करिश्मा
'दायरा' की कहानी में महिलाओं से लेकर कई जरूरी संवेदनशील मुद्दों को उठाया गया था और दुनिया भर के फिल्म फेस्टिवल में इसने जमकर धूम मचाई थी. अमोल पालेकर ने फिल्म को बेहद संवेदनशील तरीके से बनाया. स्क्रीनप्ले टिमेरी एन. मुरारी का था.
निर्मल पांडे का अभिनय कमाल का था. उन्होंने इतनी नजाकत और संवेदना से इस किरदार को निभाया कि दर्शक भूल जाते थे कि यह एक पुरुष अभिनेता है. सोनाली कुलकर्णी ने पुरुष बनकर गुस्से, भय और कमजोरी को बखूबी परदे पर पेश करती हैं. दोनों की केमिस्ट्री फिल्म की जान थी.
अमोल पालेकर की यह सेक्सुअलिटी ट्रिलॉजी की पहली फिल्म इसके बाद अनाहत (2003) और थांग (2006) आईं. फिल्म 12 सितंबर, 1996 को भारत में रिलीज हुई थी. निर्मल पांडे के करियर की ये बेस्ट फिल्मों से एक है. निर्मल पांडे बैंडिट क्वीन में भी नजर आए थे. लेकिन निर्मल पांडे का 47 वर्ष की उम्र में 18 फरवरी 2010 को निधन हो गया था.
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