कागजों पर 'जब्त' थी दिल्ली गैंगरेप वाली बस, फिर भी बिहार तक ढो रही थी सवारियां

दिल्ली के रानी बाग गैंगरेप मामले में एक बड़ा खुलासा हुआ है. जिस बस में महिला के साथ दरिंदगी हुई, उसका नाता बिहार के गोपालगंज से निकला है. पढ़ें मुकेश की यह रिपोर्ट.

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दिल्ली गैंगरेप: वारदात में शामिल बस गोपालगंज की कंपनी के नाम रजिस्टर्ड, 3 लाख का जुर्माना था बकाया
ANI

Bihar News: दिल्ली के रानी बाग इलाके में महिला के साथ हुई गैंगरेप की वारदात में इस्तेमाल हुई बस का कनेक्शन बिहार के गोपालगंज जिले से मिला है. जांच में पता चला है कि यह स्लीपर बस गोपालगंज की एक निजी कंपनी के नाम पर रजिस्टर्ड है और परिवहन विभाग के नियमों को ताक पर रखकर सड़कों पर दौड़ रही थी.

कागजों में जब्त, फिर भी चल रही थी बस

परिवहन विभाग की जांच में चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है. बस पर परमिट, इंश्योरेंस और ओवरलोडिंग जैसे नियमों के उल्लंघन के लिए 4 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया था. इसमें से केवल 1 लाख रुपये चुकाए गए थे, जबकि 3 लाख रुपये बकाया थे. इसी वजह से विभाग ने बस को 'डिजिटल रूप से इंपाउंड' कर रखा था. इसके बावजूद बस अवैध रूप से बिहार से दिल्ली के बीच चलाई जा रही थी.

Photo Credit: ANI

गोपालगंज की कंपनी, मालिक की  हुई पहचान

रिकॉर्ड के मुताबिक, यह बस 'साईं दृष्टि प्राइवेट लिमिटेड' के नाम पर दर्ज है. इसका मालिक गोपालगंज के सिधवलिया थाना क्षेत्र स्थित रामपुर सदौवा गांव का रहने वाला हैप्पी मल्होत्रा है. यह बस टूरिस्ट परमिट पर थी, लेकिन बिना वैध अनुमति के नियमित रूप से दिल्ली के रूट पर परिचालन कर रही थी.

क्या है पूरा मामला?

बताते चलें कि बीते 11 मई की रात दिल्ली के रानी बाग इलाके में इसी बस के अंदर ड्राइवर और कंडक्टर ने एक महिला के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया था. दिल्ली पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर बस को जब्त कर लिया है. अब जांच इस बात की हो रही है कि भारी जुर्माना और जब्ती के बावजूद यह बस आखिर बिहार से दिल्ली तक कैसे पहुंच गई और इसमें किन अधिकारियों की मिलीभगत है.

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