- बेगूसराय जिले के आशा किरण स्वास्थ्य सेवा सदन में नवजात जुड़वां बच्चों में से एक बच्चे के चोरी होने का आरोप लगा
- पीड़ित महिला ने बताया कि प्रसव के बाद दो बच्चों की आवाज सुनाई दी थी लेकिन केवल एक बच्चा ही सौंपा गया था
- महिला के परिजन ने अस्पताल क्लिनिक पर जाकर बच्चे की मांग की तो वहां मौजूद व्यक्ति वहां से भाग गया
बिहार के बेगूसराय जिले से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है,यहां एक निजी अस्पताल में नवजात बच्चा चोरी करने का आरोप लगा है. वीरपुर थाना क्षेत्र के लक्ष्मीपुर चौक स्थित 'आशा किरण स्वास्थ्य सेवा सदन' में प्रसव के बाद एक महिला ने दावा किया कि उसने जुड़वां बच्चों को जन्म दिया था, लेकिन उसे केवल एक ही बच्चा सौंपा गया. पुलिस ने इस मामले में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.
पीड़ित महिला और परिजन ने क्या कहा?
पीड़ित महिला ममता कुमारी ने बताया कि उसकी शादी मुजफ्फरपुर जिला के अहियापुर थाना क्षेत्र स्थित शिवराहा चतुर्भुज गांव के रहने वाले रोशन कुमार के साथ हुई है.दूसरी बार गर्भवती होने पर पिछले साल वह अपने मायके भवानंदपुर नवटोलिया आई और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र वीरपुर में इलाज करवाना शुरू किया. इलाज के दौरान डॉक्टरों ने अल्ट्रासाउंड करवाने की सलाह दी तो शिवानी अल्ट्रासाउंड पकड़ी में अल्ट्रासाउंड कराया जिसमें बताया गया कि तुम्हारे पेट में दो बच्चा है और दोनों बच्चे स्वस्थ हैं.
तो ये है पूरी घटना
19 नवंबर 2025 को प्रसव पीड़ा शुरू हुई तो महिला वीरपुर सरकारी अस्पताल गई.वहां बताया गया कि मेरे पेट में दो बच्चे हैं. यहां प्रसव कराने पर एक बच्चा पैदा होगा और दूसरा बच्चा फंसकर खराब हो जाएगा. वहां की नर्स ने कहा कि किसी अच्छे डॉक्टर के देख-रेख में प्राइवेट अस्पताल जाइए. तब महिला आशा किरण स्वास्थ्य सेवा सदन लक्ष्मीपुर चौक में गई.वहां काम करने वाली निशा कुमारी एवं उजाला कुमारी से मुलाकात हुई.दोनों ने कहा कि डॉक्टर बहुत अच्छे हैं, इन्हीं से तुम्हारा प्रसव सुरक्षित ढंग से करवा दूंगी. महिला ने कहा कि मैंने बच्चों को जन्म दिया तो मुझे दो बच्चों के रोने की आवाज सुनाई दी, उसके बाद मैं बेहोश हो गई.
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थोड़ी देर बाद निशा कुमारी की ओर से मेरे मां को मात्र एक बच्ची दी गई. कहा गया कि सूजन के कारण पेट अधिक बड़ा दिख रहा था. उस समय मेरी मां ने कहा कि बेटी ने दो बच्चों को जन्म दिया है तो वह मां तथा मेरे साथ गाली-गलौज एवं मारपीट करने लगी. बोली एक बच्ची लो और यहां से जाओ, डर से दोनों मां-बेटी घर चली आईं. फरवरी में पता चला कि मैंने दो बच्चों को जन्म दिया, जिसमें एक लड़का एवं एक लड़की थी. यह जानकारी मिलने के बाद मेरे परिजन और ग्रामीण जब क्लिनिक पर जाकर निशा कुमारी से बच्चा की मांग की तो वह भाग गई. आशंका है कि निशा कुमारी की ओर से डॉ. ज्ञान रंजन का बोर्ड लगाकर प्रसव कराया जाता है तथा मासूम बच्चों की खरीद-बिक्री होती है.
घटना के संबंध में अस्पताल प्रबंधन का बयान
इस संबंध में अस्पताल प्रबंधक राजकुमार ने बताया कि बच्चा चोरी का आरोप पूरी तरह से बेबुनियाद और मनगढ़ंत है. ममता कुमारी जिस समय प्रसव करवाने के लिए आई थी, उस समय किसी प्रकार का अल्ट्रासाउंड या कोई रिपोर्ट लेकर नहीं आई थी. उसने चर्चा किया था कि दो अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट मेरे पास है, जिसमें एक मुजफ्फरपुर और दूसरा पकड़ी का बता रही थी, लेकिन अब वह जो रिपोर्ट दिखा रही है वह मंझौल का है. प्रसव होने के 3 महीने के बाद इस मुद्दे को उठाया गया है, जो पूरी तरह से गलत है. डिलीवरी के समय एकमात्र बच्चा हुआ था जो उनके घर के तीन परिजन एवं एक रिश्तेदार को दिखा दिया गया था.
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इस संबंध में थानाध्यक्ष ने क्या कहा?
इस संबंध में वीरपुर थानाध्यक्ष रविन्द्र कुमार ने बताया कि ममता कुमारी की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए BNS की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है. मामले की जांच का जिम्मा SI ऋषिकेश भारद्वाज को सौंपा गया है. सभी पहलुओं पर अनुसंधान चल रहा है, उसके बाद ही खुलासा हो सकेगा.













