सीमांचल की लाइफलाइन कही जाने वाली भागलपुर में विक्रशिला पुल 4 मई को क्षतिग्रस्त हो गया था. जिसके बाद लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा रहा था. लेकिन दूसरी ओर विक्रमशिला पुल को ठीक करने का काम युद्ध स्तर पर किया जा रहा था. अब इस संकट का समाधान कर दिया गया है. बॉर्डर रोड ऑर्गेनाइजेशन (बीआरओ) द्वारा रिकॉर्ड समय में तैयार किए गए चार बेली ब्रिज का निर्माण कार्य पूरी तरह संपन्न हो चुका है. शनिवार (6 जून) को इस नवनिर्मित बेली ब्रिज का सफलतापूर्वक ट्रायल रन किया गया, जिसके बाद प्रशासन ने रविवार यानी 7 जून से इस पर वाहनों के आवागमन को हरी झंडी दे दी है.
इस पुल के चालू होने से भागलपुर सहित कोसी और सीमांचल क्षेत्र के लाखों लोगों को बड़ी राहत मिलेगी, जिन्हें एक महीने से वैकल्पिक रास्तों का चक्कर लगाने को मजबूर थे.
डीएम ने की पुल की बारीकी से निरीक्षण
शनिवार को हुए इस महत्वपूर्ण ट्रायल के दौरान भागलपुर के जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी स्वयं मौके पर मुस्तैद रहे. उन्होंने अपनी देखरेख में पूरी प्रक्रिया का बारीकी से निरीक्षण किया. इस मौके पर उनके साथ सदर अनुमंडल पदाधिकारी विकास कुमार, सिटी डीएसपी अजय चौधरी, पुल निर्माण निगम और पथ निर्माण विभाग के तमाम आला अधिकारी भी मौजूद रहे. अधिकारियों ने पुल की भार क्षमता और सुरक्षा मानकों को परखने के बाद इसे यातायात के लिए पूरी तरह तैयार पाया.
पुल पर पुलिस पिकेट की तैनाती
जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी ने बताया कि बेली ब्रिज पर सुरक्षा और सुचारु यातायात व्यवस्था को लेकर प्रशासन बेहद गंभीर है. किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने और ट्रैफिक को नियंत्रित रखने के लिए पुल पर विशेष पुलिस पिकेट की तैनाती कर दी गई है. इसके साथ ही पूरे परिसर में कई रणनीतिक स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे इंस्टॉल किए गए हैं, जिनकी मदद से यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों और संदिग्ध गतिविधियों पर तीसरी आंख से नजर रखी जाएगी.
10 टन मालवाहक वाहनों को गुजरने की अनुमति
यातायात व्यवस्था को लेकर जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि इस बेली ब्रिज से अधिकतम 10 टन तक के मालवाहक वाहनों को ही गुजरने की अनुमति होगी. भारी वाहनों के प्रवेश पर पूरी तरह रोक रहेगी. इसके अलावा जाम की समस्या से बचने के लिए इस पुल पर वन-वे व्यवस्था लागू की गई है. प्रशासन ने आम लोगों से भी अपील की है कि वे नियमों का पालन करें ताकि क्षेत्र की इस लाइफलाइन पर यातायात बिना किसी बाधा के सुचारु रूप से संचालित हो सके.
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