चेन्नई के एक सरकारी डॉक्टर की सैलरी को लेकर सोशल मीडिया पर जोरदार बहस छिड़ गई है. 28 साल से सरकारी सेवा दे रहे एक डॉक्टर ने अपनी सैलरी स्लिप शेयर की, जिसके बाद लोग इसे बहुत कम बताने लगे.
क्या है पूरा मामला?
चेन्नई के मद्रास मेडिकल कॉलेज में कार्यरत यूरोलॉजिस्ट डॉ. जैसन फिलिप ने मार्च 2026 की अपनी सैलरी स्लिप सोशल मीडिया पर शेयर की है. उन्होंने बताया कि 28 साल की नौकरी के बाद उनकी इन-हैंड सैलरी करीब 1.3 लाख रुपये है. इसके साथ उन्होंने लोगों से राय भी मांगी.
सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस
डॉक्टर की यह पोस्ट वायरल होते ही इंटरनेट पर बहस शुरू हो गई है. कई यूजर्स ने इसे बहुत कम वेतन बताया. कुछ लोगों ने कहा, कि इतने अनुभव के बाद यह सैलरी बहुत कम है. कई यूजर्स ने सलाह दी कि उन्हें प्राइवेट सेक्टर में जाना चाहिए. लोगों का कहना है कि प्राइवेट अस्पतालों में इसी अनुभव वाले डॉक्टर 2 से 5 लाख रुपये या उससे भी ज्यादा कमा सकते हैं.
दूसरे डॉक्टर ने भी जताई चिंता
डॉ. सुधीर कुमार, जो अपोलो हॉस्पिटल्स से जुड़े हैं, उन्होंने भी इस पर प्रतिक्रिया दी. उन्होंने लिखा, कि सरकार उनके अनुभव और सेवा के साथ न्याय नहीं कर रही है और उन्हें वही करना चाहिए जिससे उन्हें संतोष मिले.
क्या करेंगे अब डॉक्टर?
डॉ. जैसन फिलिप ने खुद भी अपनी सैलरी से असंतोष जताया है. उन्होंने जवाब में कहा, कि वह अब सरकारी नौकरी छोड़कर प्राइवेट प्रैक्टिस शुरू करने की योजना बना रहे हैं.
भारत में अक्सर सरकारी और प्राइवेट सेक्टर के डॉक्टरों की सैलरी में बड़ा अंतर देखने को मिलता ह. सरकारी अस्पतालों में काम का दबाव ज्यादा होता है. सैलरी अपेक्षाकृत कम होती है. जबकि प्राइवेट सेक्टर में कमाई के ज्यादा मौके मिलते हैं. इसी वजह से समय-समय पर यह मुद्दा चर्चा में आता रहता है.
(Disclaimer: यह खबर सोशल मीडिया पर यूजर द्वारा की गई पोस्ट से तैयार की गई है. एनडीटीवी इस कंटेंट की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता.)
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