- ईरान ने 9 मार्च को मुजतबा खामेनेई को आधिकारिक तौर पर अपना सर्वोच्च नेता घोषित किया है
- मुजतबा अपने परिवार के सदस्यों की मौत के बाद सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आए हैं
- सीआईए मुजतबा की हाल की तस्वीरों और उनके टेलीग्राम चैनल के संदेश की प्रामाणिकता की जांच कर रही है
ईरान ने 9 मार्च को औपचारिक रूप से मुजतबा खामेनेई को अपना सर्वोच्च नेता नामित किया. अपने पिता, पत्नी और बेटे की जान जाने के बाद से मुजतबा अभी तक सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आए हैं. सीआईए और मोसाद सहित दुनिया भर की खुफिया एजेंसियां शुक्रवार को इस बात का इंतजार कर रही थीं कि क्या मुजतबा अपने पिता की परंपरा का पालन करते हुए फारसी नव वर्ष नवरोज पर भाषण देंगे. हालांकि, उनकी ओर से केवल एक लिखित बयान आया, जिससे उनके ठिकाने और स्वास्थ्य को लेकर रहस्य और गहरा गया.
खुफिया एजेंसियों का क्या पता चला
एक्सियोस की एक रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी और इजरायली खुफिया एजेंसियों के पास मुजतबा के जीवित होने के सबूत हैं, जैसे कि ईरानी अधिकारियों द्वारा उनसे मुलाकात करने की कोशिश करना. एक इजरायली अधिकारी ने एक्सियोस को बताया, "हमारे पास इस बात का कोई सबूत नहीं है कि वास्तव में वही (मुजतबा) आदेश दे रहे हैं."
एक अमेरिकी अधिकारी ने एक्सियोस को बताया, “यह बेहद अजीब है. हमें नहीं लगता कि ईरानी लोग एक मर चुके व्यक्ति को सर्वोच्च नेता चुनने के लिए इतनी मशक्कत करेंगे, लेकिन साथ ही, हमारे पास इस बात का भी कोई सबूत नहीं है कि वह सत्ता संभाल रहे हैं.”
अमेरिका अब ये पता लगा रहा
मुजतबा के टेलीग्राम चैनल पर नव वर्ष के अवसर पर एक संदेश और उनकी कुछ तस्वीरें प्रकाशित होने के बाद, एक अमेरिकी अधिकारी ने एक्सियोस को बताया कि सीआईए यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या ये तस्वीरें हाल की हैं. अधिकारी ने कहा कि अपनी सुरक्षा को खतरे के बावजूद, ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने नवरोज के लिए एक वीडियो संदेश जारी किया. अमेरिका अधिकारी ने आगे कहा, “हमें मुजतबा को भी किसी न किसी रूप में देखने की उम्मीद थी. उन्होंने इस अवसर और परंपरा का लाभ नहीं उठाया. यह एक बड़ा खतरे का संकेत है.”
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