- लगातार छठे दिन ईरान पर इजरायल और अमेरिका के हमले जारी हैं, जिससे मिडिल ईस्ट के कई देश प्रभावित हो रहे हैं
- गुरुवार को अजरबैजान ने ईरान पर ड्रोन हमला करने का आरोप लगाया, जबकि तेहरान ने इस आरोप का खंडन किया है
- युद्ध के कारण मिडिल ईस्ट में तेल आपूर्ति बाधित हुई है और हवाई यात्रा भी ठप पड़ गई है
ईरान ने बृहस्पतिवार को इजरायल और खाड़ी में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया. साथ ही अमेरिका को चेतावनी दी कि ईरानी युद्धपोत को नष्ट करने का उसे "गहरा पछतावा" होगा. तेहरान के ये जवाबी हमले ऐसे समय में हुए हैं, जब इजरायल और अमेरिका लगातार छठे दिन ईरान पर हमले कर रहे हैं. युद्ध हर दिन बढ़ता जा रहा है, जिससे मिडिल ईस्ट और उससे बाहर के 14 और देश प्रभावित हो रहे हैं. गुरुवार को अजरबैजान ने ईरान पर ड्रोन से हमला करने का आरोप लगाया, हालांकि तेहरान ने इससे इनकार किया है. एक दिन पहले, अमेरिका ने कहा कि उसने श्रीलंका के तट से दूर पानी में एक ईरानी फ्रिगेट को डुबो दिया है.
तेल से लेकर हवाई यात्रा ठप
इस बीच, लेबनान के ईरान समर्थित हिज्बुल्लाह के साथ लड़ाई बढ़ने के कारण इजरायल ने बेरूत के सभी दक्षिणी उपनगरों के लिए चेतावनी जारी की. वहीं संयुक्त राष्ट्र के शांति सैनिकों ने दक्षिणी लेबनान में जमीनी लड़ाई की सूचना दी है, क्योंकि इजरायली सैनिक सीमा पार कर गए थे. ईरान ने पलटवार करते हुए अरब देशों को निशाना बनाया है. इससे दुनिया भर में तेल आपूर्ति बाधित हुई है और हवाई यात्रा को भी ठप्प कर दिया है. ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अमेरिकी नौसेना पर इस सप्ताह की शुरुआत में हिंद महासागर में ईरानी फ्रिगेट आईरिस डेना को डुबोने को अपराध बताया और कहा कि इसमें कम से कम 87 लोग मारे गए.
इन देशों के नागरिक और सैनिक मरे
रायटर्स और एएफपी के अनुसार, ईरान में युद्ध के पहले दिन मीनाब के एक प्राथमिक विद्यालय पर हुए हमले में 175 छात्राओं और कर्मचारियों सहित अब तक कुल 1,230 लोग मारे गए हैं. अभी यह स्पष्ट नहीं है कि इस आंकड़े में आईआरजीसी (IRGC) के जवान शामिल हैं या नहीं. वहीं इजरायल एम्बुलेंस सेवा के अनुसार, उसके 10 नागरिक मारे गए हैं. इनमें 1 मार्च को यरूशलेम के पास बेत शेमेश पर हुए ईरानी मिसाइल हमले में मारे गए नौ लोग शामिल हैं. सेना ने अभी तक किसी सैन्य हताहत की सूचना नहीं दी है. लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि इजरायली हमलों में अब तक 77 लोग मारे जा चुके हैं. इराकी स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार कम से कम 13 लोग मारे गए हैं, जिनमें 11 मिलिशिया लड़ाके, एक सैनिक और एक नागरिक शामिल है. अन्य देशों में कुवैत के 2 सैनिकों सहित 3 लोग मारे जा चुके हैं, यूएई में 3, सीरिया में 4 और बहरीन व ओमान में 1-1 व्यक्ति की मौत हुई है. अमेरिकी सेंट्रल कमांड के अनुसार, कुवैत में एक ठिकाने पर हुए हमले में 6 अमेरिकी सैनिक भी मारे गए हैं.
ये भी पढ़ेंः
मिडिल ईस्ट वॉर के बीच भारत ने खामेनेई के निधन पर जताया शोक, जयशंकर ने की विदेश मंत्री से बात
पाकिस्तान की चिंता है कि खत्म नहीं होती, अब भारत-कनाडा को लेकर हुआ चिंतित
चीन आर्थिक मोर्चे पर हुआ कमजोर, 1991 के बाद पहली बार किया ऐसा, 2030 का टारगेट तय
ईरान-इजरायल-अमेरिका-रूस-यूक्रेन जंगों के बीच किम को युद्ध का इंतजार, अब क्रूज मिसाइलें दागीं
ईरान पर हाथ डाल क्या ट्रंप कर गए भूल, रूस और चीन के हाथों में अब पूरा खेल?
ईरान के शाहेद ड्रोन ने अमेरिका और इजरायल की नाक में किया दम, तबाह होकर भी कर रहा बर्बाद













