ट्रंप के भाषण में नो इन्फ्लेशन और कमजोर अर्थव्यवस्था के दावे आंकड़ों से मेल नहीं खाते. ईरान में शासन परिवर्तन और मौतों के आंकड़े को लेकर दावे बढ़ा-चढ़ाकर पेश किए. मिडिल-ईस्ट के तेल और अमेरिका में निवेश को लेकर भी की गई बातें भ्रामक या अधूरी.