जेफरी एप्सटीन की जेल में हत्या हुई, पोस्टमार्टम रिपोर्ट के समय मौजूद रहे डॉक्टर के दावे हिला देंगे

लॉकडाउन के कई घंटों बाद तक अनिवार्य 30 मिनट के अंतराल पर होने वाली जांच नहीं की गई, और गार्डों ने बाद में यह स्वीकार किया कि उन्होंने रिकॉर्ड में हेराफेरी करके यह दिखाया कि जांच पूरी हो चुकी थी.

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जेफरी एपस्टीन की मौत अचानक जेल के कमरे में हुई थी.
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  • एपस्टीन की गर्दन में तीन हड्डियों के फ्रैक्चर पाए गए, जो सामान्य आत्महत्या मामलों में नहीं देखे जाते हैं
  • जेल में सुरक्षा खामियों के कारण एपस्टीन के सेलमेट को हटाया गया और नियमित जांच में गड़बड़ी सामने आई है
  • एफबीआई और महानिरीक्षक की रिपोर्ट में एपस्टीन की मौत की रात अज्ञात व्यक्ति की मौजूदगी को लेकर सवाल उठाए गए हैं
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फेडरल सेक्स ट्रैफिकिंग के आरोपों का सामना कर रहे दुनिया भर के नेताओं और उद्योगपतियों को लड़कियां सप्लाई करने वाला जेफरी एपस्टीन की न्यूयॉर्क जेल में मौत के सात साल बाद उसकी मौत पर सवाल फिर से उठने लगे हैं. एपस्टीन के परिवार की ओर से एपस्टीन के पोस्टमार्टम की जांच करने वाले डॉ. माइकल बैडेन ने एपस्टीन की फांसी से मौत के निष्कर्ष पर अपने संदेह को दोहराया है. द टेलीग्राफ को दिए एक साक्षात्कार में, बैडेन ने कहा कि उनका मानना ​​है कि एपस्टीन की मौत गला घोंटने से अधिक मेल खाती है और उन्होंने मामले की फिर से जांच करने की मांग की. बैडेन ने कहा, "मेरी राय में उसकी मौत फांसी के बजाय गला घोंटने से हुई होगी." उन्होंने आगे कहा कि अब तक उपलब्ध जानकारी के आधार पर, मौत के कारण और तरीके की गहन जांच की आवश्यकता है. 

अगस्त 2019 में, फेडरल सेक्स ट्रैफिकिंग के आरोपों में मुकदमे का इंतजार करते हुए, एपस्टीन मेट्रोपॉलिटन करेक्शनल सेंटर (जेल) की कोठरी में मरा मिला था. न्यूयॉर्क शहर के चिकित्सा परीक्षक ने बाद में उसकी मौत को फांसी लगाकर आत्महत्या करार दिया.

पोस्टमार्टम रिपोर्ट जारी करने वाली खुद मौजूद नहीं थी

बैडेन ने खुद पोस्टमार्टम नहीं किया था, लेकिन वे जांच के दौरान उपस्थित थे. उन्होंने कहा है कि उस समय, उन्होंने और चिकित्सा परीक्षक ने इस बात पर सहमति जताई थी कि ठोस निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले अधिक जानकारी की आवश्यकता है. उन्होंने 2019 में अपने आकलन को "अस्पष्ट" बताया था. आगे की जांच लंबित रहने तक एपस्टीन का मृत्यु प्रमाण पत्र जारी होने के पांच दिन बाद, तत्कालीन मुख्य चिकित्सा परीक्षक बारबरा सैम्पसन ने मौत को आत्महत्या करार दिया और इसे लगातार सही ठहराया है. बैडेन ने द टेलीग्राफ को बताया कि पोस्टमार्टम के दौरान सैम्पसन उपस्थित नहीं थीं.

पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर सवाल क्यों

माइकल बैडेन की तरफ से उठाए गए प्रमुख सवालों में से एक एपस्टीन की गर्दन में तीन फ्रैक्चर की उपस्थिति है, एक हायोइड हड्डी में और दो थायरॉइड उपास्थि में, जैसा कि आधिकारिक ऑटोप्सी रिपोर्ट में दर्ज है. बैडेन ने कहा है कि अपने पांच दशक के करियर में, उन्होंने हिरासत में हुई मौतों सहित, आत्महत्या के मामलों में इस तरह की चोटें नहीं देखी हैं. अगस्त 2019 में, उन्होंने फॉक्स न्यूज को बताया कि सबूत आत्महत्या से ज्यादा हत्या की ओर इशारा करते हैं. रिपोर्ट के अनुसार, एपस्टीन की कानूनी टीम ने भी मेडिकल एग्जामिनर के निष्कर्षों पर असंतोष व्यक्त किया था.

जेल रूम पार्टनर को हटा दिया

जेल में दर्ज सुरक्षा खामियों ने संदेह को और बढ़ा दिया है. अमेरिकी न्याय विभाग की 2023 की एक रिपोर्ट में जेल में कई खामियों का विस्तार से वर्णन किया गया है, जिसमें नियमित सेल जांच न करना और उसका रिकॉर्ड न रखना शामिल है. एपस्टीन के सेल में जरूरत से ज़्यादा बिस्तर और कपड़े भी मिले, जिनमें से कुछ फटे हुए थे. उसकी मौत से एक रात पहले, एपस्टीन के सेलमेट (जेल रूम पार्टनर) को दूसरी जगह स्थानांतरित कर दिया गया था और उसकी जगह किसी और को नहीं रखा गया था.

जेल रिकॉर्ड में हेराफेरी 

लॉकडाउन के कई घंटों बाद तक अनिवार्य 30 मिनट के अंतराल पर होने वाली जांच नहीं की गई, और गार्डों ने बाद में यह स्वीकार किया कि उन्होंने रिकॉर्ड में हेराफेरी करके यह दिखाया कि जांच पूरी हो चुकी थी. अगली सुबह, एपस्टीन ऊपरी चारपाई से लटका हुआ मिला, वह आधा बैठा हुआ था और उसके गले में नारंगी रंग की पट्टी लिपटी हुई थी. गार्डों ने उसे होश में लाने की कोशिश की, लेकिन अस्पताल में उसे मृत घोषित कर दिया गया. बाद में दो सुधार अधिकारियों पर घटना से संबंधित रिकॉर्ड में हेराफेरी करने का आरोप लगाया गया.

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वीडियो लॉग में दिखी चमक

सीबीएस की तरफ से हाल ही में समीक्षा किए गए वीडियो लॉग में एपस्टीन की मौत की रात उसकी चारपाई की ओर बढ़ती हुई एक "नारंगी रंग की चमक" दिखाई दी. एफबीआई के एक ज्ञापन में सुझाव दिया गया था कि वह एक कैदी हो सकता है, जबकि महानिरीक्षक की रिपोर्ट में इसे नारंगी रंग का कपड़ा लिए हुए एक अज्ञात सुधार अधिकारी बताया गया था. तत्कालीन अमेरिकी अटॉर्नी जनरल बिल बार ने कहा था कि उस रात कोई भी उस कक्ष में नहीं गया था. बैडेन के आधिकारिक बयान पर फिर से सवाल उठाने के साथ, एपस्टीन की मौत के आसपास की परिस्थितियां, जो लंबे समय से सार्वजनिक अटकलों का विषय रही हैं, अभी भी अनसुलझी हैं.

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