जेडी वेंस पाकिस्तान नहीं, व्हाइट हाउस में हैं, ट्रंप ने कहा था इस्लामाबाद के लिए निकल चुके हैं उपराष्ट्रपति

डोनाल्ड ट्रंप ने न्यूयॉर्क पोस्ट को कहा था कि जेडी वेंस इस्लामाबाद के लिए निकल चुके हैं. लेकिन AP की रिपोर्ट के अनुसार, वो व्हाइट हाउस में ही हैं.

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  • ईरान और अमेरिका के बीच शांति वार्ता के प्रयास जारी हैं लेकिन अभी तक कोई ठोस परिणाम सामने नहीं आया है
  • अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के पाकिस्तान में होने की खबर गलत साबित हुई, वे व्हाइट हाउस में ही मौजूद हैं
  • राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बातचीत के एक और दौर की बात कही लेकिन सीजफायर बढ़ाने की संभावना कम बताई है
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ईरान और अमेरिका के बीच सीजफायर के बाद बातचीत की कोशिशें जारी हैं. लेकिन इसका कोई नतीजा निकलता नहीं दिख रहा है. एक बार इस्लामाबाद में ईरान और अमेरिका शांति वार्ता कर चुके हैं, जो बेनतीजा रही. अब खबर आई कि शांति वार्ता के लिए फिर अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस फिर इस्लामाबाद गए हैं. AP की रिपोर्ट के मुताबिक यह खबर भी गलत है. जेडी वेंस पाकिस्तान में नहीं हैं बल्कि वे व्हाइट हाउस में ही हैं.

ट्रंप ने कही थी शांति वार्ता की बात

इधर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को कहा कि अमेरिकी वार्ताकार ईरान के साथ बातचीत के एक और दौर के लिए सोमवार को पाकिस्तान में होंगे. हालांकि, उन्होंने युद्ध खत्म करने के लिए किसी समझौते पर पहुंचने की उम्मीदों पर पानी फेर दिया. सोमवार को ब्लूमबर्ग न्यूज से बात करते हुए उन्होंने कहा कि सीजफायर को आगे बढ़ाने की बहुत कम संभावना है.

ट्रंप ने 'द न्यूयॉर्क पोस्ट' को बताया था कि जेडी वेंस पाकिस्तान के रास्ते में हैं. लेकिन अब यह खबरें गलत साबित होती हुई दिख रही हैं. जेडी वेंस का काफिला सोमवार को अमेरिकी समयानुसार करीब 11 बजे व्हाइट हाउस पहुंचा, जिसका मतलब है कि वह ईरान युद्ध से जुड़ी बातचीत के लिए इस्लामाबाद रवाना नहीं हुए हैं. अमेरिकी अधिकारी ने पुष्टि की है कि वह इस सप्ताह इजरायल-लेबनान वार्ता का एक और दौर आयोजित करेगा. सीधी बातचीत का यह दूसरा दौर ऐसे समय में हो रहा है जब इजरायल-हिज्बुल्लाह संघर्ष और ईरान युद्ध के समाप्त होने की संभावनाओं को लेकर अनिश्चितता बढ़ रही है.

अमेरिका और ईरान में फिर बढ़ी टेंशन

अमेरिका ने बीते रविवार को ईरान के झंडे वाले एक मालवाहक जहाज पर हमला करके उसे कब्जे में ले लिया. अमेरिका का कहना था कि जहाज ने होर्मुज स्ट्रेट के पास उसकी नौसैनिक नाकेबंदी से बचने की कोशिश की थी. पिछले हफ्ते ईरानी बंदरगाहों की अमेरिकी नाकेबंदी शुरू होने के बाद यह पहली बार था जब किसी जहाज को रोका गया. ईरान की सेना ने जवाबी कार्रवाई करने की कसम खाई है, जिससे बुधवार को खत्म होने वाला नाजुक सीजफायर खतरे में पड़ गया है.

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बता दें कि इससे पहले 12 अप्रैल को अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर को लेकर लगभग 21 घंटे की बातचीत हुई. हालांकि, यह लंबी बातचीत बिना किसी डील के खत्म हो गई. इसके बाद अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस पाकिस्तान से रवाना हो गए हैं. जेडी वेंस ने कहा कि अमेरिका की तरफ से लगभग एक दिन तक लगातार बातचीत के बाद अपना आखिरी और सबसे अच्छा ऑफर पेश किया गया था. अच्छी नीयत से कई अहम बातचीत हुई लेकिन प्रस्ताव को अभी मंजूरी मिलनी बाकी है.

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