- इजरायली सेना ने ईरान के तालेकान परमाणु केंद्र पर हमला करने का दावा किया है
- इजरायल ने बताया कि तालेकान केंद्र संवेदनशील प्रयोगों के लिए गुप्त परमाणु कार्यक्रम के तहत काम कर रहा था
- अक्टूबर 2024 में हुए हमले के बाद ईरान ने तालेकान केंद्र पर फिर से निर्माण कार्य शुरू किया था
इजरायल की सेना ने ईरान ने ईरान के एक और परमाणु केंद्र "तालेकान" पर हमला किया है. इजरायली सेना का दावा है कि ईरान इस केंद्र का उपयोग परमाणु हथियार विकास में महत्वपूर्ण क्षमताओं को बढ़ाने के लिए कर रहा था. इजरायल की सेना ने एक्स पर पोस्ट कर अपने हमले की सूचना दी है. ईरान पर अमेरिका और इजरायल की तरफ से लगातार हमले हो रहे हैं. इसी कड़ी में आज ईरान के नये सुप्रीम लीडर पर भी हमला हुआ और वो घायल हो गए. हालांकि, वो सुरक्षित हैं.
इजरायली सेना का दावा
IDF ने लिखा, "हाल के सालों में, ईरान की तरफ से इस केंद्र का उपयोग उन्नत विस्फोटक विकसित करने और संवेदनशील प्रयोग करने के लिए किया जा रहा था. ये प्रयोग 2000 के दशक में परमाणु हथियार विकसित करने के गुप्त कार्यक्रम "अमाद" के तहत किए जा रहे थे.
"लाइक अ लायन" ऑपरेशन के दौरान, आईडीएफ ने इजरायल राज्य के लिए उभरते अस्तित्वगत खतरे को समाप्त करने के उद्देश्य से, ईरानी परमाणु हथियार क्षेत्र को आगे बढ़ाने वाले रिसर्च सेंटर्स और बुनियादी ढांचे के खिलाफ व्यवस्थित रूप से कार्रवाई की. कार्यक्रम को भारी नुकसान पहुंचने के बावजूद, ईरान ने अपनी योजना नहीं छोड़ी और परमाणु हथियार बनाने के लिए आवश्यक क्षमताओं का विकास और विस्तार जारी रखा. आईडीएफ ने पाया कि अक्टूबर 2024 में हुए हमले के बाद, ईरान ने हाल ही में उस जगह पर फिर से निर्माण शुरू कर दिया था.
यह हमला ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकने के प्रयासों में एक और कड़ी है. यह हमला "लाइक अ लायन" ऑपरेशन के तहत की गई कार्रवाइयों का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य ईरान के परमाणु कार्यक्रम की नींव को गहरा और निरंतर नुकसान पहुंचाना है.'
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