- अमेरिका और इजरायल के हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई सहित कई शीर्ष कमांडर मारे गए हैं
- ईरान ने कतर, यूएई, बहरीन समेत आठ खाड़ी देशों में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन से हमला किया है
- अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान का नया नेतृत्व बातचीत के लिए तैयार है
ईरान पर अमेरिका और इजरायल के हमले के दो दिन हो गए हैं. इसे ईरान पर अब तक का सबसे खतरनाक हमला कहा जा सकता है, क्योंकि इसमें उसके सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई मारे गए हैं. सिर्फ खामेनेई ही नहीं, बल्कि ईरान के 40 से ज्यादा टॉप कमांडर और नेताओं के मारे जाने का दावा किया जा रहा है. वहीं, ईरान भी जिद पर अड़ा है और एक-एक करके पश्चिमी एशिया के देशों में बने अमेरिकी सैन्य अड्डों पर हमले कर रहा है. पश्चिमी एशिया में अमेरिका के सहयोगियों के ऊपर मिसाइलें दागी जा रही हैं, ड्रोन से हमले किए जा रहे हैं.
खामेनेई की हत्या ईरान के लिए बहुत बड़ा झटका है. उनके मारे जाने के बाद सिर्फ ईरान ही नहीं, बल्कि भारत समेत दुनियाभर में अमेरिका और इजरायल के विरोध में प्रदर्शन हो रहे हैं, नारेबाजी हो रही है. इजरायल ने शनिवार को तेहरान में उस इमारत पर बमबारी की थी, जहां खामेनेई मीटिंग कर रहे थे. इन्हीं हमलों में खामेनेई मारे गए.
इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान का नया नेतृत्व बातचीत की टेबल पर आना चाहता है. ट्रंप ने कहा कि वह उनसे बात करने के लिए तैयार हैं.
ईरान, इजरायल और अमेरिका की जंग में दूसरे दिन क्या हुआ? खामेनेई की मौत के बाद क्या-क्या हुआ? अभी ईरान में क्या हालात हैं? जानते हैं.
खामेनेई की मौत के बाद क्या हुआ?
अयातुल्लाह अली खामेनेई लगभग 5 दशकों से ईरान की सत्ता पर काबिज थे. 1981 में वह ईरान के राष्ट्रपति बने थे. इसके बाद 1989 में रुहोल्लाह खुमैनी की मौत के बाद उन्हें ईरान का सुप्रीम लीडर चुना गया था. वह ईरान के सबसे ताकतवर नेता थे.
शनिवार को जब अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर हमला किया था तो ट्रंप ने कहा था कि उनका मकसद खामेनेई की सत्ता को हटाना है. शनिवार को एक हमले में खामेनेई की मौत हो गई थी. देर रात तक ईरानी मीडिया ने भी उनकी मौत की पुष्टि कर दी.
अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत के बाद अयातुल्लाह अली रजा अराफी को गार्जियन काउंसिल के ज्यूरिस्ट पद पर चुना गया है. मतलब जब तक नया सुप्रीम लीडर नहीं चुन लिया जाता, तब तक अराफी ही ये भूमिका निभाएंगे.
कौन-कौन मारा गया?
इस हमले में अयातुल्लाह अली खामेनेई के अलावा ईरान के और भी टॉप नेता और मिलिट्री कमांडर मारे गए हैं. ट्रंप ने रविवार को फॉक्स न्यूज के साथ बातचीत में दावा किया कि अमेरिका-इजरायल की जॉइंट स्ट्राइक में 48 ईरानी लीडर मारे गए हैं. उन्होंने इस ऑपरेशन को बहुत सफल बताया और कहा कि यह उम्मीद से ज्यादा तेजी से आगे बढ़ रहा है.
इजरायली सेना ने बताया कि हमलों में अब तक ईरान के आर्मी चीफ अब्दुल रहीम मौसवी और रक्षा मंत्री मेजर जनरल अजीज नासिरजादेह भी मारे गए हैं. इनके अलावा IRGC के टॉप जनरल मोहम्मद पाकपोर और कई सीनियर कमांडरों के मारे जाने का भी दावा है.
अमेरिका और इजरायल के हमलों में ईरान की सुप्रीम डिफेंस काउंसिल के चेयरमैन अली शमखानी की भी मौत हो गई है. इनके अलावा, हमलों में खामेनेई की बेटी, दामाद और पोते की भी मौत हो गई.
वहीं, इजरायली सेना (IDF) ने X पर एक पोस्ट की है, जिसमें बताया है कि इन हमलों में कौन-कौन मारे गए हैं. इसमें खामेनेई समेत 15 टॉप लीडर हैं, जो इन हमलों में मारे गए हैं.
कतर, UAE... हर जगह ईरान के हमले
खाड़ी देशों पर ईरान के हमले लगातार जारी हैं. कतर, यूएई और बहरीन समेत उन सभी देशों पर ईरान हमले कर रहा है, जहां अमेरिकी सैन्य अड्डे हैं. यूएई ने बताया कि दो दिन में ईरान ने 165 बैलिस्टिक मिसाइल, 2 क्रूज मिसाइल और 541 ड्रोन दागे हैं. ईरानी हमलों में 3 लोगों की मौत भी हुई है.
वहीं, ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने रविवार को दावा किया था कि उसने अमेरिकी नौसेना के एयरक्राफ्ट कैरियर अब्राहम लिंकन पर हमला किया है. हालांकि, अमेरिका ने इन दावों को खारिज कर दिया है.
ओमान के तट के पास भी एक तेल टैंकर पर हमला हुआ है. इस जहाज के क्रू में भारतीय शामिल हैं. इस हमले में 4 लोग घायल हुए हैं.
ईरान ने खाड़ी के 8 देशों में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है. ये 8 देश हैं- बहरीन, इराक, जॉर्डन, कुवैत, क़तर, सऊदी अरब संयुक्त अरब अमीरात, ओमान. ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने कहा कि ईरान के हमले आत्मरक्षा और अमेरिकी हमले का जवाब हैं.
ट्रंप बोले- ईरान का नया नेतृत्व बातचीत के लिए तैयार
खामेनेई की मौत के बाद ईरान में संभावित नए नेतृत्व ने संकेत दिया है कि वह अमेरिका के साथ बातचीत के लिए तैयार है. ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान का नया नेतृत्व अब बातचीत की मेज पर आने के लिए तैयार हो गया है.
व्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने बताया कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप 'आखिरकार' बातचीत के लिए तैयार हैं, लेकिन फिलहाल सैन्य अभियान 'बिना रुके जारी' है. हालांकि, उन्होंने यह नहीं बताया कि ईरान का संभावित नया नेता कौन है या बातचीत की कथित इच्छा उसने किस तरह जाहिर की.
भारत में भी खामेनेई की मौत पर प्रदर्शन
खामेनेई की मौत होने के बाद कश्मीर से लेकर कर्नाटक तक, भारत के विभिन्न हिस्सों में शिया समुदाय के लोग रविवार को सड़कों पर उतर आए. खामेनेई की शनिवार को तेहरान में एक हवाई हमले में मौत हो गई थी. ईरानी सरकारी मीडिया ने रविवार को इसकी पुष्टि की, जिसके बाद भारत समेत दुनिया भर में विरोध-प्रदर्शन हुए.
कश्मीर के लाल चौक, सैदा कदल, बडगाम, बांदीपोरा, अनंतनाग और पुलवामा में बड़े पैमाने पर विरोध-प्रदर्शन हुए. कश्मीर में करीब 15 लाख शिया हैं. प्रदर्शनकारियों को अपना सीना पीटते और अमेरिका और इजराइल के खिलाफ नारे लगाते देखा गया.
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में बड़ा इमामबाड़ा मस्जिद के पास बड़ी संख्या में लोग जुटे और उन्होंने विरोध-प्रदर्शन के दौरान नारे लगाए.
अखिल भारतीय शिया पर्सनल लॉ बोर्ड के महासचिव मौलाना यासूब अब्बास ने घोषणा की कि सोमवार को विरोध-प्रदर्शन के दौरान अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के पुतले फूंके जाएंगे. अब्बास ने कहा कि शिया समुदाय ने तीन दिन के शोक की घोषणा की है और इस दौरान लोग काले कपड़े पहनेंगे, अपने घरों पर काले झंडे लगाएंगे तथा शोक सभाएं करेंगे.
पंजाब में मुस्लिम आबादी बहुत कम है लेकिन उसके शहर लुधियाना में भी विरोध-प्रदर्शन किए जाने और पुतले फूंके जाने की घटनाएं सामने आईं. शाही इमाम मौलाना मोहम्मद उस्मान रहमानी लुधियानवी ने मांग की कि केंद्र सरकार एक सप्ताह के राष्ट्रीय शोक की घोषणा करे.
अजमेर में भी शिया समुदाय ने खामेनेई के मारे जाने पर तीन दिन का शोक मनाए जाने की घोषणा की. समुदाय के नेता सैयद आसिफ अली ने यह घोषणा करते हुए शिया समुदाय के सदस्यों से अपील की कि वे शोक मनाएं और इस अवधि के दौरान जश्न मनाने से परहेज करें.
दिल्ली, बिहार, झारखंड और तेलंगाना में भी शोक मनाए जाने और नारेबाजी किए जाने के दृश्य देखे गए, जहां खामेनेई के पोस्टर थामे प्रदर्शनकारियों ने अमेरिका और इजराइली सैन्य कार्रवाइयों के खिलाफ अपना गुस्सा जाहिर किया.














