- ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल ने कहा है कि अमेरिका नाकाबंदी हटे बिना होर्मुज नहीं खुलेगा
- ईरान ने कहा है कि होर्मुज पर कंट्रोल बनाए रखेगा. जहाजों पर नजर रखेगा, पास जारी करेगा और फीस लेगा
- परिषद ने कहा कि अमेरिका ने पाकिस्तान के जरिए नया प्रस्ताव भिजवाया है, जिस पर अभी विचार किया जा रहा है
ईरान ने दुनिया में तेल आपूर्ति के सबसे अहम समुद्री रास्ते स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज को लेकर अपना रुख और कड़ा कर लिया है. ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल (SNSC) ने साफ कहा है कि जब तक अमेरिका अपनी नाकाबंदी नहीं हटाता, तब तक होर्मुज को फिर से खोलने पर वह विचार नहीं करेगा. ईरान ने बताया है कि युद्ध रोकने पर बातचीत के लिए अमेरिका ने नया प्रस्ताव भिजवाया है, जिस पर विचार किया जा रहा है.
छूट सिर्फ व्यापारिक जहाजों के लिए थी
तस्नीम न्यूज एजेंसी के मुताबिक, ईरानी सुरक्षा परिषद ने बयान में कहा है कि उसने लेबनान समेत सभी मोर्चों पर संघर्षविराम के बाद स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को सशर्त खोलने की घोषणा की थी. ये छूट सिर्फ व्यापारिक जहाजों के लिए थी. सैन्य जहाजों या दुश्मन देश के अन्य जहाजों को होर्मुज पार करने की इजाजत तब भी नहीं दी गई थी. सीजफायर लागू रहने के दौरान उसने होर्मुज से आवाजाही की इजाजत दी थी.
अमेरिका नाकाबंदी हटने तक नहीं खुलेगा होर्मुज
ईरान ने कहा कि अमेरिका के रुख को देखते हुए उसने होर्मुज में पहले की स्थिति बहाल करने का फैसला लिया है. हमारी तरफ से होर्मुज खोलने की घोषणा के बाद अमेरिका ने कहा कि वह अपनी नाकाबंदी नहीं हटाएगा. दूसरी तरफ इजरायल भी लेबनान में हमले जारी रखे हुए है. इस स्थिति को देखते हुए उसने पहले की तरह होर्मुज से सभी तरह के जहाजों की आवाजाही रोक दी है.
होर्मुज के रास्ते ही अमेरिका अड्डों तक सप्लाई
ईरान की सुरक्षा परिषद ने जोर देकर कहा कि वह अपनी संप्रभुता और आर्थिक हितों से समझौता करके कोई भी रियायत नहीं देगा. अमेरिका फारस की खाड़ी में स्थित अपने सैनिक अड्डों तक सैन्य सप्लाई होर्मुज के रास्ते ही पहुंचाता है. यह ईरान और खाड़ी क्षेत्र के लिए खतरा है.
होर्मुज पर कंट्रोल बनाए रखेगा ईरान
ईरान ने फैसला किया है कि वह होर्मुज पर अपना कंट्रोल और निगरानी बनाए रखेगा. युद्ध का निश्चित अंत होने और क्षेत्र में शांति का पक्का भरोसा होने तक होर्मुज से आवाजाही पर पाबंदी जारी रहेगी. ईरान ने कहा है कि वह होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले सभी जहाजों पर निगरानी रखेगा, पास जारी करेगा और सुरक्षा शुल्क लेगा. अगर दुश्मन ने नाकाबंदी करने का प्रयास किया तो ईरान इसे युद्धविराम का उल्लंघन मानेगा.
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शांति वार्ता के नए प्रस्ताव पर विचार
ईरानी सुरक्षा परिषद ने अमेरिका के साथ चल रही शांति वार्ता पर भी अपना पक्ष रखा है. परिषद ने कहा कि अमेरिका ने पाकिस्तान के आर्मी चीफ आसिम मुनीर के जरिए नया प्रस्ताव भिजवाया है, जिस पर अभी विचार किया जा रहा है.
अमेरिका पर शर्तें तोड़ने का आरोप
ईरान ने दावा किया कि जंग छिड़ने के 10 दिन बाद से ही अमेरिका ने सीजफायर और बातचीत करने के लिए संदेश भिजवाना शुरू कर दिया था. ईरान ने अमेरिका पर इस्लामाबाद वार्ता में अपने पहले के रुख से पलटने का भी आरोप लगाया और कहा कि अमेरिका की जिद की वजह से बातचीत टूटी थी.














