- अमेरिका ने ईरान को युद्ध समाप्ति के लिए 15 सूत्री प्रस्ताव दिया था, जिसमें मध्यस्थ देशों की भूमिका रही है
- मिस्र, पाकिस्तान और तुर्की ने अमेरिका और ईरान के बीच 45 दिनों के युद्ध विराम के लिए मध्यस्थता की है
- ईरान ने अमेरिका के 15 सूत्री प्रस्ताव को अत्यधिक मांग वाला बताते हुए अपनी अलग मांगें प्रस्तुत की हैं
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप काफी दिनों से संकेत दे रहे हैं कि ईरान से युद्ध जल्द समाप्त हो सकता है, मगर हर बार बमबारी और तेज हो जाती है. अमेरिका की ओर से युद्ध समाप्त करने के लिए ईरान को 15 सूत्री प्रस्ताव दिया गया था. मिस्र, पाकिस्तान और तुर्की जैसे देश अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थत की भूमिका निभा रहे थे. आज ही खबर आई कि अमेरिका और ईरान 45 दिनों के युद्ध विराम को लेकर भी चर्चा कर रहे हैं. ईरान ने 45 दिनों के युद्ध विराम से लेकर अमेरिका के 15 सूत्री प्रस्ताव पर अब अपना जवाब दे दिया है.
ईरान का जवाब
ईरान के विदेश मंत्रालय के अनुसार, ओमान के साथ वार्ता होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों के सुरक्षित आवागमन को सुनिश्चित करने के लिए एक प्रोटोकॉल स्थापित करने पर केंद्रित है. अमेरिका का 15 सूत्री प्रस्ताव अत्यधिक मांग वाला है. हमने अपनी मांगों का एक अलग सेट तैयार कर लिया है और उसे औपचारिक रूप दे दिया है. इस संभावना को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता कि "इस्फहान में पायलट बचाव अभियान" ईरान के समृद्ध यूरेनियम को जब्त करने के उद्देश्य से किया गया एक छलपूर्ण अभियान था. युद्धविराम विरोधी पक्ष को फिर से संगठित होने और अपनी कार्रवाई जारी रखने का अवसर प्रदान कर सकता है.
आज ही मिला प्रस्ताव
इससे पहले नाम न छापने की शर्त पर एसोसिएटेड प्रेस से बात करते हुए, मध्य पूर्व के दो अधिकारियों ने बताया कि ईरान और संयुक्त राज्य अमेरिका को रविवार देर रात एक मसौदा प्रस्ताव प्राप्त हुआ, जिसमें 45 दिनों के युद्धविराम और होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने का आह्वान किया गया है. यह प्रस्ताव मिस्र, पाकिस्तान और तुर्की के मध्यस्थों की ओर से आया है, जो उम्मीद कर रहे हैं कि 45 दिनों की यह अवधि स्थायी युद्धविराम तक पहुंचने के लिए वार्ता को पर्याप्त समय प्रदान करेगी. अधिकारियों ने बताया कि प्रस्ताव ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची और अमेरिकी मध्य पूर्व दूत स्टीव विटकॉफ को भेजा गया था.
ट्रंप ने दिया है मंगलवार तक समय
इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को ईरान की महत्वपूर्ण अवसंरचनाओं पर भारी हमले करने की धमकी को और कड़ा करते हुए कहा कि यदि ईरान सरकार मंगलवार की तय समय सीमा तक होर्मुज जलडमरूमध्य को नहीं खोलती है तो अंजाम बहुत बुरा होगा. ट्रंप ने सोशल मीडिया पोस्ट में अपनी धमकी में अपशब्दों का भी इस्तेमाल किया और कहा कि मंगलवार ईरान में "बिजली संयंत्र दिवस और पुल दिवस, सब एक साथ" होगा.
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