ट्रंप ने ईरान पर हमले का दे दिया सिग्नल! बगावत के बीच 648 की मौत, जानें 10 बड़े अपडेट

Iran Protest Updates: ईरान की सरकार सख्त हो गई है. ईरान के विरोध प्रदर्शनों में मरने वालों की संख्या कम से कम 648 तक पहुंच गई है और इसके और बढ़ने की आशंका है.

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Iran Protest Updates: ईरान में विरोध प्रदर्शन रुकने का नाम नहीं ले रहा है
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  • ईरान में विरोध प्रदर्शनों में अब तक कम से कम 648 लोगों की मौत हुई है, जो और बढ़ सकती है
  • ईरानी विदेश मंत्री ने हिंसा के लिए इजरायल और अमेरिका को जिम्मेदार ठहराते हुए स्थिति नियंत्रण में बताई है
  • अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान पर सैन्य कार्रवाई की चेतावनी देते हुए व्यापार करने वाले देशों पर टैरिफ लगाया
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Iran Protest Updates: ईरान पर पूरी दुनिया की नजर टिकी हुई है. यहां जनता के विद्रोह को शुरू हुए दो हफ्ते हो चुके हैं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप वहां सैन्य कार्रवाई की चेतावनी दे रहे हैं, सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की पुलिस लोगों को मौत के घाट उतार रही है... लेकिन इन सबके बावजूद प्रदर्शनकारियों ने हार नहीं मानी है. एक अधिकार समूह ने सोमवार, 12 जनवरी को कहा कि ईरान में विरोध प्रदर्शनों पर हिंसक कार्रवाई में कम से कम 648 लोग मारे गए हैं. चलिए आपको यहां ईरान के विरोध प्रदर्शन पर अबतक के 10 बड़े अपडेट देते हैं.

  1. न्यूज एजेंसी एपी की रिपोर्ट के अनुसार मानवाधिकार कार्यकर्ताओं की न्यूज एजेंसी का कहना है कि ईरान के विरोध प्रदर्शनों में मरने वालों की संख्या कम से कम 648 तक पहुंच गई है और इसके और बढ़ने की आशंका है. यह आंकड़ा अमेरिका स्थित मानवाधिकार कार्यकर्ता समाचार एजेंसी से आया है, जो कई वर्षों के प्रदर्शनों के दौरान सटीक रहा है.
  2. ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने तेहरान में विदेशी राजनयिकों से बात करते हुए जोर देकर कहा है कि "स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में आ गई है". उन्होंने बिना सबूत पेश किए हिंसा के लिए इजरायल और अमेरिका को जिम्मेदार ठहराया है.
  3. ईरान में अब खामेनेई समर्थक भी रैली निकाल रहे हैं, जिनपर आरोप है कि वो सरकार से पैसा लेकर ऐसा कर रहे हैं. सरकार समर्थक प्रदर्शनकारियों ने सोमवार को इस्लामिक शासन के समर्थन में सड़कों पर प्रदर्शन किया. 86 साल के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के शासन को जनता से मिल रही सीधी चुनौती के जवाब में ऐसा किया गया. ईरान के सरकारी चैनल पर इस भीड़ को दिखाया गया. इसमें हजारों लोग शामिल थे और उन्होंने "अमेरिका को मौत!" और "इजरायल को मौत!" के नारे लगाए.
  4. अमेरिका ने फिर ईरान पर हमले की चेतावनी दी है. व्हाइट हाउस ने कहा है कि डोनाल्ड ट्रंप ईरान पर सैन्य बल का इस्तेमाल करने से नहीं डरते. फॉक्स न्यूज से बात करते हुए, व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी कैरोलिन लेविट ने कहा कि भले कूटनीति ट्रंप के लिए "पहला विकल्प" बनी हुई है, लेकिन ट्रंप जब भी आवश्यक समझे अमेरिका की सेना की घातक शक्ति का उपयोग करने से नहीं डरते हैं.
  5. ईरान ने भी कहा है कि वह कूटनीति को मौका देने के लिए तैयार है. ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघई ने कहा कि अमेरिका के लिए एक चैनल खुला है, लेकिन बातचीत "आपसी हितों और चिंताओं की स्वीकृति पर आधारित होनी चाहिए, न कि ऐसी बातचीत जो एकतरफा, एकतरफा और हुक्म पर आधारित हो."
  6. डोनाल्ड ट्रंप ने ऐलान किया है कि जो भी देश ईरान से व्यापार करेंगे, उनपर अमेरिका के अंदर 25 प्रतिशत टैरिफ लगेगा. ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा, 'तुरंत प्रभाव से, इस्लामी गणराज्य ईरान के साथ व्यापार करने वाला कोई भी देश, संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ होने वाले सभी व्यापार पर 25% टैरिफ देगा. यह आदेश अंतिम और निर्णायक है.'
  7. ईरान में मौजूद अमेरिका के वर्चुअल दूतावास ने सोमवार (स्थानीय समय) को अमेरिकी नागरिकों के लिए "ईरान अभी छोड़ दें" की सलाह जारी की. इसमें चेतावनी दी गई कि देश भर में विरोध प्रदर्शन "बढ़ रहा है" और "हिंसक हो सकता है". लोगों को गिरफ्तार किया जा सकता है, वे जख्मी हो सकते हैं और आम जिंदगी जीने में गंभीर व्यवधान" हो सकता है. माना जा रहा है कि यह अमेरिका के हमले से पहले की तैयारी न हो.
  8. ईरान की सरकार अपनी सख्ती बढ़ा रही है. पुलिस ने जनता को एक टेक्स्ट मैसेज भेजा जिसमें चेतावनी दी गई थी: "पिछली रात कुछ भीड़ में आतंकवादी समूहों और सशस्त्र व्यक्तियों की उपस्थिति देखी गई है. वे मौत का कारण बनने वाली योजना बना रहे हैं. किसी भी तुष्टीकरण को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दंगाइयों से निर्णायक रूप से निपटा जाएगा. इस दृढ़ निर्णय को देखते हुए परिवारों को दृढ़ता से सलाह दी जाती है कि वे अपने युवाओं और किशोरों की देखभाल करें."
  9. कथित तौर पर ईरानी अधिकारी विरोध प्रदर्शनों से जुड़ी पहली फांसी की सजा देने की तैयारी कर रहे हैं. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार 26 वर्षीय इरफान सोलटानी को फांसी की सजा सुनाई गई है.
  10. प्रदर्शन 28 दिसंबर को ईरान की करेंसी रियाल के पतन पर शुरू हुआ. 1 डॉलर की कीमत 14 लाख रियाल के पार हो गई है. वजह है कि ईरान की अर्थव्यवस्था अपने परमाणु कार्यक्रम पर लगाए गए अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों से प्रभावित हुई है. विरोध आर्थिक मुद्दों पर शुरू हुआ लेकिन फिर लोगों का गुस्सा तेज़ हो गया और सीधे तौर पर ईरान की धर्मतन्त्र को चुनौती देने वाली मांगों में तब्दील हो गया.

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