- डोनाल्ड ट्रंप ने स्टेट ऑफ द यूनियन संबोधन में दावा किया कि उन्होंने आठ बड़े युद्धों को रोका है.
- ट्रंप के अनुसार भारत-PAK के मई 2025 के चार दिन के संघर्ष सहित कई संघर्षों में उनका हस्तक्षेप महत्वपूर्ण था.
- ट्रंप ने कहा कि पाक PM ने उनसे कहा था- 'अगर आपने हस्तक्षेप नहीं किया होता तो 3.5 करोड़ लोग मर जाते.'
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्टेट ऑफ द यूनियन संबोधन में एक बार फिर अपना पुराना दावा दोहराया. ट्रंप ने कहा कि उन्होंने दुनिया के 8 बड़े युद्ध रोके, जिनमें भारत‑पाकिस्तान का पिछले साल मई में हुआ चार दिन का सैन्य संघर्ष भी शामिल था.
'3.5 करोड़ लोग मर जाते'
ट्रंप ने अपने भाषण में कहा कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने उनसे कहा था- 'अगर आपने हस्तक्षेप नहीं किया होता तो 3.5 करोड़ लोग मर जाते. परमाणु जंग छिड़ जाती.' ट्रंप ने दावा किया कि अपने पहले 10 महीनों में ही उन्होंने 8 युद्ध रोक दिए.
ट्रंप के अनुसार वे ‘8 युद्ध' जिनको उन्होंने रोका
- कंबोडिया-थाईलैंड
- भारत-पाकिस्तान (मई 2025 का चार दिन का सैन्य टकराव)
- इज़रायल-ईरान
- मिस्र-इथियोपिया
- आर्मेनिया-अजरबैजान
- कांगो-रवांडा
- सर्बिया-कोसोवो
- इजरायल-हमास
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भारत का आधिकारिक रुख?
गौरतलब है कि भारत लगातार कहता रहा है कि भारत‑पाकिस्तान विवाद में किसी तीसरे देश का कोई हस्तक्षेप नहीं हुआ, जबकि पाकिस्तान ट्रंप की मध्यस्थता को श्रेय देता है.
ट्रंप ने सोमाली समुदाय के खिलाफ अपनी ज़ेनोफोबिक सोच दोहराई
इसके अलावा राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने भाषण के दौरान अपनी जेनोफोबिक टिप्पणियों को दोहराया कि सोमाली समुद्री डाकुओं ने रिश्वतखोरी, भ्रष्टाचार और अराजकता के माध्यम से मिनेसोटा में तोड़फोड़ की. जेनोफोबिक (Xenophobic) का सरल अर्थ है 'विदेशी लोगों या अजनबियों से डरने या नफरत करने वाला'. ट्रंप ने यहां कहा, 'बिना किसी प्रतिबंध के इमिग्रेशन और खुले बॉर्डर के माध्यम से इन संस्कृतियों का यहां आना उन समस्याओं को भी अमेरिका में लाता है. इसपर मिनेसोटा से डेमोक्रेटिक कांग्रेस सदस्य इल्हान उमर ने अपनी सीट से राष्ट्रपति को झूठा कहा. ट्रंप ने कहा कि उनकी सरकार की ओर से 'धोखाधड़ी पर युद्ध' का नेतृत्व अब उनके उपराष्ट्रपति जेडी वेंस करेंगे.
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एक सांसद ने ट्रंप को दिखाया 'काले लोग बंदर नहीं हैं' वाला बोर्ड
इस दौरान एक डेमोक्रेटिक सांसद को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के स्टेट ऑफ द यूनियन संबोधन से बाहर कर दिया गया, क्योंकि उन्होंने ट्रंप के सोशल मीडिया अकाउंट पर पोस्ट किए गए ओबामा के एक नस्लवादी वीडियो का संदर्भ देते हुए एक बोर्ड लहराया जिसमें लिखा था, 'काले लोग बंदर नहीं हैं!'
जैसे ही ट्रंप कांग्रेस के संयुक्त सत्र को संबोधित करने के लिए पहुंचे, टेक्सास के अनुभवी सांसद अल ग्रीन खड़े हो गए और विरोध चिन्ह लहराने लगे. सांसदों की भीड़ में से कोई उनसे इसे छीनने की कोशिश करता दिखाई दिया. ग्रीन खुद अश्वेत समुदाय से आते हैं. अब अपने स्टैंड पर अड़े रहे. जब ट्रंप ने अपना संबोधन शुरू किया तब भी ग्रीन ने बोर्ड पकड़ रखा था. लेकिन आखिर में उन्हें "यूएसए! यूएसए! यूएसए!" के नारों के बीच सदन से बाहर ले जाया गया.













