- ट्रंप प्रशासन ने क्यूबा से डीजल आयात की परमिशन मांगी थी जिसे क्यूबा ने ईंधन नाकेबंदी के बावजूद ठुकरा दिया
- क्यूबा ने डीजल की कमी के कारण अमेरिका के दूतावास में स्टाफ कम करने की संभावना से इनकार किया था
- क्यूबा इस महीने रूस से पहली बार तेल की खेप प्राप्त करने की तैयारी कर रहा है जिससे ऊर्जा संकट में राहत मिलेगी
अमेरिका को एक छोटे से देश क्यूबा ने अपने एक फैसले से चौंका दिया है. अमेरिका की ट्रंप सरकार ने इस छोटे से देश से डीजल आयात करने की परमिशन मांगी थी जिसे ठुकरा दिया गया है. यह अनुरोध ऐसे समय में किया गया था जब ट्रंप प्रशासन ने क्यूबा पर ईंधन नाकेबंदी (fuel blockade) लगा रखा है. पर सवाल उठता है कि क्यूबा ने इस ब्लॉकेएड के बाद भी अमेरिका को आंख क्यों दिखा दी?
अमेरिका दूतावास की ओर से क्यूबा ने ये अनुरोध अस्वीकार क्यों कर दिया? रिपोर्ट के अनुसार, क्यूबा सरकार ने यह अनुमति इसलिए नहीं दी क्योंकि अमेरिकी विदेश मंत्रालय दूतावास में डीजल की कमी के कारण स्टाफ कम करने पर विचार कर रहा था. यदि ऐसा होता, तो अमेरिका संभवतः वाशिंगटन स्थित क्यूबा दूतावास में भी स्टाफ कम करने की मांग करता. न्यूज एजेंसी एपी की मानें तो दोनों अमेरिकी अधिकारियों ने यह जानकारी गोपनीयता की शर्त पर दी, क्योंकि मामला संवेदनशील है.
क्यूबा की ना के पीछे ये भी वजह
क्यूबा पिछले कुछ वर्षों से तेल की भारी कमी से जूझ रहा है, खासकर तब से जब अमेरिका ने वेनेजुएला के नेता को हटाया, जिसके बाद वेनेजुएला से मिलने वाली महत्वपूर्ण तेल आपूर्ति रुक गई. इसके बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी कि जो भी देश क्यूबा को तेल बेचेगा या आपूर्ति करेगा, उस पर अमेरिका टैरिफ लगा सकता है. ट्रंप प्रशासन की इस नीति के कारण क्यूबा अब अपनी ऊर्जा जरूरतें पूरा करने के लिए.अपनी प्राकृतिक गैस, सौर ऊर्जा और अपने सीमित घरेलू तेल उत्पादन का उपयोग कर रहा है, लेकिन ये स्रोत मांग को पूरा करने के लिए पर्याप्त नहीं हैं.
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डीजल विवाद के पीछे बढ़ता राजनीतिक तनाव
डीजल आपूर्ति पर यह गतिरोध ऐसे समय में हुआ है जब राष्ट्रपति ट्रंप ने क्यूबा के राष्ट्रपति मिगेल डियाज‑कनेल की सरकार में तेज बदलाव लाने की कोशिशें तेज कर दी हैं. ट्रंप ने यहां तक कहा कि क्यूबा के शीर्ष नेताओं को पूर्व वेनेज़ुएला राष्ट्रपति निकोलस मादुरो जैसी स्थिति से बचना चाहिए, जिन्हें जनवरी में हुए अमेरिकी सैन्य अभियान में हटाया गया और गिरफ्तार किया गया था. ध्यान रहे कि वेनेज़ुएला क्यूबा का सबसे करीबी सहयोगी था और उसे सब्सिडी वाले तेल की भारी मात्रा भेजता था. इस समर्थन के खत्म होने से क्यूबा की ऊर्जा स्थिति और खराब हो गई है.
क्यूबा को जल्द मिलेगा रूसी तेल
क्यूबा इस महीने के अंत में रूस से तेल की एक खेप प्राप्त करने की तैयारी कर रहा है,जो पिछले तीन महीनों में उसकी पहली तेल आपूर्ति होगी. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा है कि वे क्यूबा को वह अगला देश मानते हैं, जहां अमेरिका अपना प्रभाव बढ़ा सकता है.एसोसिएटेड प्रेस की एक पुरानी रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी प्रशासन बातचीत जारी रखते हुए यह चाहता है कि दियाज‑कनेल सत्ता से हटें. हालांकि, यह नहीं बताया गया है कि अमेरिका की नजर में सत्ता किसके हाथ में जानी चाहिए.
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