Iran-US War: ट्रंप की होर्मुज पर नाकेबंदी से खौला ईरान का खून, फिर शुरू होगा 'महायुद्ध'?

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  • प्रकाशित: अप्रैल 15, 2026

शांति वार्ता की संभावनाओं के बीच अमेरिका और ईरान के बीच तनाव चरम पर पहुँचता नजर आ रहा है. अमेरिका ने बातचीत की शर्तों में होर्मुज जलडमरूमध्य को सबसे अहम मुद्दा बताया है, लेकिन इसी इलाके में उसने खुद ही सख्त सैन्य नाकेबंदी शुरू कर दी है. नतीजतन होर्मुज में अमेरिका और ईरान की डबल नाकेबंदी जैसी स्थिति बन गई है. ईरान पहले ही साफ कर चुका है कि उसकी इजाजत के बिना कोई भी जहाज होर्मुज से बाहर नहीं जा सकेगा. अब अमेरिका ने भी सोमवार रात 7:30 बजे से इस इलाके में औपचारिक रूप से ब्लॉकेड लागू कर दिया है.

होर्मुज में भारी सैन्य तैनाती

ब्लॉकेड के तहत अमेरिका ने करीब 15 से 16 युद्धपोत होर्मुज और उसके आसपास तैनात कर दिए हैं. इनमें घातक हथियारों से लैस युद्धपोतों के साथ‑साथ एक पनडुब्बी भी शामिल है. दूसरी ओर ईरान ने भी स्पीड बोट्स, ड्रोन और तटीय सुरक्षा को अलर्ट पर रखा है. अमेरिकी सेंट्रल कमांड के मुताबिक इस नाकेबंदी में एम्फीबियस असॉल्ट शिप यूएसएस त्रिपोली शामिल है, जो एफ‑35 लाइटनिंग‑II स्टेल्थ फाइटर जेट और एमवी‑22 ऑस्प्रे एयरक्राफ्ट से लैस है.

यूएसएस अब्राहम लिंकन सबसे आगे

इस तैनाती का सबसे अहम हिस्सा है अमेरिका का शक्तिशाली विमानवाहक पोत यूएसएस अब्राहम लिंकन, जो ओमान की खाड़ी में दाखिल होकर होर्मुज जलडमरूमध्य के बेहद करीब तैनात किया गया है. बताया जा रहा है कि यह ईरानी तट से महज 200 किलोमीटर दूर है, जो अब तक की सबसे करीबी तैनाती मानी जा रही है.

इस नौसैनिक बेड़े में 11 डेस्ट्रॉयर भी शामिल हैं, जिनमें यूएसएस बैनब्रिज, यूएसएस जॉन फिन, यूएसएस माइकल मर्फी, यूएसएस राफेल पराल्टा और यूएसएस मिलियस जैसे जहाज हैं. इसके अलावा ट्रिपोली एम्फीबियस रेडी ग्रुप और पनडुब्बी यूएसएस शार्लोट भी इसी क्षेत्र में सक्रिय है.

ट्रंप की सख्त चेतावनी

डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को ब्लॉकेड की घोषणा करते हुए चेतावनी दी कि जो भी जहाज होर्मुज से गुजरने की कोशिश करेगा, उसे रोककर जांच की जाएगी. खास तौर पर ईरान से आने‑जाने वाले जहाजों पर कड़ी नजर रखी जाएगी. ट्रंप ने दावा किया कि ईरान की नौसेना को भारी नुकसान पहुंचाया गया है और उसके कई जहाज नष्ट किए जा चुके हैं. उन्होंने कहा कि अगर कोई भी जहाज अमेरिकी नाकेबंदी के करीब भी आया तो उसे तुरंत खत्म कर दिया जाएगा.

ईरान की असली ताकत समुद्र में

अमेरिका भले ही ईरान की पारंपरिक नौसेना को कमजोर करने का दावा कर रहा हो, लेकिन होर्मुज में ईरान की असली ताकत उसकी 3,000 से 5,000 स्पीड बोट्स हैं. ये छोटी लेकिन बेहद तेज रफ्तार नौकाएं खराब मौसम में भी हमला करने में सक्षम हैं. इन नावों पर मिसाइलें, मशीन गन और समुद्री माइन्स लगी होती हैं. ईरान की रणनीति सैकड़ों स्पीड बोट्स से एक साथ हमला कर अमेरिकी युद्धपोतों को चारों ओर से घेरने की है, जिन्हें रोकना बेहद मुश्किल होता है.

ईरान की कड़ी चेतावनी और क्षेत्रीय खतरा

अमेरिकी नाकेबंदी के जवाब में ईरान ने चेतावनी दी है कि अगर उसके बंदरगाहों को घेरा गया तो फारस की खाड़ी और ओमान की खाड़ी का कोई भी बंदरगाह सुरक्षित नहीं रहेगा. इसका सीधा असर यूएई और सऊदी अरब जैसे देशों के व्यापारिक केंद्रों पर पड़ सकता है.

आईआरजीसी ने कहा है कि होर्मुज की ओर बढ़ने वाले किसी भी अमेरिकी युद्धपोत को युद्ध विराम का उल्लंघन माना जाएगा और उसका निर्णायक जवाब दिया जाएगा. ईरान ने संकेत दिए हैं कि वह बाब‑अल‑मंदब जलडमरूमध्य तक तनाव फैला सकता है, जिससे वैश्विक व्यापार का करीब 12 प्रतिशत हिस्सा प्रभावित हो सकता है.

वैश्विक चिंता बढ़ी

होर्मुज से दुनिया के तेल और व्यापारिक जहाजों का बड़ा हिस्सा गुजरता है. ऐसे में अमेरिका‑ईरान की यह तनातनी अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानून और वैश्विक अर्थव्यवस्था दोनों के लिए बड़ा खतरा मानी जा रही है. आशंका यही है कि होर्मुज की यह आग कहीं मौजूदा सीजफायर को भी डुबो न दे.

ब्यूरो रिपोर्ट.

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