सम्राट चौधरी को ही क्यों मिली बिहार की कमान? 4 वजहें भी जान लीजिए

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  • प्रकाशित: अप्रैल 15, 2026

 बिहार की राजनीति में आज एक ऐतिहासिक मोड़ आया है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्यपाल से मुलाकात कर अपने पद से इस्तीफा सौंप दिया. इस्तीफे के बाद बीजेपी विधायक दल की बैठक हुई, जिसमें सम्राट चौधरी को सर्वसम्मति से विधायक दल का नेता चुना गया.


बैठक में बीजेपी के सभी विधायक मौजूद रहे. दिल्ली से पहुंचे वरिष्ठ नेता शिवराज सिंह चौहान ने विधायक दल के नेता के नाम का औपचारिक ऐलान किया. आदरणीय विजय कुमार सिन्हा ने सम्राट चौधरी के नाम का प्रस्ताव रखा, जिसे सर्वसम्मति से स्वीकार किया गया. इसके बाद सम्राट चौधरी को बधाइयों का तांता लग गया और गुलदस्ता भेंट कर उनका स्वागत किया गया.


इधर पटना में समर्थकों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला, तो उधर मुंगेर में सम्राट चौधरी के पैतृक गांव में जश्न शुरू हो गया. होली खेली गई, मिठाइयाँ बांटी गईं और ढोल‑नगाड़ों के साथ खुशी मनाई गई. पटना से मुंगेर तक जश्न का माहौल रहा.


एक दिलचस्प और भावुक तस्वीर उस वक्त सामने आई जब नीतीश कुमार और सम्राट चौधरी एक साथ नजर आए. नीतीश कुमार ने सम्राट के लिए ताली बजवाई. सम्राट चौधरी ने नीतीश कुमार का पैर छूकर आशीर्वाद लिया और कहा कि उन्होंने राजनीति नीतीश कुमार से ही सीखी है और उन्हीं के दिखाए रास्ते पर चलकर बिहार को विकसित बनाएंगे.


सम्राट चौधरी कल सुबह 11 बजे बिहार के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे. यह मौका इसलिए भी खास है क्योंकि यह पहली बार है जब बिहार में बीजेपी का मुख्यमंत्री होगा. अब तक बीजेपी सत्ता में रहते हुए भी ‘छोटे भाई’ की भूमिका में रही थी.

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