महाराष्ट्र में सुप्रीम कोर्ट के फैसले से निकला रास्ता

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  • प्रकाशित: नवम्बर 26, 2019
संविधान दिवस के मौके पर सुप्रीम कोर्ट ने एक मज़बूत फैसला दिया. एक ऐसा फैसला जिसने फडणवीस-अजित पवार की जोड़ी के पास सिर्फ इस्तीफा देने के अलावा कोई विकल्प नहीं छोड़ा. 3 जजों की बेंच ने आदेश में कहा कि लोकतांत्रिक मूल्यों को बनाए रखने के लिए तत्काल बहुमत परीक्षण होना चाहिए. शिवसेना, एनसीपी, कांग्रेस की याचिका को स्वीकार करते हुए अदालत ने कहा अगर बहुमत परीक्षण में देरी होती है तो लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा करने के लिए कार्रवाई करने के लिए कोर्ट के सामने अड़चन आ जाती है. तुरंत बहुमत परीक्षण ऐसे मामले में सबसे प्रभावी तंत्र हो सकता है.

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